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भारत के राष्ट्रगीत वंदेमातरम् की शताब्दी गुरुवार को देश भर में मनाई गई. लेकिन राष्ट्रगीत को गाए जाने को लेकर छिड़े विवाद थमे नहीं हैं. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वंदे मातरम् के इतिहास पर चर्चित पुस्तक लिखने वाले सव्यसाची भट्टाचार्य का कहना है कि राजनीतिक दल सुविधा के हिसाब से अर्थ निकाल रहे हैं. | 'वंदे मातरम्' को लेकर छिड़े विवाद की पृष्ठभूमि, बहस से जुड़े विभिन्न पक्षों की राय और इस पर चल रही राजनीति सब एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. | वंदे मातरम् की रचना से कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहलू जुड़े हैं और इस रचना को समझने के लिए इन पहलुओं को समझना ज़रूरी है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||