प्यासों के पास पहुंची पानी एक्सप्रेस

पानी एक्सप्रेस

इमेज स्रोत, Manoj Aakhade

    • Author, संजय तिवारी
    • पदनाम, महाराष्ट्र से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित मराठवाड़ा के लातूर ज़िले के लोगों के लिए पीने का पानी लेकर चली ट्रेन मंगलवार सुबह लातूर पहुंच गई.

पानी एक्सप्रेस

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लातूर में इस रेल गाड़ी का फूल चढ़ाकर और नारियल फोड़ कर स्वागत किया गया.

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इस रेलगाड़ी में 50 हज़ार लीटर की क्षमता वाले 10 टैंकर लगे हुए हैं. यह ट्रेन सांगली ज़िले के मिराज से पानी लेकर रवाना हुई थी. इस ट्रेन में पांच लाख 40 हज़ार लीटर पानी है.

पानी एक्सप्रेस को मिराज से लातूर की 342 किमी की दूरी को तय करने में 17 घंटे लगे.

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मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे जब यह रेलगाड़ी रेलवे स्टेशन पहुंची तो उसका स्वागत करने के लिए वहां क़रीब डेढ़ सौ लोग मौजूद थे.

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ट्रेन के पहुंचने के बाद लोग अपने अपने मोबाइल फ़ोन से तस्वीरें खींचने लगे. लोगों ने गाड़ी के ड्राइवर, गार्ड और रेलवे पुलिस के कर्मियों का स्वागत किया गया.

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लातूर रेलवे स्टेशन के पास एक निजी कुएं में इस पानी को उतारा गया. वहां से टैंकरों द्वारा इसे महानगरपालिका के जल शुद्धिकरण प्लांट में ले जाया गया. वहां से पानी के टैंकरों से इसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा.

एक कुएं में भरा जाता ट्रेन से लाया गया पानी.

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इसी तरह एक और ट्रैन अगले कुछ दिन में आ सकती है. आने वाली ट्रेनों में टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और उनके फेरे भी.

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महाराष्ट्र ख़ासकर मराठवाड़ा में लोग सूखे की मार से परेशान हैं. इससे प्रदेश की भाजपा-शिवसेना सरकार परेशान हैं.

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लातूर में ट्रेन से पानी आपूर्ति कराने का पहला फ़ैसला 2013 में तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने लिया था. लेकिन उसपर अमल होने में तीन साल लग गए.

ट्रेन पर चढ़कर पानी देखता एक नागरिक.

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने मंगलवार सुबह स्वयं ट्वीट कर ट्रेन के लातूर पहुँचने की जानकारी दी. उन्होंने यह भी बताया कि ट्रेन से पेयजल का वितरण जल्द शुरू होगा.

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पानी एक्सप्रेस के लातूर पहुंचने के बाद भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने ट्रेन पर पोस्टर लगाकर और उसके आगे खड़े होकर तस्वीरें भी खिंचवाईं.

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