यूएन में फलस्तीनी झंडा फहराया गया

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न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में पहली बार फलस्तीनी झंडा फहराया गया.
इस मौके पर फलस्तीन अधिकृत क्षेत्र के राष्ट्रपति महमूद अब्बास वहां मौजूद थे.
संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए महमूद अब्बास ने कहा कि फलस्तीन अधिकृत क्षेत्र को देश का दर्ज़ा देने का मुद्दा अभी तक हल नहीं हुआ है, ये बात नितांत अनुचित है.

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उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि फलस्तीन प्रशासन इसराइल से हुए उन समझौतों से बंधा हुआ महसूस नहीं करता है जिनका इसराइल लगातार उल्लंघन करता रहता है.
1993 के ओस्लो समझौते के बाद वैस्ट बैंक और गज़ा पट्टी पर प्रमुख फलस्तीन शहरों का अंतरिम प्रशासन संभालने के लिए फलस्तीन प्रशासन स्थापित किया गया था.
सीधी बातचीत से ही निकलेगा हल

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ये माना गया था कि अगले पांच सालों में इस पर एक विस्तृत संधिपत्र तैयार कर लिया जाएगा.
लेकिन दो दशकों के बाद भी इसराइल से बातचीत का ठोस नतीजा नहीं निकला है.
इस संबंध में आखिरी बातचीत अप्रैल 2014 में हुई थी.
इस महीने की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फलस्तीनी और वेटिकन झंडे को फहराने के पक्ष में एक प्रस्ताव पारित किया था.
इसराइल ने इसके खिलाफ़ वोट दिया जबकि अमरीका और छह अन्य देशों ने इसके पक्ष में. 45 अन्य देशों ने इस पर वोट नहीं दिया था.
संयुक्त राष्ट्र में इसराइल के स्थाई प्रतिनिधि रॉन प्रोसोर ने कहा कि इस वक्त झंड़ा फहराना "संयुक्त राष्ट्र को(अपने पक्ष में) लूटने की खुली कोशिश है".
रॉन प्रोसोर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि फलस्तीन अधिकृत क्षेत्र को देश का दर्ज़ा सिर्फ इसराइल से सीधे बात करने पर ही हासिल हो सकता है.
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