बुलंदशहर रेप मामले में आज़म ख़ान को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान को बुलंदशहर बलात्कार मामले में उनके विवादित बयान पर नोटिस जारी किया है.
29 जुलाई की रात उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर ज़िले में दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाइवे पर एक मां और बेटी के साथ कथित सामूहिक बलात्कार किया गया था.
घटना पर आज़म ख़ान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि कहीं ऐसे घटनाओं को ऐसे लोग तो अंजाम नहीं दे रहे हैं जो विपक्षी विचारधारा के हों और सरकार को बदनाम करना चाहते हों.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट ने आज़म ख़ान को ये नोटिस पीड़िता के पिता की इस याचिका पर जारी किया कि गैंगरेप मामले को उत्तर प्रदेश से बाहर शिफ़्ट किया जाए.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि आज़म ख़ान जैसे राजनीतिक नेताओं के बयान जांच और पूरे तंत्र में शक पैदा करते हैं.
एएनआई के अनुसार अदालत ने सवाल किया कि बलात्कार को षडयंत्र बताना क्या अभिव्यक्ति की आज़ादी है या फिर ये संवैधानिक संवेदना के सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है.
आज़म ख़ान का ये बयान उस वक़्त आया था जब पीड़िता के परिवार ने कहा था कि अगर पुलिस उन्हें अगले तीन महीने में न्याय नहीं देती तो वो आत्महत्या कर लेंगे.
रिपोर्टों के मुताबिक़ इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और क़रीब दर्जन भर लोगों को हिरासत में लिया गया है.
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