हैदराबाद: आखिरकार सीसीटीवी फुटेज में मिले 'सुराग'

गुरूवार 21 फ़रवरी को हैदराबाद में हुए दोहरे बम धमाकों की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी या एनआईए और हैदराबाद पुलिस ने इस मामले में कुछ अहम सफलताएं हासिल करने का दावा किया है.
उन्हें <link type="page"> <caption> दिलसुखनगर</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130221_hyderabad_dilsukh_blast_ms.shtml" platform="highweb"/> </link> इलाक़े के बस स्टैंड के पास लगे सीसीटीवी कैमरे से एक ऐसे संदिग्ध व्यक्ति की फुटेज मिली है जो विस्फोट से कुछ देर पहले वहां एक साइकिल पर पहुंचा था.
इस बम धमाके में 16 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज़्यादा घायल हुए थे.
पुलिस के अनुसार टीवी फुटेज में हरे रंग की पैंट पहने हुए वह व्यक्ति साइकिल को वहीं छोड़ कर पैदल वापस जाते हुए भी देखा गया है.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि उन्हें उस साइकिल के पीछे एक बैग भी लगा हुआ दिखाई दिया है.
पुलिस के अनुसार फुटेज में उस आदमी का चेहरा साफ़ नहीं दिख रहा है इसलिए पुलिस उसके बारे में और जानकारी हासिल करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ले रही है.
हैदराबाद पुलिस दावा कर रही है कि इस फुटेज से इस बात की पुष्टि हो गई है कि धमाकों में इस्तेमाल किए गए बम एक साइकिल पर रखे गए थे.
बिहार
दूसरी ओर बिहार से मिलने वाली एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हैदराबाद के रहने वाले एक व्यक्ति मोहम्मद अब्दुल आलम और उसके एक सोमालियाई साथी अब्दुल्लाह उम्र मकरानी को रक्सौल में उस समय गिरफ्तार कर लिया गया जबकी वोह किसी दस्तावेज़ के बिना नेपाल जाने की कोशिश कर रहे थे.
अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या अब्दुल आलम का कोई संबंध इन बम विस्फोटों से हो सकता है.
लेकिन बिहार में पूर्वी चंपारण के एक पुलिस अधिकारी गणेश कुमार के हवाले से रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि आलम का इन विस्फोटों से कोई संबंध नहीं है. उन्हें केवल बिना सही दस्तावेज़ के साथ नेपाल जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया है.
हैदराबाद पुलिस ने बम धमाके से जुड़ी कोई सूचना देने पर दस से बीस लाख रूपए के पुरस्कार की भी घोषणा की है.
इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रविवार को हैदराबाद में दो अस्पतालों में जाकर घायलों से मिले.
वासे को क्लीन चिट
इधर पांच वर्ष में दो बार चरमपंथी हमले में घायल होने वाले युवा <link type="page"> <caption> अब्दुल वासे मिर्ज़ा</caption> <url href=" Filename: http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130222_hyderabad_second_time_victim_pa.shtml" platform="highweb"/> </link> को हैदराबाद पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है.

पहले पुलिस ने वासे को संदेह के दायरे में लाते हुए उनसे उस अस्पताल में पूछताछ की थी जहाँ उनका इलाज चल चल रहा है.
हालाकि एनआईए के अधिकारियों ने भी उनसे अलग से पूछताछ करने का फ़ैसला किया है.
वासे मक्का मस्जिद विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए थे और लगभग तीन वर्ष के लंबे इलाज के बाद वे सामान्य हालत पर लौट सके थे.
पुलिस के अनुसार गुरूवार को वासे कपड़े की एक दूकान में काम करने वाले अपने एक भाई से मिलने वहां गए थे जब वहां धमाका हो गया और उसमें वो एक बार फिर घायल हो गए.
डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके उनके शरीर से शीशे और लोहे के टुकड़े निकाले हैं जबकी पिछले विस्फोट के लोहे के टुकड़े अभी भी उनके शरीर में हैं .
वासे के परिवार वालों का कहना है कि उनकी मांसिक हालत पर ताज़ा विस्फोट का बुरा असर पड़ा है.












