चीन क्या अक्साई चिन में नया हाइवे बनाने जा रहा है? - प्रेस रिव्यू

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भारत का पड़ोसी मुल्क चीन, अक्साई चिन से होकर गुज़रने वाले एक और हाइवे के निर्माण की योजना बना रहा है. जो भारत की सीमा से होता हुआ शिन्ज़ियांग को तिब्बत से जोड़ेगा.
द हिंदू अख़बार की ख़बर के अनुसार, इस हाइवे को जी-695 नाम दिया गया है जो विवादित अक्साई चिन से होकर गुज़रने वाला दूसरा राष्ट्रीय राजमार्ग होगा.
अख़बार लिखता है कि इससे पहले 1959 में विवादित जी219 हाइवे बनना शुरू हुआ था. इस हाई-वे को लेकर संभावना जताई गई है कि यह साल 2035 तक बनकर तैयार हो जाएगा.
हांगकांग स्थित साउथ-चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने बुधवार को इस नए हाइवे के संदर्भ में जानकारी दी. पोस्ट के मुताबिक़, यह नया हाई-वे जी219 की तुलना में वास्तविक नियंत्रण रेखा से कहीं अधिक निकट से होकर गुज़रेगा.
हालांकि अभी प्रस्तावित हाइवे का कोई नक्शा पास नहीं किया गया है और यह सिर्फ़ एक योजना-भर ही है लेकिन इस योजना के संदर्भ में जो रिपोर्ट सामने आई है, उसके मुताबिक, यह हाइवे अक्साई चीन को पार करते हुए गुज़रेगा.
इसका एक दूसरा पहलू ये भी है कि ये उन क्षेत्रों के बेहद क़रीब से होकर गुज़रेगा जिन्हें लेकर चीन और भारत के बीच विवाद है. जिनमें से एक डोकलाम का इवाका भी आता है.
पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक़, "नए निर्माण को लेकर अभी कोई पुष्ट जानकारी या विवरण नहीं है लेकिन अगर हाइवे का काम पूरा हो जाता है तो यह डेपसांग, गलवान और हॉट-स्प्रिंग जैसे विवादित क्षेत्रों के पास से होकर गुज़रेगा."
अक्साई चिन पर दावा
लद्दाख के अक्साई चिन इलाक़े को भारत अपना क्षेत्र मानता है मगर वहाँ चीन का नियंत्रण है.
भारत दावा करता है कि चीन ने 1962 के युद्ध के दौरान वहाँ क़रीब 38,000 स्क्वायर किलोमीटर की ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर लिया था.
चीन अरुणाचल प्रदेश में मैकमोहन लाइन को नहीं मानता और अक्साई चिन पर भारत के दावे को भी ख़ारिज करता है.

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नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर हमला
पैगंबर मोहम्मद पर दिए गए नुपूर शर्मा के विवादित बयान का समर्थन करने के कारण एक और शख़्स पर हमले की ख़बर है.
द हिंदू की ख़बर के मुताबिक़. यह मामला मध्य प्रदेश के आगर-मालवा का है. जहां बजरंग दल के एक सदस्य पर क़रीब 13 लोगों के समूह ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया. इसके बाद से इलाक़े में तनाव का माहौल है.
इलाके के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि निशानदेही पर पुलिस ने 13 कथित हमलावरों के ख़िलाफ़ हत्या की कोशिश और अव्यवस्था फैलाने के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार भी किया है.
अख़बार के मुताबिक़ बजरंग दल के एक स्थानीय नेता आयुष जादम का दावा है कि उनके ऊपर हमला इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने मीडिया में खुलेतौर पर नूपुर शर्मा के पैग़ंबर मोहम्मद पर दिए गए बयान का समर्थन किया था.
घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और दूसरे कई दक्षिणपंथी संगठनों से स्थानीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और अभियुक्तों को तुरंत गिरफ़्तार किए जाने की मांग की.

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"अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद से किसी कश्मीरी पंडित ने नहीं छोड़ी घाटी"
संसद का मॉनसून सत्र जारी है. बुधवार को मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में सरकार की ओर से नित्यानंद राय एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि पांच अगस्त 2019 से अब तक कश्मीर घाटी में चरमपंथियों ने 21 अल्पसंख्यकों की हत्या की है.
इसके अलावा कई बाहरी लोग भी मारे गए हैं लेकिन एक पक्ष यह भी है कि तब से लेकर अभी तक किसी कश्मीरी हिंदू-पंडित ने घाटी से पलायन नहीं किया है.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने जानकारी दी, "5 अगस्त 2019 से 9 जुलाई 2022 तक, जम्मू-कश्मीर में चरमपंथियों ने 128 सुरक्षाकर्मियों और 118 आम नागरिकों की हत्या की है. मारे गए 118 आम नागरिकों में से पांच कश्मीरी पंडित थे और 16 अन्य हिंदू-सिख समुदाय के. इस दौरान किसी तीर्थयात्री की हत्या नहीं हुई है."
यह पूछे जाने पर कि इन हत्याओं के कारण कितने कश्मीरी पंडित घाटी से पलायन कर चुके हैं, गृह राज्यमंत्री ने बताया, "प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत घाटी में 5.502 कश्मीर पंडितों को सरकार के अलग-अलग विभागों में सरकारी नौकरी दी गई है. रिकॉर्ड के अनुसार, इस तय सीमा-अवधि में किसी भी कश्मीरी पंडित ने कथित तौर पर घाटी से पलायन नहीं किया है."

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सर्विस टैक्स नहीं देना चाहते हैं तो रेस्त्रां नहीं जाए- हाई कोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हुए कहा कि अगर आप सेवा-शुल्क यानी सर्विस टैक्स नहीं देना चाहते हैं तो रेस्त्रां में खाना खाने मत जाइए.
दैनिक हिंदुस्तान की ख़बर के मुताबिक़, हाई कोर्ट ने होटलों के सेवा शुल्क लगाने पर रोक लगाने वाले केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण के जारी दिशा-निर्देशों पर भी रोक लगा दी है.
हाई-कोर्ट ने दिशा-निर्देशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है.
जस्टिस यशवंत वर्मा की पीठ ने फ़ेडरेशन ऑफ़ होटल्स एंड रेस्त्रां ऑफ़ इंडिया की याचिका पर उपभोक्ता मामले के मंत्रालय को भी नोटिस जारी किया है. हालांकि रेस्त्रां या होटल टेक-अवे या होम-डिलीवरी पर सेवा शुल्क नहीं ले सकेंगे.
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