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नैटो पाकिस्तान की मदद के लिए पहुँचा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान की भूकंप प्रभावित क्षेत्र के बारे में चेतावनी के बाद अमरीका के नेतृत्व वाले सैनिक संगठन नैटो ने बड़ी मात्रा में राहत सामग्री पाकिस्तान पहुँचानी शुरु की है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने चेतावनी दी थी कि यदि पाकिस्तान में भूकंप प्रभावितों की जल्द मदद न की गई तो और लोगों की मौत हो सकती है. कोफ़ी अन्नान ने पाकिस्तान सरकार की सहायता के लिए अभूतपूर्व प्रयास की आवश्यकता की बात की थी. संयुक्त राष्ट्र ने पिछले हफ़्ते अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से 27 करोड़ डॉलर की मदद माँगी थी लेकिन अब तक उसे आंशिक मदद ही मिली है. इसी संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र की ओर से राहत पहुँचाने के ज़िम्मेदार अधिकारी यान एग्लैन जीनेवा में राहत संस्थाओं के साथ गुरुवार को बातचीत कर रहे हैं. पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या अब 48 हज़ार बताई है. लगभग 67 हज़ार लोग घायल हुए हैं और अनेक लोग अब ख़तरनाक बीमारी टेटनस का शिकार होने लगे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉक्टर इरफ़ान नूर ने बीबीसी को बताया कि बालाकोट में टेटनस के 18 मामले सामने आए है और इससे अब तक दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हुई है. नौटो की मदद नैटो तुर्की के गोदामों से नौ सौ टन राहत सामग्री और दस हज़ार टेंट जल्द ही पाकिस्तान पहुँचाएगा. ऐसा पहली बार हो रहा है कि नैटो संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थियों के लिए संस्था के साथ मिलकर संयुक्त राहत अभियान चला रहा है. नैटो ने फ़्रांसीसी, ब्रितानी और इतालवी विमानों के ज़रिए टेंट, कंबल और स्टोव इत्यादि पहुँचाने की पेशकश की है. पाकिस्तान की सरकार और राहत संस्थाओं ने हज़ारों टेंट उपलब्ध करवाने की पेशकश की है.
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि शायद पूरे विश्व में इतने टेंट उपलब्ध न हो जितने टेंटों की ज़रूरत है. नैटो और हेलिकॉप्टर भी भेज रहा है. संयुक्त राष्ट्र चिंतित बीबीसी संवाददाता के अनुसार संयुक्त राष्ट्र को पाकिस्तान में राहत कार्यों के लिए जितना पैसा चाहिए, उसका एक-चौथाई ही दिए जाने का आश्वासन दिया गया है. जिस 27 करोड़ डॉलर का आश्वासन दिया गया था उसमें से केवल पाँच प्रतिशत ही अब तक संयुक्त राष्ट्र को मिला है. पाकिस्तान से संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थिति चिंताजनक है और लाखों लोगों को सिर पर छत, पानी, खाद्य सामग्री और चिकित्सा की ज़रूरत है. अब ये स्पष्ट हो रहा है कि राहत कार्य छह महीने तक चल सकते हैं. उनके अनुसार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने जितनी धन-राशि देने का आश्वासन दिया है उसका केवल पाँच प्रतिशत ही उपलब्ध करवाया गया है. हज़ारों गाँव से संपर्क नहीं बीबीसी संवाददाता के अनुसार पाकिस्तान के शहरों से दूर स्थिति इलाक़ो में स्थिति चिंताजनक है क्योंकि भूकंप के 12 दिन बाद भी लोग सहायता पहुँचने का इंतज़ार कर रहे हैं. राहत संस्थाएँ लाखों लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने का काम कर रही हैं जबकि हज़ारों नगर और गाँव अब भी बाक़ी इलाक़ों से कटे हुए हैं. वहीं बुधवार को भारत सरकार ने भारत और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर के बीच टेलीफ़ोन संपर्क बहाल कर दिया ताकि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लोग अपने सगे संबंधियों से बात कर सकें. भूकंप प्रभावित इलाक़े:
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