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सीमा रेखा पर सहमति का स्वागत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने मंगलवार को चौंकाने वाला बयान देते हुए जो पेशकश की कि वह कश्मीर के भूकंप पीड़ितों के लिए नियंत्रण रेखा खोलने को तैयार हैं, उसका भारत प्रशासित कश्मीर में स्वागत हुआ है. जम्मू कश्मीर में सत्तारूढ़ पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता महबूबा मुफ़्ती ने परवेज़ मुशर्रफ़ की इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि मुश्किल वक़्त में कश्मीरियों को मिलने दिया जाए तो इससे पीड़ितों की मदद की जा सकेगी. उधर सर्वदलीय हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक ने भी इस पेशकश का ज़ोरदार स्वागत किया है. महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि वह तो पहले से ही ज़ोर दे रही थीं कि राजनीति को एक तरफ़ रखकर कश्मीर के लोगों को मिलने दिया जाए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में इस समय मुसीबत की घड़ी है और "हमें मौक़ा मिलना चाहिए कि हम उनकी मदद कर सकें." महबूबा मुफ़्ती ने बताया कि तंगधार के दौरे के दौरान उन्होंने सीमा पार सिर्फ़ पचास फुट की दूरी पर एक ऐसा गाँव देखा जहाँ अब भी भूकंप पीड़ितों को सहायता नहीं पहुँच सकी थी लेकिन वहाँ भारत की तरफ़ से सहायता नहीं पहुँच सकती थी. उन्होंने कहा कि भारत नियंत्रण रेखा के आरपार आने-जाने की इजाज़त मिलने के बाद इंजीनियर, डॉक्टर और अन्य कई तरह की सहायता पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के लोगों को भेज सकता है. मीरवाइज़ हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक ने भी परवेज़ मुशर्रफ़ की इस पेशकश का स्वागत करते हुए कहा है कि अच्छा हो कि कश्मीर के बीच की रेखा को हमेशा के लिए ही मिटा दिया जाए. उन्होंने कहा कि यह बड़ी ख़ुशी की बात है और इसका हर कश्मीर स्वागत करता है. मीरवाइज़ ने कहा कि ये बड़ी बदक़िस्मती है कि तकलीफ़देह हालात में इस तरह की पेशकश हुई और भूकंप से हुई तबाही के माहौल में एक अच्छी बात ये हुई कि दूरियाँ कम हुई हो रही हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे में लोग एक दूसरे से मिलें और मुश्किल वक़्त में एक दूसरे का साथ दे सकें. मीरवाइज़ उमर फारूक ने कहा कि नियंत्रण रेखा खोलने से सीमा को ख़त्म करने की दिशा में एक अहम क़दम हो सकता है. |
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