हिंसा फिर भड़की, मरने वालों की संख्या 18 हुई

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हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सोमवार को दिल्ली से सटे सोनीपत ज़िले में भड़की ताज़ा हिंसा में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है.
इससे साथ ही जाट आरक्षण के दौरान मरने वालों की तादाद 18 तक पहुँच गई है.
सोनीपत ज़िले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने बीबीसी हिंदी को बताया, "आज हुई हिंसा में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है."
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों और सेना के जवानों से झड़पें हुईं. सुरक्षा बल लाडसोली गांव के निकट अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को खुलवाने का प्रयास कर रहे थे.
हरियाणा में पिछले कई दिनों से जाट समुदाय के लोग आरक्षण की मांग करते हुए आंदोलन कर रहे हैं.
हालाँकि रविवार को इस मुद्दे पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जाट समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों से बातचीत कर आश्वासन दिया था.
उन्होंने वादा किया था कि जाटों की मांगें हरियाणा विधानसभा के अगले सत्र में मान ली जाएँगी, लेकिन आंदोलनकारियों का स्पष्ट नेतृत्व न होने के कारण ज़मीन पर इसका असर कुछ जगह पर ही नज़र आ रहा है.
वहीं हरियाणा के अतिरिक्त गृह सचिव पीके दास कहते हैं कि स्थिति में कुछ सुधार हुआ है.
बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, "सांपला और हिसार में प्रदर्शनकारियों ने जो सड़कें जाम कर रखी थीं वहां अब आंदोलन ख़त्म हो गया है, हालांकि रेलमार्ग पर वो अभी भी मौजूद हैं."
उनके अनुसार, "ऐसे में उम्मीद है कि भिवानी और जींद की सड़कों से भी आंदोलनकारी जल्दी ही हट जाएंगे. हालांकि नेशनल हाइवे अभी भी जाम है."
दास ने बताया, "हिंसा में मारे गए लोगों के आंकड़े सरकारी अस्पतालों से जुटाए गए हैं. हो सकता है कुछ घायलों ने निजी अस्पतालों में भी इलाज कराया हो."

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पीके दास का कहना है कि आंदोलनकारियों की मांगें मानने की घोषणा के बाद हरियाणा में क़ानून व्यवस्था की स्थिति सुधर रही है.
दास के मुताबिक, दिल्ली को अमृतसर से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनीपत के पास विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात रुका हुआ है.
दास कहते हैं, "हमने सुबह इस मार्ग पर यातायात शुरू करा दिया था लेकिन अभी सोनीपत के पास दिक़्क़त है."
उधर सबसे ज़्यादा प्रभावित रोहतक ज़िले के एसडीएम दलबीर सिंह ने बताया, "शहर के एक हिस्से में जाट प्रदर्शनकारी अभी भी हैं लेकिन उनकी संख्या पहले से कम है और प्रदर्शन शांतिपूर्ण है."
उन्होंने बताया, "प्रशासन की प्रदर्शनकारियों से बात चल रही है और उम्मीद है कि आज ये धरना भी ख़त्म हो जाएगा." शहर के सुरक्षा हालातों के बारे में उन्होंने बताया, "आज कोई घटना नहीं हुई है. दुकानें खुली हैं और माहौल शांतिपूर्ण है."
वहीं दास कहते हैं, "हमारे सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियां हैं. सबसे पहले क़ानून व्यवस्था को पूरी तरह बहाल करना. दूसरी सबसे बड़ी चुनौती जाटों और ग़ैर जाटों के बीच तनाव शुरू न हो, यह सुनिश्चित करना."
इंटरनेट सेवाओं की बहाली के बारे में उन्होंने कहा, "हमारी कोशिश है कि सोमवार को ही ये सुविधाएं सामान्य कर दी जाएं."

हरियाणा में यातायात व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा, "दिल्ली से जयपुर मार्ग सामान्य है. अागरा की ओर का रास्ता भी सामान्य है. दिल्ली से रोहतक होकर हिसार जाने वाला रास्ता अभी नहीं खुला है, वहां न जाया जाए. दिल्ली से अंबाला का रूट भी खुला है लेकिन आज इस पर रह-रहकर दिक़्कतें आ रही हैं."
दिल्ली को पानी बहाली के सवाल पर पीके दास ने कहा, "हमारी इंजीनियरिंग यूनिट ने सोमवार शाम तक नहर को हुए नुक़सान से निबटने का भरोसा दिया है. वे सुबह पांच बजे से ही मरम्मत के काम में जुटे हैं."
ज़रूरी सामान की क़िल्लत के सवाल पर दलबीर सिंह ने कहा, "दो-तीन दिनों से बाहरी संपर्क कटने के कारण कुछ ज़रूरी सामान की क़िल्लत हुई है लेकिन उसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं. आज शाम तक हालात बेहतर कर लिए जाएंगे."
बीबीसी से बात करते हुए कुछ स्थानीय लोगों ने ये ज़रूर कहा कि रोहतक में दूध 80 रुपए किलो तक बिक रहा है.
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