अब राजधानी, दुरंतो, शताब्दी में 'सर्ज प्राइसिंग'

राजधानी, दुरंतो और शताब्दी

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अख़बारों में राजधानी, दुरंतो और शताब्दी एक्सप्रेस के रेल किरायों में बढ़ोतरी की ख़बर छाई है.

<link type="page"><caption> इंडियन एक्सप्रेस </caption><url href="http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/indian-railways-ticket-price-hike-50-percent-rajdhani-shatabdi-3019567/" platform="highweb"/></link>ने लिखा है कि केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि प्रिमियम ट्रेन सेवा जैसे राजधानी, दुरंतो और शताब्दी एक्सप्रेस के बेस प्राइस पर करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी. इससे इन ट्रेनों में सफ़र करना क़रीब-क़रीब हवाई जहाज़ में सफ़र के बराबर महंगा हो सकता है.

नई स्कीम के मुताबिक़ रेलवे सिर्फ़ दस प्रतिशत सीटें ही पहले की क़ीमत पर देगा. बाकी 90 फीसदी सीटों के लिए दस-दस प्रतिशत किराया बढ़ता जाएगा जो कि 40 फ़ीसदी से 50 फ़ीसदी तक होगा. ये एक तरह का सर्ज प्राइसिंग है.

ये 'फ्लेक्सी फेयर्स' शुक्रवार से लागू होंगे, लेकिन जिन्होंने पहले ही टिकट बुक करा लिए हैं उन्हें इसका भुगतान नहीं करना होगा.

 पुलिस

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<link type="page"><caption> हिंदुस्तान टाइम्स </caption><url href="http://www.hindustantimes.com/india-news/sc-asks-states-uts-to-upload-firs-on-websites-within-24-hours/story-UYtmYO9AvJSAQnhqbi3cVN.html" platform="highweb"/></link>में ख़बर है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एफ़आईआर दर्ज होने के एक दिन के अंदर उसे ऑनलाइन सार्वजनिक किया जाए.

इससे न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी हो सकेगी. इससे संदिग्धों और अभियुक्तों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा हो सकेगी, पुलिस की मनमानी पर रोक लग सकेगी जो कि अक्सर एफ़आईआर की कॉपी मांगने पर पैसे मांगते हैं.

<link type="page"><caption> इंडियन एक्सप्रेस </caption><url href="http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/pune-village-elects-94-year-sarpanch-gangubai-3019496/" platform="highweb"/></link>ने लिखा है कि पुणे के गांव में 94 साल की एक महिला सरपंच बनी हैं.

पुणे के खेड तालुका में भांबुरवाड़ी गांव की गंगूबाई निवृत्ति भांबुरे निर्विरोध सरपंच चुनी गई हैं. अपने सम्मान समारोह से वो जल्दी निकल गईं और उन्होंने कहा, ''अब काम का समय है. मुझे लोगों के लिए कुछ करना है वरना मेरे सरपंच बनने का कोई फ़ायदा नहीं है.''

उन्होंने कहा, ''मैं लोगों को निराश नहीं करूंगी. मैं युवाओं की तरह चल सकती हूं और शिक्षक की तरह बोल सकती हूं.''

लाइसेंस

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<link type="page"><caption> हिंदुस्तान टाइम्स </caption><url href="http://www.hindustantimes.com/india-news/soon-carry-digital-versions-of-driving-licence-registration-in-your-cell-phone/story-5cLKMc0KsFfOwczk4LSXhL.html" platform="highweb"/></link>ने लिखा है कि अब लाइसेंस की कॉपी लेकर हर जगह जाने की ज़रूरत नहीं है, डिजिटल लाइसेंस से आपका काम बन जाएगा. स्मार्टफ़ोन में लॉग इन कर इसे दिखाया जा सकता है.

इस नई सुविधा को केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत डिजिटल लॉकर से जोड़ा गया है. डिजिटल लॉकर सर्टिफ़िकेट और दस्तावेज़ ऑनलाइन सुरक्षित रखने का नया तरीक़ा है.

सुप्रीम कोर्ट

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<link type="page"><caption> टाइम्स ऑफ़ इंडिया</caption><url href="http://timesofindia.indiatimes.com/NHRC-seeks-more-teeth-clashes-with-Centre-gets-SCs-support/articleshow/54159255.cms?" platform="highweb"/></link> ने लिखा है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ज़्यादा अधिकारों की मांग की है, इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में सरकार से तनातनी भी हुई है और सुप्रीम कोर्ट ने मानवाधिकार आयोग का समर्थन किया है.

मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि अगर आयोग की सिफारिशें बाध्यकारी नहीं हैं तो फिर इसकी जांच का कोई मतलब नहीं रह जाता.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो भी चाहता है कि मानवाधिकार आयोग की सिफारिशें नज़रअंदाज न हो जाएं. वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि सिफारिशें सिर्फ सिफारिशें ही हैं, अदालत इसे सरकार को इन्हें मानने के लिए बाध्य नहीं कर सकती.

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