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चरपपंथी ट्रेनिंग कैंपों का क्या हुआ? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भूकंप से तबाही और राहत-बचाव कार्यों के बीच एक बड़ा सवाल ये भी है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के उन कैंपों का क्या हुआ जिनमें कथित रूप से चरमपंथियों को ट्रेनिंग दी जाती थी. एक ओर भारतीय मीडिया में लगातार ख़बरें आ रही हैं कि भूकंप ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चरमपंथी गुटों को बड़ा नुक़सान पहुँचाया है. दूसरी ओर भारत के प्रधानमंत्री ने डॉक्टर मनमोहन सिंह ने मंगलवार को अपने जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान एक सवाल के जवाब में साफ़ कहा है कि उनके पास ऐसा कोई विस्तृत विवरण नहीं हैं जिससे पता चले कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चरमपंथियों को कितना नुक़सान पहुँचा है. जो ख़बरे भारतीय मीडिया में आ रही हैं उनमें से कुछ में भारतीय सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि लगभग आधे ट्रेनिंग कैंप तबाह हो गए हैं. इन रिपोर्टों में कहा गया है कि बहुत के चरमपंथी भी मारे गए हैं. श्रीनगर में हुई पत्रकारवार्ता में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस बात का कोई खंडन नहीं किया कि ट्रेनिंग कैंप नष्ट होने या चरमपंथियों के मारे जाने की घटना भी हुई है. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में ट्रेनिंग कैंप और चरमपंथियों की मौजूदगी दोनों देशों के बीच विवाद का एक मुद्दा रहा है और शांति प्रक्रिया में इस विवाद का कोई हल नहीं निकल पाया है. भारत लगातार आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से प्रशिक्षित चरमपंथियों को लगातार भारत प्रशासित कश्मीर में भेजा जाता है और आरोप यह भी है कि पाकिस्तान की सेना इसमें मदद करती है. बीबीसी संवाददाता जिल मैकगिवरिंग का कहना है कि यदि इन आरोपों का कोई आधार है तो यह चरमपंथियों के लिए कठिन समय है. उनका कहना है कि अक्तूबर को घुसपैठ के लिए अनुकूल समय माना जाता रहा है क्योंकि यही समय होता है जब ठंड शुरू होने और बर्फ़ पड़ने से पहले सीमापार कर ली जाए. लेकिन भूकंप के बाद की परिस्थितियों में माना जा रहा है कि चरमपंथियों और सेना दोनों के लिए यह कठिन समय है क्योंकि इस समय पूरा ध्यान राहत-बचाव और फिर पुनर्निर्माण में लगा हुआ है. समझा जाता है कि इस समय जिस तरह विदेशी मीडिया इन इलाक़ों में पहुँच रहा है उससे उम्मीद है कि चरमपंथी ट्रेनिंग कैंपों और उनकी अन्य गतिविधियों के बारे में और सूचनाएँ मिलेंगी. |
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