अपनी 'लैंगिकता' के चलते इच्छा मृत्यु की गुहार

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- Author, जोनाथन ब्लेक
- पदनाम, विक्टोरिया डर्बीशायर प्रोग्राम
बेल्जियम में एक गे पुरुष अपनी ज़िन्दगी को इसलिए समाप्त करना चाहते हैं क्योंकि वो अपनी लैंगिकता को नहीं अपना पा रहे हैं.
उन्होंने विक्टोरिया डर्बीशायर प्रोग्राम से अत्यधिक मनोवैज्ञानिक पीड़ा के कारण इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई.
सेबेस्तियन (बदला हुआ नाम) ने बहुत सोच विचार किया है उस पल के बारे में जब वो उम्मीद करते हैं कि उनकी ज़िन्दगी समाप्त हो जाए.
39 साल के सेबेस्तियन कहते हैं, "मैं उस घड़ी के लिए परेशान नहीं हूं जब वो मेरे हाथ में ड्रिप चढ़ाएंगे. मेरे लिए वो एक प्रकार का एनेस्थिसिया होगा."
पहचान छुपाने के लिए हमने इस शख़्स का नाम सेबेस्तियन रखा है, वो बेल्जियम से हैं जहां 2002 से इच्छा मृत्यु क़ानूनी है.
2013 में इच्छा मृत्यु के 1,807 मामलों की पुष्टि की गई. यही सबसे ताज़ा आंकड़े हैं.
इनमें से ज़्यादातर मामले बुज़ुर्गों के हैं जो कैंसर या उसके जैसी भयानक बीमारियों से ग्रसित थे. केवल चार फ़ीसदी मानसिक बीमारियों के शिकार थे.
बेल्जियम में इच्छा मृत्यु के नियम क्या हैं?

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शारीरिक बीमारियों के लिए दो डॉक्टरों को इस बात की पुष्टि करनी होती है कि मरीज़ को इच्छा मृत्यु दी जाए.
मनोवैज्ञानिक बीमारियों के मामले में तीन डॉक्टरों की रज़ामंदी ज़रूरी है.
जो मरीज़ इच्छा मृत्यु की गुहार लगा रहे हैं उन्हें क़ानूनी तौर पर सक्षम और सचेत होना चाहिए.
साथ ही उन्हें अपनी मर्ज़ी से ये गुहार लगानी है.
और वो लाइलाज, निरंतर और असहनीय शारीरिक या मानसिक पीड़ा से प्रताड़ित होना चाहिए.
सेबेस्तियन पर 17 सालों से थेरेपी, काउंसलिंग और दवा चली है, और अब उन्हें लगता है कि उनके पास और कोई चारा नहीं है.
वो दावा करते हैं कि वो कम उम्र के पुरुषों और किशोर लड़कों की तरफ़ आकर्षित होते हैं और एक मुश्किल बचपन का ज़ख़्म अभी भी उनके ज़ेहन में है

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उनकी मां बीमार रहती थीं और घर में कड़ा कैथोलिक अनुशासन रहता था.
वो कहते हैं, "मेरे पूरे जीवन का अनुभव मुझे यहां तक ले आया. मेरी मां मानसिक रोगी थीं, इसलिए मानसिक तौर पर मैं भी सही नहीं था."
"ये सबकुछ मेरे अंदर भर गया था, इसलिए मैं बहुत अकेला हो गया, ख़ुद में रहता था, शारीरिक रूप से बहुत हिचकता था- बाहर जाने से घबराता था, लोग मुझे देख लें इससे बहुत घबराता था, हर पल घबराता था, बेहद शर्मीला."
"बड़ा हुआ तो मेरी मुलाक़ात एक लड़के से हुई और मुझे उससे प्यार हो गया. हम दोनों ही 15 साल के थे. और जानते हैं मेरे लिए ये बर्दाश्त के बाहर था? मैं गे नहीं होना चाहता था."
बेल्जियम में सेबेस्तियन या कोई और जो अपनी मर्ज़ी से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाता है, वो इतना आसान नहीं है कि किसी डॉक्टर से मांग करें और वो उन्हें जानलेवा इंजेक्शन दे दें.
क़ानून साफ़ तौर पर कहता है कि मरीज़ को ये प्रदर्शित करना होगा कि वो लगातार और असहनीय शारीरिक या मानसिक पीड़ा के शिकार हैं.

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मनोवैज्ञानिक मामलों में तीन डॉक्टरों को सहमति देनी होती है कि इच्छा मृत्यु सबसे सही विकल्प है.
बहरहाल सेबेस्तियन इस बात के लिए आश्वस्त हैं कि वो इस मामले को आगे बढ़ाएंगे.
"मैंने हमेशा से मौत की कल्पना की है. मेरे शुरुआती यादों के बारे में सोचें तो ये हमेशा से मेरे ज़हन में था. ये स्थाई तकलीफ़ है, जैसे की मैं ख़ुद के ही शरीर में क़ैद हूं."
"लगातार शर्म की भावना, थकावट महसूस करना, जिन लोगों की तरफ़ आकर्षित नहीं होना चाहिए उनकी तरफ़ आकर्षित होना- मानों जो सब चीज़ें मुझे चाहिए थीं सबकुछ बिल्कुल उसके उलट था.
बेल्जियम में इच्छा मृत्यु के कानून को सभी लोगों का समर्थन हासिल है. और 2002 में इस कानून के लागू होने के बाद से हर साल अनुमोदित मामलों में बढ़ौतरी हुई है.
2014 में कानून में संशोधन कर गंभीर रूप से बीमार बच्चों को भी इच्छा मृत्यु के अधिकार के दायरे में लाया गया.

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लेकिन डॉक्टरों में इसे मानसिक तौर पर बीमार लोगों पर लागू किए जाने को लेकर बहस जारी है.
सेबेस्तियन की इच्छा मृत्यु की गुहार को शुरुआती दौर में स्वीकार कर लिया गया है, उन्हें आगे अब और आकलन की प्रक्रिया से गुज़रना होगा जो ये पूरी तरह से साबित कर सके कि उनका मामला क़ानून के दायरे में है.
पूछे जाने पर कि क्या वो दोबारा इस मामले पर सोचेंगे या कोई दूसरा रास्ता अख़्तियार करेंगे तो वो इसपर संदेह व्यक्त करते हैं.
"अगर कोई मुझे किसी तरह का चमत्कारी इलाज दे सकता है तो क्यों नहीं? लेकिन अभी के लिए मैं वास्तव में इसपर अब यक़ीन नहीं करता हूं. और मैं अब पूरी तरह से थक चुका हूं, जो कुछ भी अब हो."
भले ही वो शांत हैं, अपनी ज़िन्दगी को स्वछंद रूप से ख़त्म करना चाहते हैं , वो इस बात को स्वीकार करते हैं कि इसका आख़िर उनके आसपास के लोगों पर क्या असर होगा.
"सबसे मुश्किल काम अब है अपने परिवार को बताना. अगर मेरी अर्ज़ी स्वीकार कर ली जाती है तो ये सबसे नाज़ुक मसला होगा."
(विक्टोरिया डर्बीशायर प्रोग्राम वीकडे पर बीबीसी टू और बीबीसी समाचार चैनल पर 09:00-11:00 के बीच प्रसारिक किया जाता है)
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