'दलितों के उत्पीड़न की जांच संसदीय समिति करे'

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लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुजरात में दलितों की पिटाई के मामले की सयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच करने की मांग की है.
उन्होंने कहा कि इस मामले की जेपीसी से जांच कराकर इस घटना से जुड़ी सभी तथ्यों को सदन के पटल पर रखा जाना चाहिए.
इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में गुजरात में दलितों की पिटाई पर हुई चर्चा के बाद बयान दिया.
उन्होंने कहा, "गुजरात में जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. ग्यारह जुलाई तक प्रधानमंत्री दूसरे देशों के दौरे पर थे और जब वापस लौटे तो उन्होंने मुझे बुलाकर इस घटना की जानकारी ली."

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गृहमंत्री ने कहा, ''गुजरात सरकार इस मामले में न्याय दिलाने के लिए तेज़ी से कोशिश कर रही है. स्पेशल कोर्ट के गठन के लिए हाई कोर्ट से इजाज़त मांगी गई है.''
केंद्रीय गृहमंत्री ने इस मामले में तेज़ी से की गई कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया. इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया.
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने संसद परिसर में कहा क,' गृहमंत्री का अपनी ही सरकार की तारीफ करना दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है. गृहमंत्री को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए.'
राजनाथ सिंह ने बताया कि इस घटना के सात पीड़ितों में से चार को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. जबकि तीन का अभी भी राजकोट के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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उन्होंने बताया कि पीड़ितों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठा रही है. पीड़ितों के लिए राज्य सरकार ने चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है. इसमें से एक लाख रुपए उन्हें दे दिए गए हैं.
गृहमंत्री ने कहा कि सरकार दलितों के साथ हो रही इस तरह की घटनाओं को सामाजिक बुराई मानती है और इस बुराई को ख़त्म करने के लिए प्रतिबद्धता जताती है.
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