क्या प्रियंका अमरीका में धूम मचा देंगी?

इमेज स्रोत, GETTY IMAGES
- Author, असीम छाबड़ा
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अमरीका में छाई हुई हैं.
अमरीका के तमाम शहरों में उनके टीवी धारावाहिक 'क्वांटिको' के पोस्टर लगाए गए हैं. पर सवाल ये है कि क्या वे इससे अमरीकी जनमानस पर अपनी छाप छोड़ पाएंगी?
दो साल पहले प्रियंका ने हॉलीवुड के खाने-पीने की एक दुकान में ख़ुद मिल्कशेक बनाया था.

उस मिल्कशेक का नाम रखा गया था, 'एग्ज़ॉटिक'. यह नाम प्रियंका चोपड़ा के उस गाने का भी था, जिसके अलबम में वे रैप गायक पिटबुल के साथ थीं.
मिल्कशेक की उस दुकान के बाहर सैकड़ों भारतीय जमा हो गए थे.
ब्रांड प्रियंका
प्रियंका का मिल्कशेक बनाना एक बड़े विज्ञापन और जनसंपर्क अभियान का हिस्सा भर था. इसका मक़सद ब्रांड प्रियंका को अमरीका में स्थापित करना था.

इमेज स्रोत, ASEEM CHHABRA
इसकी शुरुआत 2012 में हुई थी, जब इस अभिनेत्री ने सीएए नाम की एजेंसी से क़रार किया था. उसी समय नेशनल फ़ुटबॉल क्लब (एनएफ़एल) के थर्सडे नाइट फ़ुटबॉल शो में उनका अलबम 'माई सिटी' पेश किया गया था.
पर बात बनी नहीं. प्रियंका अपनी 'रॉक' और 'हॉट' इमेज बनाने में नाकाम रहीं. फ़ुटबॉल प्रेमियों ने उन्हें पसंद नहीं किया. उन्हें प्रियंका का गाना और विदेशी चेहरा रास नहीं आया.
सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रियंका को अरब चरमपंथी और 'नक़ली किम करदाशियां' तक कह डाला.
नस्लवाद का शिकार

इमेज स्रोत, GUY D ALEMO
प्रियंका ने अमरीकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में कहा, "मैं काफ़ी समय से सुर्ख़ियों में और आम जनता के बीच रही हूं. मैं स्वागत और विरोध, दोनों को समझती हूं. मैंने नस्लवाद भी झेला है. मुझे चरमपंथी कहा गया क्योंकि मैं दक्षिण एशिया की हूं और मेरा रंग भूरा है."
उन्होंने इसके अलावा कहा, "मुझे नफ़रत भरे ई-मेल मिले, मुझसे लोगों ने कहा कि तुम गोरी नहीं हो तो एनएफ़एल में कैसे हो सकती हो? इसके बावजूद मैं उन लाखों लोगों पर ध्यान दूंगी, जिन्होंने मुझे ई-मेल भेजे हैं और मेरे लिए ट्वीट किए हैं."
एफ़बीआई एजेंट प्रियंका

इमेज स्रोत, ERIC LIEBOWITCH
लोग जल्दी ही एबीसी टीवी पर क्वांटिको देखेंगे. चोपड़ा जल्द ही भारतीय अमरीकी अलेक्स पैरिश की भूमिका में दिखेंगी, जो एफ़बीआई में काम करती हैं.
पर इस मामले में पेंच यह है कि प्रियंका चोपड़ा को अमरीका के घर-घर में जाना जाता हो, ऐसा नहीं है. सच तो यह है कि म्यूज़िक अलबम और 2013 में उनके 'गेस' जीन्स की मॉडलिंग के बावजूद बहुत अधिक लोग उन्हें नहीं जानते हैं.
अमरीका में भूरी अभिनेत्री

इमेज स्रोत, ASEEM CHHABRA
न्यूयॉर्क में लगे बड़े-बड़े पोस्टरों पर प्रियंका को एफ़बीआई का पहचान पत्र लाल होठों के बीच दबाए हुए दिखाया गया है. इस तरह के पोस्टर शिकागो, लॉस एंजीलीस, सैन फ्रांसिस्को, वांशिंगटन और कनाडा के टोरंटो में भी लगाए गए हैं.
प्रियंका के लिए काम कर रही कंपनी को उम्मीद है कि 27 सितंबर को शुरू होने वाला शो काफ़ी लोकप्रिय होगा.

इमेज स्रोत, Reuters
अमरीकी प्रोड्यूसर अब अलग-अलग नस्ल के लोगों को मौक़ा दे रहे हैं, जिससे अमरीका की बहुनस्लीय पहचान बनती है. इसकी शुरुआत अफ़्रीकी-अमरीकियों से हुई. इसके बाद एशियाई और लैटिन मूल के अभिनेताओं को भी मौक़े मिले.
इसके बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि भूरे रंग वाले एशियाई मूल के कितने कलाकार अमरीकी धारावाहिकों में हैं?.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












