नेपाल: संविधान संशोधन प्रस्ताव पारित

इमेज स्रोत, ram sarraff
नेपाल की संसद ने देश के नए संविधान में दो संशोधन करने को लेकर प्रस्ताव पारित कर दिए हैं.
इससे मधेसियों और सरकार के बीच जारी गतिरोध दूर हो सकता है. मधेसी राजनीति में भागीदारी की मांग को लेकर महीनों से आंदोलन कर रहे हैं.
संविधान संशोधन को लेकर हुए मतदान से पहले संसद में मधेसी समुदाय के मंत्री यह कह कर संसद से बाहर चले गऐ कि बिल में कुछ कमियां हैं.

पिछले चार महीनों से नेपाल की तराई में भारत के साथ सटे नेपाल की सीमा पर अल्पसंख्यक प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे देश के अंदर ज़रूरी चीज़ों की कमी हो गई है.
इससे पहले दिसंबर में नेपाल सरकार ने मधेसियों के सामने तीन बिंदुओं वाला <link type="page"><caption> एक प्रस्ताव</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2015/12/151221_nepal_madheshi_movement_development_tk" platform="highweb"/></link> पेश किया था जिसमें नागरिकता संबंधी संशोधन में बदलाव की बात कही गई थी.

बाद में इसी महीने सरकार ने अपने नए संविधान में <link type="page"><caption> संशोधन करने का</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2015/12/151221_nepal_government_ready_amend_pk" platform="highweb"/></link> फ़ैसला ले लिया था.
एक अनुमान के मुताबिक़, नेपाल के निचले हिस्से यानी तराई में रहने वाले मधेसियों की आबादी नेपाल की कुल आबादी की 52 फ़ीसदी है.
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