चीन में शी जिनपिंग के साथ कौन लोग अगले 5 सालों तक करेंगे राज?

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- Author, स्टीफ़न मैकडॉनेल
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, बीजिंग से
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीसी ने अंततः चीन पर अगले पांच सालों तक राज करने वाले लोगों के नामों का एलान कर दिया है.
सीपीसी की पोलित ब्यूरो की सात सदस्यीय स्टैंडिंग कमेटी, चीन के राष्ट्रपति की कैबिनेट जैसी होती है. इन्हें पार्टी के भीतर के 'ख़ास लोगों में भी ख़ास' समझा जाता है. यहां तक पहुंचने के लिए न केवल शानदार राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड की ज़रूरत होती है, बल्कि भीतरी प्रतिद्वंद्विता से निपटने की समझदारी भी चाहिए.
किसी कार्यकाल के समाप्त होने के बाद स्टैंडिंग कमेटी में बदलाव होना कोई असामान्य बात नहीं है और इस बार भी ऐसा हुआ.
स्टैंडिंग कमेटी में झाओ लेजी और वांग हुनिंग को छोड़कर किसी और को फिर से इसमें शामिल नहीं किया गया. शी जिनपिंग और इन दोनों को छोड़कर इसके अन्य सदस्य नए हैं और ये सभी जिनपिंग की पसंद हैं.
24 सदस्यों की पोलित ब्यूरो में कोई भी महिला सदस्य नहीं है और इसी संस्था से स्टैंडिंग कमेटी बनती है. राजनीति में कई दशक का अनुभव रखने वाली सुन चुनलन अभी भंग हो चुकी पोलित ब्यूरो की अकेली महिला सदस्य थीं. 72 साल की उम्र में अब वे सेवानिवृत्त हो गई हैं.

सभी जिनपिंग के वफ़ादार लोग
सबसे पहली और अहम बात ये है कि शी जिनपिंग इस बार भी मुखिया हैं और अब जब तक चाहें तब तक इस पद पर बने रहेंगे. किसी को भी ये उम्मीद नहीं की थी कि इस कांग्रेस का परिणाम शी जिनपिंग को कम्युनिस्ट पार्टी के 'केंद्र' में रखने के अलावा कुछ और भी हो सकता है.
इस बार की स्टैंडिंग कमेटी की ख़ासियत है कि इसमें शामिल सभी लोग जिनपिंग के प्रति वफादार हैं. इसमें एक भी ऐसे शख़्स को शामिल नहीं किया गया है, जो उनसे थोड़ा भी अलग नज़रिया रखता हो.
जिनपिंग की टीम में सबसे असाधारण नियुक्ति ली क़ियांग की रही, जिन्हें देश का अगला प्रीमियर यानी प्रधानमंत्री बनाया जा रहा है. वे चीन की अर्थव्यवस्था का प्रबंधन संभालेंगे. कोरोना महामारी के दौरान शंघाई के प्रमुख के रूप में उन्होंने विनाशकारी लॉकडाउन लगाया था, जिसके कारण लाखों लोगों को खाद्य पदार्थों की कमी से जूझना पड़ा. इसके बावजूद उन्हें देश का नंबर 2 नेता बनाया गया है.
इस बात से पता चलता है कि जिनपिंग के प्रति वफादारी सबसे ज़्यादा मायने रखती है. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को प्रतिभा को महत्व देने पर गर्व रहा है, लेकिन उनकी यह नियुक्ति इस चीज़ के ही खिलाफ़ जाती दिखती है.

इससे भी बुरी बात यह होगी कि कइयों को ऐसा लगेगा कि राष्ट्रपति जिनपिंग को आर्थिक मामलों की ज़्यादा समझ नहीं है या वे आर्थिक लक्ष्य पाने के लिए ज़रूरी बातों को प्राथमिकता नहीं देते. इसके बजाय, यह संदेश जा सकता है कि उनके लिए पार्टी का अनुशासन और चीनी राष्ट्रवाद का समर्थन ज़्यादा मायने रखता है.
ज़ीरो-कोविड नीति से लोगों के रोज़गार को भारी नुक़सान पहुंचने के बाद भी इस नीति को ज़बरदस्त समर्थन दिया जाना, इस बात की पुष्टि करने जैसा लगता है.
समस्या यह भी है कि चीन की सत्ता के शीर्ष स्तर पर यानी स्टैंडिंग कमेटी में एक बार फिर कोई महिला नहीं है. आज तक इस समूह में कभी कोई महिला सदस्य नहीं रही है और जिनपिंग भी इस परंपरा को नहीं तोड़ पाए.
'गैंग ऑफ फोर' के समय यानी 60 और 70 के दशक में मैडम माओ इसका एक अपवाद थीं, लेकिन उनका पद आधिकारिक नहीं था. कइयों को इस बात से निराशा हो सकती है, लेकिन इस पर अचरज नहीं करना चाहिए.
अब स्टैंडिंग कमेटी में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में जानिए-

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1. ली क़ियांग (63 साल)
मौजूदा राजनीतिक पदः शंघाई के पार्टी सचिव
शी जिनपिंग के सबसे विश्वसनीय सहयोगी के रूप में देखे जाने वाले ली कियांग ने झेजियांग प्रांत के कई छोटे काउंटीज़ में काम किया.
जिनपिंग जब झेजियांग प्रांत के पार्टी प्रमुख थे, तब ली ने उनके चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में काम किया था.
इस साल के शुरू में शंघाई में कोविड से लड़ाई में उनकी टीम के काम की काफ़ी आलोचनाएं हुई थीं. इस वजह से उनके राजनीतिक भविष्य पर असर पड़ने के कयास लगाए जाते थे.
लेकिन इस कमेटी में हुई उनकी नियुक्ति के साथ ही उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है.
स्टैंडिंग कमेटी में सदस्यों की हुई नई नियुक्तियों की पुष्टि अगले साल की जाएगी. और कइयों का अनुमान है कि ली कियांग देश के अगले प्रीमियर यानी प्रधानमंत्री बनेंगे और इस तरह वे जिनपिंग के बाद देश के नंबर दो नेता हो जाएंगे.

