पाकिस्तानी सेना का भारत पर तंज़, कहा- अफ़ग़ानिस्तान में उसका निवेश डूब रहा है – पाकिस्तान उर्दू प्रेस

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    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ़्तिख़ार ने कहा है कि भारत ने अफ़ग़ानिस्तान में अगर अच्छी नियत से निवेश किया होता, तो आज उन्हें जिस मायूसी का सामना करना पड़ रहा है वो नहीं करना पड़ता.

डॉन अख़बार के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में ये बात कही.

अख़बार लिखता है कि मेजर जनरल बाबर इफ़्तिख़ार ने कहा, "भारत की सारी कोशिश इस बात पर थी कि वो अफ़ग़ानिस्तान में अपने क़दम जमाकर पाकिस्तान को नुक़सान पहुँचा सके, लेकिन आज उनको वो तमाम निवेश डूबता नज़र आ रहा है."

वीडियो कैप्शन, अफ़गानिस्तान के राजदूत बोले, भारत तालिबान पर दबाव बना सकता है

इस इंटरव्यू में बाबर इफ़्तिख़ार ने अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया के बहुत से पहलू हैं और इस वक़्त यह एक अति महत्वपूर्ण पड़ाव पर है, और सभी इस बात को समझते हैं.

पाकिस्तान का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका सिर्फ़ एक सहयोगी की है, पाकिस्तान उस शांति प्रक्रिया के सफल होने की गारंटी नहीं दे सकता.

इस पूरे मामले में पाकिस्तान की भूमिका के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सेना के प्रवक्ता का कहना था कि "पाकिस्तान ने पूरी नेक नियती से इस शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की है, जिसमें निश्चित तौर पर दूसरे साझेदार भी शामिल रहे हैं. लेकिन यह समझने की ज़रूरत है कि इस प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका एक सहायक की है और अभी भी पाकिस्तान यह काम कर रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया की सफलता की गारंटी पाकिस्तान नहीं दे सकता."

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का शुरू से यही मानना रहा है कि इस शांति प्रक्रिया का नेतृत्व अफ़ग़ानिस्तान को ही करना है, पाकिस्तान इसके लिए कोशिश करता रहेगा.

अफ़ग़ानिस्तान के 85 फ़ीसद इलाक़े पर क़ब्ज़ा करने के तालिबान के दावे के बारे में उन्होंने कहा कि तालिबान बढ़ा-चढ़ाकर दावे कर रहा है, मगर उनके आकलन के अनुसार तालिबान इस समय अफ़ग़ानिस्तान के 45 से 50 फ़ीसद इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर चुका है.

वीडियो कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान: ईरान सीमा पर तालिबान ने किया कब्ज़ा

सेना के प्रवक्ता ने कहा कि अगर भविष्य में तालिबान पूरे अफ़ग़ानिस्तान पर सत्ता स्थापित करता है, तो यह अफ़ग़ानिस्तान की जनता का अपना फ़ैसला होगा और इसमें बाहर से उनको कोई निर्देश नहीं दे रहा है.

साथ ही उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की सेना अगर सफल होती है तो भी ये अफ़ग़ानिस्तान की जनता का फ़ैसला होगा.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अपना कोई पसंदीदा गुट नहीं है और अफ़ग़ानिस्तान की जनता को यह तय करना है कि वो अपने देश में कैसी सरकार चाहती है.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि बंदूक़ भविष्य का फ़ैसला नहीं कर सकती.

उनका कहना था कि "बंदूक़ ने पिछले 20 सालों में फ़ैसला नहीं किया, तो आगे क्या फ़ैसला करेगी. तालिबान की हालिया सैन्य सफलता एक आक्रमणकारी कार्रवाई है, लेकिन हर हालत में फ़ैसला बैठकर ही करना होगा, नहीं तो इससे गृहयुद्ध की आशंका है जिसमें किसी की भी भलाई नहीं है."

अतमर

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पाकिस्तान तालिबान के ख़िलाफ़ मदद करे: अफ़ग़ानिस्तान

अफ़ग़ानिस्तान ने तालिबान के ख़िलाफ़ पाकिस्तान से मदद की गुहार लगाई है. अख़बार जंग के अनुसार, अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री हनीफ़ अतमर ने पाकिस्तान के एक निजी न्यूज़ चैनल को दिये इंटरव्यू में कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि तालिबान को रोकने में पाकिस्तान उनकी मदद करेगा.

उनका कहना था कि इस वक़्त अल-क़ायदा, तहरीके तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और दूसरे समूह तालिबान के साथ मिलकर अफ़ग़ानिस्तान सरकार के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि सारे दहशतगर्द एक जैसे होते हैं, कोई अच्छा-बुरा नहीं होता है.

उन्होंने पाकिस्तान से अपील की कि वो तालिबान को बातचीत के लिए तैयार करने में अफ़ग़ानिस्तान की मदद करे.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में स्थायी शांति बहाल करना अफ़ग़ानिस्तानी नेतृत्व और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शक्तियों की सामूहिक ज़िम्मेदारी है.

उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन से फ़ोन पर बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति बहाली के मामले में पाकिस्तान और अमेरिका की सोच एक जैसी है.

क़ुरैशी ने कहा कि इतिहास से सबक़ सीखकर पाकिस्तान आगे की रणनीति बना रहा है.

उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान का कोई 'फ़ेवरेट' नहीं है.

क़ुरैशी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वो तालिबान के शीर्ष नेतृत्व, अफ़ग़ानिस्तान सरकार और उत्तरी गठबंधन (नॉर्दर्न अलायंस) के नेताओं के संपर्क में हैं.

क़ुरैशी ने कहा कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री हनीफ़ अतमर को पाकिस्तान आने की दावत दी है.

उधर पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ़ ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में हालात बहुत ख़राब हैं और पाकिस्तान के क़ाबू से बाहर हैं.

पाकिस्तान टीकाकरण

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पाकिस्तान में कोरोना की चौथी लहर की आशंका

पाकिस्तान में डेल्टा वेरिएंट के कई मामले सामने आये हैं. अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, केंद्रीय मंत्री और नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (एसीओसी) के प्रमुख असद उमर ने कोरोना की चौथी लहर शुरू होने की चेतावनी दी है.

उन्होंने कहा कि अगर कोरोना के दिशा-निर्देशों का सख़्ती से पालन नहीं किया गया तो फिर कई पाबंदियाँ लगाई जाएंगी.

उन्होंने कहा कि दो हफ़्ते पहले ही इसकी चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब तो चौथी लहर के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि बकरीद से पहले और पाबंदियाँ लागू की जाएंगी. एक अगस्त से बग़ैर वैक्सीन लिए हवाई यात्रा की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

इसके अलावा देश के अंदर ही पर्यटन पर जाने वाले 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लेना अनिवार्य होगा और वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट के बग़ैर यात्रा करने और होटल में बुकिंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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