'भागवत जी गाय का अंतिम संस्कार कीजिए'

मोहन भागवत

इमेज स्रोत, Reuters

गुजरात में कथित गौरक्षकों के हाथों दलित युवकों की पिटाई का मुद्दा सोशल मीडिया पर ज़ोरशोर से उठाया जा रहा है.

स्थानीय पत्रकार प्रशांत दयाल के मुताबिक़ सोमवार को विरोध प्रदर्शन कर रहे दलित गुटों ने गुजरात के सुरेंद्रनगर ज़िला मुख्यालय के सामने मरी हुए गायें फेंक दी थीं.

ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं.

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत को संबोधित करते हुए फ़ेसबुक पर लिखा, "तीन ट्रक...संघियों आगे बढ़ो...अंतिम संस्कार करो...मोहन भागवत जी को तत्काल गुजरात पहुंचना चाहिए...."

इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की गई है.

दलितों ने गुजरात में विरोध प्रदर्शन भी किया है.

इमेज स्रोत, ANKUR JAIN

इमेज कैप्शन, दलितों ने गुजरात में विरोध प्रदर्शन भी किया है.

एक टिप्पणी में फ़ेसबुक पर लीलाधर मेघवाल ने लिखा, "इससे अच्छा विरोध करने का तरीक़ा हो भी नहीं सकता...क्या बेहतरीन तमाचा जड़ा है."

पटेल स्नेहलभाई ने फ़ेसबुक पर लिखा, "गुजरात की प्रयोगशाला में गुजरात के दलितों ने अदभुत असरदार प्रयोग किया है."

सनी धीमान वाकड़ ने टिप्पणी की- "मुझे याद नहीं है कि इससे पहले कभी ब्राह्मणवाद पर इतना ज़ोरदार वार किया गया है. भारत बदलाव के दौर में है."

दीपिका परमार ने टिप्पणी की, "लोकतंत्र में विरोध का महत्व है और गुजरात के भाइयों ने जो तरीका अपनाया है उसको सलाम."

दलित युवक

इमेज स्रोत, Prashant Dayal

इमेज कैप्शन, दलित युवकों को पीटे जाने के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान सात दलित युवकों ने ज़हर भी खा लिया था जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है.

देवनाथ चंद ने लिखा, "इस तरह से ज़हर फैलाना ठीक नहीं हर समस्या का समाधान है आपसी तालमेल से हम अच्छा समाज बना लेगे."

पत्रकार पृथक बटोही ने फ़ेसबुक पर लिखा, "इससे ब्राह्मण समाज का कोई लेना देना नहीं, कुछ नीलक्रांति के बौद्ध चरमपंथी ब्राह्मण समाज को इस कृत्य के लिए ज़िम्मेदा ठहरा रहे हैं."

कुछ लोगों ने अपनी टिप्पणी में कथित गौरक्षा दलों पर प्रतिबंध की मांग भी की है.

अमजद ख़ान अहमद ने पीटे गए दलित युवकों की पोस्ट लगाते हुए लिखा, "हम तो वही काम कर रहे थे जो ब्राह्मणों ने शास्त्रों में दलितों के लिए लिखा है, फिर ये लोग हमें पीट क्यों रहे हैं."