भारत-चीन तनाव: भारत ने कहा, चीनी सेना ने चलाई गोली, चीन का आया जवाब

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चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सोमवार को पहले भारतीय सैनिकों ने गोली चलाई.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ाओ लिजियान ने अपनी दैनिक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि भारतीय सैनिक अवैध रूप से एलएसी के दूसरी ओर आ गए थे जिसके बाद चीनी सीमा की निगरानी करने वाले सैनिक उनसे बातचीत करने के लिए गए मगर तभी भारतीय सैनिकों ने चेतावनी देने के लिए गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं.
प्रवक्ता ने कहा कि 1975 के बाद ये पहला मौक़ा है जब सीमा पर गोलीबारी हुई है.
चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने कूटनीतिक और सैन्य ज़रिये से भारत से संपर्क किया है और मतभेदों को शांतिपूर्वक बातचीत से दूर किया जाना चाहिए.
चीन की ओर से ये प्रतिक्रिया भारतीय सेना के मंगलवार को आए बयान के बाद की गई है जिसमें दावा किया गया कि "भारतीय सेना ने एलएसी का उल्लंघन नहीं किया और ना ही गोलीबारी जैसी कोई आक्रामक कार्रवाई की."
इससे पहले मंगलवार को ही चीनी सेना के वेस्टर्न थिएटर कमान के एक प्रवक्ता ने आरोप लगाया था कि भारतीय सैनिकों ने पैन्गॉन्ग त्सो झील के दक्षिणी तट पर शेनपाओ पहाड़ी क्षेत्र में एलएसी का उल्लंघन किया और चीनी गश्ती दल की ओर गोलियाँ चलाईं.
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भारतीय सेना का दावा, चीन ने की गोलीबारी
भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा एलएसी पर चीनी सेना के गोलीबारी करने की पुष्टि करते हुए आरोप लगाया है कि चीनी सेना खुल्लमखु्ल्ला समझौतों का उल्लंघन कर रही है और आक्रामक हरकतें कर रही है.
सेना ने अपने एक बयान में कहा है, "सात सितंबर, सोमवार को चीनी सेना (पीएलए) के सैनिक एलएसी पर भारत के एक पोज़िशन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, और जब हमारे सैनिकों ने उन्हें भगाया तो उन्होंने हवा में कई राउंड फ़ायर कर हमारे सैनिकों को डराने की कोशिश की."
सेना ने कहा कि इस उकसाऊ हरकत के बावजूद भारतीय सैनिकों ने संयम बरता और परिपक्व व ज़िम्मेदार बर्ताव किया.
सेना ने आरोप लगाया कि चीन के वेस्टर्न थिएटर कमांड ने अपने बयान से अपने देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय जगत को गुमराह करने की कोशिश की है.

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इससे पहले चीन ने दावा किया था कि सोमवार को एलएसी पर तैनात भारतीय सैनिकों ने एक बार फिर ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से वास्तविक सीमा रेखा को पार किया और चीनी सीमा पर तैनात सैनिकों पर वॉर्निंग शॉट्स फ़ायर किए.
चीन के मुताबिक़ चीनी सैनिक बातचीत करने वाले थे. चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीनी सेना के एक प्रवक्ता के हवाले से लिखा है कि हालात को स्थिर करने के लिए चीनी सैनिकों को मजबूर होकर जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी.
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भारतीय समाचार एजेंसी एएनआई ने भी कहा है कि एलएसी पर पूर्वी लद्दाख में फ़ायरिंग हुई है.
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चीनी सेना के प्रवक्ता सीनियर कर्नल जांग शियूली ने एक बयान जारी कर कहा, "भारतीय सैनिकों ने भारत-चीन सीमा के पश्चिमी हिस्से में एलएसी को पार किया और पंन्गोंग त्सो लेक के दक्षिणी किनारे के नज़दीक शेनपाओ पहाड़ के इलाक़े में घुस गए."

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बयान के अनुसार भारतीय सेना के इस क़दम ने दोनों पक्षों के बीच जो सहमति बनी थी, ये उसका गंभीर उल्लंघन है, और इसने इलाक़े में तनाव बढ़ा दिया है.
चीनी सेना के प्रवक्ता के अनुसार इससे दोनों पक्षों में ग़लतफ़हमी बढ़ेगी और यह गंभीर सैन्य भड़काऊ और घिनौनी कार्रवाई है.

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प्रवक्ता ज़ाँग ने कहा, "हम भारतीय पक्ष से माँग करते हैं कि वो इस तरह के ख़तरनाक हरकतों को फ़ौरन बंद करें, जिन सैनिकों ने एलएसी को पार किया है उन्हें तुरंत वापस बुलाएं, सीमा पर तैनात सैनिकों को क़ाबू में रखें, इस मामले की गंभीरता से जाँच करें और जिन सैनिकों ने भी वार्निंग शॉट्स फ़ायर किए हैं उनको सज़ा दें और ये भी सुनिश्चित करें कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों."
भारत-चीन विदेश मंत्रियों की बैठक
चीनी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि चीनी सैनिक अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा करेंगे.
ये ताज़ा विवाद ऐसे समय में पैदा हुआ है जब भारत और चीन के विदेश मंत्री आपस में मिलने वाले हैं.
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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को चार दिवसीय यात्रा पर मॉस्को जा रहे हैं. जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को जा रहे हैं.
आठ सदस्यों वाले शंघाई सहयोग संगठन के भारत और चीन दोनों ही हिस्सा हैं.
इस दौरान एस जयशंकर अपने चीनी समकक्ष वांग यी से भी द्विपक्षीय बैठक करेंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार हो सकता है कि एस जयशंकर मॉस्को जाते समय तेहरान में थोड़ी देर रुक कर ईरान के विदेश मंत्री जव्वा ज़रीफ़ से भी मुलाक़ात करें.
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