छापे से पहले आज्ञा की ज़रूरत नहीं: भाजपा

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दिल्ली सचिवालय पर सीबीआई के छापे के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कड़े बयान दिए हैं.
ये मुद्दा संसद में भी गूंजा और सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चला है.
हालांकि सीबीआई ने कहा है कि छापे को लेकर जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं वो बेबुनियाद हैं.
सरकार ने भी संसद के अंदर और बाहर अपना पक्ष रखा.
अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री
इस छापे का अरविंद केजरीवाल से कोई लेना देना नहीं है....जो उन्होंने सुबह कहा वो ग़लत था, जो शाम को कहा, वो कोरा कचरा है.
रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय दूरसंचार मंत्री
क़ानून के अनुसार छापे मारने से पहले आज्ञा लेने की ज़रूरत नहीं है.
प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री
केजरीवाल की पोल खुल गई है. वो भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं.
अहमद पटेल, राजनीतिक सलाहकार, सोनिया गांधी
उनका बस एक ही एजेंडा है - ग़ैर एनडीए नेताओं को धमकाने के लिए सरकार की ताक़त का इस्तेमाल. ये पैटर्न अब साफ़ तौर पर दिख रहा है.

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ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
एक मुख्यमंत्री के कार्यालय की सीलबंदी का काम पहले कभी नहीं हुआ. मैं स्तब्ध हूं.
डेरेक ओब्रायन, सांसद, तृणमूल कांग्रेस
दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय पर सीबीआई छापा आधुनिक भारत के इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना है. यह एक अघोषित इमरजेंसी है.
अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली
ममता दी, ये अघोषित आपातकाल है.

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शरद यादव, अध्यक्ष, जनता दल(यू)
अगर मामला प्रधान सचिव के भ्रष्टाचार का था तो छापेमारी से पहले सीबीआई को मुख्यमंत्री को विश्वास में लेना चाहिए था. सीएम का दफ़्तर सील करना बिल्कुल ग़ैर-वाजिब है.
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