टेरी में विदेशी का भी यौन उत्पीड़न हुआ था?

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वकील वृंदा ग्रोवर ने अपने फ़ेसबुक पेज पर टेरी की पूर्व कर्मचारी एक विदेशी महिला के यौन उत्पीड़न का मामला उजागर किया है. वृंदा ग्रोवर इस महिला की वकील हैं.
वृंदा के मुताबिक़ महिला ने उनसे उनका बयान सार्वजनिक करने को कहा है. अपने बयान में इस महिला ने कहा है कि वह पर्यावरणविद आरके पचौरी ''के आसपास होने से बेहद असहज महसूस करती थीं.''
टेरी की दो और कर्मचारियों ने पहले आरके पचौरी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. पर्यावरणविद आरके पचौरी ने इस साल फ़रवरी में दिल्ली हाईकोर्ट में दाख़िल अपने जवाब में यौन उत्पीड़न के आरोपों को नकार दिया था.
इस महिला ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें टेरी की अन्य कर्मचारियों के लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों का पता है और इन्हें जानने के बाद उन्हें ताज्जुब नहीं हुआ था. वह कहती हैं, ''मैं पूरी तरह समझ सकती हूँ जो दूसरी महिलाओं ने अपने बयानों में लिखा था.''

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इस महिला के मुताबिक़ वह पचौरी की सचिव रही थीं और शुरू से ही उन्हें पचौरी के व्यवहार में बाक़ी मर्दों के मुक़ाबले काफ़ी फ़र्क महसूस हुआ था.
अपने बयान में उन्होंने कहा है– ''पचौरी कई बार अपने हाथ मेरी कमर पर रखते थे, वह मुझे देर तक गले लगाए रखते, गालों पर चुंबन लेते थे और मेरी निजी ज़िंदगी के बारे में पूछते रहते थे. मुझे अपनी नियुक्ति को लेकर उनके इरादे देखते हुए असुरक्षित लगने लगा था और मैं उनके आसपास होने से बेहद असहज हो जाती थी.''

आगे इस महिला ने कहा है कि पचौरी उन्हें कार्यालय के समय के बाद और छुट्टियों के दिनों में भी बुलाते थे, जबकि कोई काम नहीं होता था.
वह बताती हैं, ''एक बार मैं बीमार थी और दफ़्तर नहीं आ सकी तो वह मेरे घर गुलाबों का गुलदस्ता लेकर पहुँचे. ये सुनकर अच्छा लग सकता है, लेकिन उस समय मैंने काफ़ी असहज और डरा हुआ महसूस किया था.''
इस महिला का क़रार एक साल के लिए था लेकिन चार महीने बाद ही ख़त्म हो गया था.

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उन्होंने अपने बयान में आगे कहा है कि, ''इंतहा तब हुई जब उन्होंने कहा कि मैं शहर के बाहर वीकेंड के लिए उनके घर चलूं. जहां सिर्फ़ वह और मैं होंगे क्योंकि उन्होंने यह साफ़ कर दिया था कि उनकी पत्नी शहर से बाहर थीं. तब मुझे सच में बेहद डर लगा कि मुझे अपने घर ले जाने के पीछे उनका क्या मक़सद था और तब मैंने बोलने का फ़ैसला किया और उन्हें उनकी सीमाएं बता दीं.''
इस महिला के मुताबिक़ उनकी बात को पचौरी ने गंभीरता से नहीं लिया था. इसके बाद उनके कहने पर टेरी में ही उन्हें दूसरी जगह ट्रांसफ़र कर दिया गया था.
महिला के मुताबिक़ उन्होंने बाद में उनके साथ काम न करने का फ़ैसला सुना दिया था जिसके बाद उनका कॉन्ट्रेक्ट ख़त्म कर दिया गया और वह यूरोप लौट गई थीं.
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