असांज मामले में कब क्या हुआ

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संयुक्त राष्ट्र की समिति ने कहा है कि विकीलीक्स के संस्थापक जूलियान असांज को 'मनमाने तरीके से हिरासत' में रखा गया है और उन्हें रिहा किया जाना चाहिए.
असांज बलात्कार के आरोपों में स्वीडन प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के लिए अगस्त 2010 से लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में शरण लिए हुए हैं.
अमरीकी प्रशासन की गोपनीय फ़ाइलें उजागर कर असांज ने तहलका मचा दिया था.
इस मामले की अब तक की मुख्य घटनाओं पर एक नज़र

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अगस्त 2010: बलात्कार और छेड़छाड़ के दो अलग अलग मामलों में असांज की गिरफ़्तारी का वारंट स्वीडन में जारी. असांज इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हैं.
दिसंबर 2010: लंदन में असांज गिरफ़्तार, दूसरी कोशिश में ज़मानत मिली.
मई 2012: ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट ने असांज को स्वीडन भेजने का आदेश दिया ताकि उन पर लगे आरोपों के सिलसिले में उनसे पूछताछ हो सके.
जून 2012: असांज इक्वाडोर के लंदन स्थित दूतावास में दाख़िल.

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अगस्त 2012: इक्वाडोर ने उन्हें शरण देने की घोषणा की.
अगस्त 2015: स्वीडन के अभियोजकों ने यौन छेड़छाड़ और ज़ोर ज़बरदस्ती के दो आरोप वापस ले लिए, पर बलात्कार का आरोप बरकरार रखा.
अक्तूबर 2015: लंदन की मेट्रोपोलिटन पुलिस ने ऐलान किया कि इक्वाडोर दूतावास के सामने तैनात अफ़सरों को वहां से हटा लिया जाएगा.
5 फ़रवरी 2016: संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि असांज 2010 से ही 'मनमानी तरीके से हिरासत' में रखे गए हैं.
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