हुर्रियत बिना कितनी कामयाब होगी अमन वार्ता

कश्मीर

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इमेज कैप्शन, भारत प्रशासित कश्मीर में बीते दो महीनों से तनाव जारी है.
    • Author, माजिद जहांगीर
    • पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

28 सदस्यों का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल आज भारत प्रशासित कश्मीर पहुंचा.

दल का नेतृत्व भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं.

8 जुलाई को संदिग्ध चरमपंथी बुरहान वानी की सुरक्षाबलों के साथ कथित मुठभेड़ में हुई मौत के बाद से कश्मीर घाटी में बीते दो महीने से तनाव है.

प्रतिनिधिमंडल घाटी के अलग-अलग राजनीतिक दलों से मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेगा. हालांकि राजनाथ सिंह उन्हीं लोगों से मिलेंगे जो उनसे मिलने में दिलचस्पी दिखाएंगे.

भारत प्रशासित कश्मीर

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इमेज कैप्शन, तनावपूर्ण माहौल के कारण भारत प्रशासित कश्मीर में लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं.

केंद्र सरकार ने बीते 12 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कश्मीर के मुद्दे पर हुई एक सर्वदलीय बैठक में इस प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर भेजने का फ़ैसला लिया था.

दल के श्रीनगर पहुँचने से पहले शनिवार रात राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने एक बयान जारी कर बातचीत में अलगाववादियों को शामिल करने की अपील भी की.

महबूबा के बयान में कहा गया है कि अलगाववादी नेता अपना समय और स्थान चुनकर इस दल के साथ बातचीत करें.

महबूबा मुफ़्ती

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इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने अलगाववादियों से भी बातचीत में शामिल होने की अपील की है.

वहीं अलगाववादी नेता और हुर्रियत कांफ्रेंस गिलानी गुट के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी ने दो दिन पहले ही साफ़ कर दिया था कि वो प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में शामिल नहीं होंगे.

गिलानी ने अपने बयान में कहा है कि वो वार्ता में तब ही शामिल होंगे जब भारत सरकार कश्मीर को एक विवादित मुद्दा माने और कश्मीर से सेना को हटाने के प्रयास शुरू किए जाएं.

कश्मीर के व्यापारिक मंडल 'कश्मीर इकोनॉमिक एलायंस' ने भी इस प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इंकार किया है.

एलायंस के मुखिया मोहम्मद यासीन ख़ान ने बीबीसी को बताया, "हम इस प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलेंगे, ये सिर्फ़ फोटो सेशन होगा."

पेलेट गन

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इमेज कैप्शन, कश्मीर में सुरक्षाबलों की कार्रवाइयों में बड़ी तादाद में युवा घायल हुए हैं.

दो महीने पहले कश्मीर में तनाव शुरू होने के बाद से गृहमंत्री राजनाथ सिंह तीसरी बार कश्मीर पहुँच रहे हैं.

राजनाथ सिंह के नेतृत्व में इस दल के कश्मीर पहुंचने से एक दिन पहले ही दक्षिणी कश्मीर में पैलेट लगने से एक कश्मीरी युवक की मौत हुई है.

बीते दो महीनों में अब तक पुलिस और सेना की कार्रवाई में 72 लोगों की जान जा चुकी है और हज़ारों घायल हुए हैं. मृतकों और घायलों में अधिकतर युवा हैं.

कश्मीर में बीते सप्ताह 51 दिनों के बाद कर्फ़्यू में ढील दी गई थी.

राजनाथ सिंह

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इमेज कैप्शन, भारतीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह हालात ख़राब होने के बाद से तीसरी बार कश्मीर पहुँच रहे हैं.

इससे पहले साल 2010 में जब कश्मीर में हालात ख़राब हुए थे तब भी एक प्रतिनिधिमंडल कश्मीर आया था.

इस बार हालात और भी ख़राब हैं. क्या ये प्रतिनिधिमंडल सुलगते कश्मीर पर पानी डालने में कोई भूमिका निभा पाएगा.

कश्मीर के लोग इसी सवाल के जवाब के इंतेज़ार में हैं.

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