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2. झाओ लेजी (65 साल)
वर्तमान पदः अनुशासन जांच के केंद्रीय आयोग के प्रमुख
झाओ लेजी को चीन में एक उभरते हुए सितारे के रूप में देखा जाता है. शी जिनपिंग की तरह उनका भी शांक्सी प्रांत के साथ गहरा रिश्ता है.
किंघाई प्रांत की सरकार में शामिल होने के बाद वे तेज़ी से सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए और केवल 42 साल की उम्र में गवर्नर बन गए. इस तरह प्रांत के गवर्नर बनने वाले वे सबसे कम उम्र के व्यक्ति बने.
भ्रष्टाचार निरोधी संस्था के मुखिया के रूप में झाओ लेजी पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार हैं. उन्होंने इस पद पर रहते हुए पार्टी के कई वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत लेने की जानकारी दी.

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3. वांग हुनिंग (67 साल)
वर्तमान पदः कम्युनिस्ट पार्टी के सचिवालय के प्रथम सचिव
पेशे से प्रोफेसर रहे वांग हुनिंग तब उठे, जब उन पर सीनियर नेताओं की नज़र पड़ी. उस समय के राष्ट्रपति जियांग ज़ेमिन से उनके नाम की सिफ़ारिश की गई और उसके बाद उन्हें ज़ेमिन का सलाहकार बनाया गया.
पार्टी के राजनीतिक सिद्धांतकार के रूप में, वांग हुनिंग को कम्युनिस्ट पार्टी के कई सिद्धांतों का सिद्धांतकार माना जाता है.
ये 'जियांग ज़ेमिन के तीन प्रतिनिधि', 'हू जिंताओ के विकास का वैज्ञानिक नज़रिया' और 'शी जिनपिंग थॉट' के शिल्पकार रहे हें.
चीन की महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' यानी बीआरआई भी उनकी सोच की ही उपज माना जाता है.
इनके बारे में कहा जाता है कि कम्युनिस्ट पार्टी में इनकी सभी गुटों से अच्छी पटती है.

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4. काई क़ी
उम्र: 66 साल
वर्तमान पदः बीजिंग के मेयर
शी जिनपिंग के क़रीबी सहयोगी रहे काई क़ी ने उनके तहत फ़ुजियान और झेजियांग प्रांतों में काम किया है. वे शी के प्रति पूर्ण समर्पण के पैरोकार रहे हैं.
बीजिंग के मेयर रहते हुए उन्होंने फ़रवरी में हुए बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक की मेज़बानी तब की, जब महामारी अपने चरम पर थी. उनके इस आयोजन को पार्टी ने सफलता के रूप में देखा, जिसका फल उन्हें मिला है.
2017 में वे विवादों में तब आए थे, जब उन्होंने बीजिंग की आबादी कम करने के लिए एक योजना शुरू की थी. इसके तहत शहर से कम आय वाले लोगों को बाहर भेज दिया गया.

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5. दिंग श्वेशियांग (60 साल)
वर्तमान पदः पार्टी के महासचिव और राष्ट्रपति के कार्यालय के निदेशक
पेशे से इंजीनियर रहे दिंग ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत शंघाई के एक सरकारी रिसर्च सेंटर से की.
हालांकि उनके पास प्रांत स्तर के पार्टी सचिव या गवर्नर के रूप में अनुभव की कमी थी, जो आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी माना जाता है.
2007 में वे शी जिनपिंग के सचिव बने थे. 2014 से वे राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख रहे हैं. इस तरह वे शी जिनपिंग के 'चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़' के रूप में काम कर रहे हैं.
वे 'शी जिनपिंग थॉट' के प्रबल समर्थक और उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक हैं. वे जिनपिंग के साथ देश और देश के बाहर भी कई बार गए हैं.
जानकारों का मानना है कि हाल के सालों में उन्होंने चीन के किसी अन्य नेता की तुलना में शायद सबसे अधिक वक़्त बिताया है.

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6. ली शी
उम्र: 66 साल
वर्तमान पदः ग्वांगडोंग प्रांत के पार्टी सचिव
शी के प्रति वफादार होने के साथ इनका अपने नेता के परिवार के साथ क़रीबी रिश्ते भी रहे हैं.
2017 में लियाओनिंग प्रांत में ग़लत आर्थिक आंकड़ों का घोटाला सामने आया था. इन्होंने अच्छे से उस घोटाले से निपटा था.
ये राजनीतिक रूप से अहम उस यानान शहर में पार्टी के नेता थे, जिसे कभी माओत्से तुंग ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पार्टी के मुख्यालय के रूप में इस्तेमाल किया था. शी जिनपिंग ने भी सात साल तक काम किया था.
ग्वांगडोंग में, ली ने तकनीकी उद्योग के विकास और आर्थिक सुधार पर ज़ोर दिया. उन्होंने वहां व्यापार की नई नीतियां बनाईं और क्षेत्रीय एकता को बढ़ावा दिया.
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