'फ़िल्म हीरो की होती है खलनायक की नहीं'

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- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
हिंदी फ़िल्मों के जाने-माने खलनायक प्रेम चोपड़ा ने बॉलीवुड में 50 साल से भी ज्यादा समय बिताया है और आज भी अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का दिल लुभा रहे हैं.
लेकिन प्रेम चोपड़ा को हिन्दी फ़िल्म जगत से कई शिकायतें भी हैं. उन्हें सबसे ज़्यादा शिकायत इस बात से है कि बॉलीवुड वक़्त का पाबंद नहीं है.
बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने अपने मन की कई बातें साझा कीं.
अमिताभ हैं पाबंद

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बॉलीवुड हस्तियों की बात करें तो अमिताभ बच्चन, आमिर खान और अक्षय कुमार के अलावा हर बड़ा अभिनेता किसी न किसी कारण से अपने काम के लिए देरी से पहुंचता है.
प्रेम चोपड़ा को ये बात बेहद खलती है कि हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में ऐसा करने पर किसी स्टार को कुछ नहीं कहा जाता.
फ़िल्म निर्माता और निर्देशक किसी भी स्टार को गुस्सा नहीं दिलाना चाहते और इसी के चलते शाहरुख़ खान, सलमान खान और गोविंदा की लेटलतीफ़ी की आदत के बाद भी किसी को कोई परेशानी नहीं होती.
कुछ हॉलीवुड फ़िल्मों में भी काम कर चुके प्रेम चोपड़ा ने बॉलीवुड की तुलना हॉलीवुड से करते हुए कहा, "हॉलीवुड में लोग वक़्त के पाबंद हैं फिर चाहे वो छोटा कलाकार हो या बड़ा सुपरस्टार. लेकिन बॉलीवुड में आज भी लोग समय पर नहीं पहुँचते और निर्देशक भी स्टार के डर से शिकायत नहीं करते."
किस्मत ने बनाया विलेन

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प्रेम चोपड़ा वैसे तो फ़िल्म इंडस्ट्री में हीरो बनने आये थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
वो कहते हैं, "यहां हर कोई हीरो बनने ही आता है पर हीरो की किस्मत भी पिक्चर हिट होने पर निर्भर होती है. अगर फ़िल्में पैसा नहीं कमातीं तो हीरो का करियर भी छोटा होता है क्यूंकि यहाँ फ़िल्म हिट हो या फ्लॉप इसका श्रेय हीरो को ही मिलता है खलनायकों को नहीं."
500 से अधिक फ़िल्मों में काम करने के बावजूद प्रेम चोपड़ा को अभी तक अपना मनपसंद रोल नहीं मिला है.
प्रेम चोपड़ा हॉलीवुड ही बहुचर्चित फिल्म "गॉडफादर" के मार्लन ब्रांडो के किरदार जैसा किरदार निभाना चाहते हैं. हालांकि डॉन का किरदार उन्हें मिलता रहा है पर उन्हें उम्मीद है कि गॉडफ़ादर जैसा किरदार भी उन्हें मिलेगा.
बदल गई फ़िल्म इंडस्ट्री

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पाँच दशकों में प्रेम चोपड़ा ने फ़िल्म इंडस्ट्री में कई बदलाव देखे हैं.
पुराने दौर से आज की तुलना करते हुए कहते हैं, "अब दर्शक किरदार को उनके व्यक्तिगत ज़िन्दगी से नहीं जोड़ते. अब किसी भी कलाकार को सिर्फ अभिनेता के तौर पर देखा जाता है जो एक फ़िल्म में विलेन था और वो दूसरी फ़िल्म में हीरो का किरदार भी निभा सकता है लेकिन पहले ऐसा नहीं था जिसका अफ़सोस है मुझे."
प्रेम चोपड़ा का कहना है कि बदलते वक्त का फ़ायदा उनको भी मिला है, "पहले सिर्फ़ सिनेमा ही मनोरंजन का माध्यम हुआ करता था लेकिन अब टीवी और इंटरनेट भी आ गया है. अब मुझे भी अलग अलग किरदार निभाने का मौका मिल रहा है जिससे मैं खुश हूं."
प्रेम चोपड़ा अब अपनी आने वाली फ़िल्म "उड़नछू" में डॉन का किरदार निभाते दिखेंगे.
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