'हमारे मेडल वापस ले लो, लेकिन न्याय दिलवा दो': जंतर मंतर की घटनाओं की आंखों देखी

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- Author, वात्सल्य राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
बुधवार को दिनभर बेमौसम बरसात दिल्ली को भिगोती रही. आसमान से बूंदें टपकनी बंद हुईं तो रात में महिला पहलवानों की आँखों से पानी बरसने लगा. धारासार और लगातार.
आंसुओं के साथ गुस्से, ग़म और शिकायतों का सैलाब भी बाहर आ रहा था.
जगह थी दिल्ली का जंतर मंतर. जहां बीते क़रीब 11 दिन से ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और कॉमनवेल्थ मेडल जीत चुकीं विनेश फोगाट की अगुवाई में कई चैंपियन पहलवान कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ मोर्चा खोले हुए हैं.
ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने बीबीसी के कैमरे पर कहा, "देखो, आप हालत देखो, सारे दिन बारिश हुई है, हम (सोने के लिए) तख्ते ला रहे थे, पुलिस वालों ने मारपीट की, गाली गलौच की है."
रात क़रीब 10.30 बजे हुई घटना की जानकारी देते हुए साक्षी ने आरोप लगाया, "दो लोगों के सिर भी फूट गए. बहुत बुरा व्यवहार हुआ है. पूरे देश की जनता से अपील है कि आप आ जाओ हमारे समर्थन में, बहन बेटियों की इज़्जत की बात है."

जंतर मंतर पर पहलवान जहां धरना दे रहे हैं, वहां तक पहुंचने वाले दोनों रास्तों पर क़रीब 50 मीटर पहले बैरिकेड्स लगाए गए हैं. बुधवार देर रात वहां बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात था. पुलिस बैरिकेड्स के आगे किसी को भी जाने नहीं दे रही थी.
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने धरना स्थल तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. बाद में स्वाति मालीवाल को छोड़ दिया गया.
स्वाति मालीवाल ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा है कि जंतर मंतर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.
उन्होंने कहा, ''जिन खिलाड़ियों ने देश को मेडल दिलाया है, देश का नाम रोशन किया है वो यहां सड़क पर बैठे हैं और बृज भूंषण शरण सिंह एसी कमरे में बैठे हैं. दिल्ली पुलिस उन्हें अरेस्ट क्यों नहीं कर रही.''
प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने कहा कि 'हमारे मेडल वापस ले लो, लेकिन न्याय दिलवा दो'.

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क्या कहना है प्रदर्शन कर रहे पहलवानों का
इससे पहले रात क़रीब साढ़े बारह बजे हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में विनेश फोगाट ने रोते हुए सवाल किया, "क्या ये दिन देखने के लिए मेडल लेकर आए थे देश के लिए?"
"मैं पूछ रही हूं, बृजभूषण मजे से सो रहा है बेड पे. हम काठ के (फ़ोल्डिंग बेड) बेड लेकर आ रहे हैं सोने के लिए उसमें भी...."
"एक पुलिस वाले ने सिर फोड़ दिया दुष्यंत का वो हॉस्पिटल में गया है अभी. इस (राहुल) बेचारे को देखो, इसका सिर फटा हुआ है."
"हम मान सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं और वो पुलिस वाला धक्के मार रहा है चेस्ट पे लड़कियों को."
"इतने गुनहगार हैं क्या हम देश के? इतने तो क्रिमिनल नहीं हैं हम, जितना हमारे साथ हाल कर रखा है."
"मैं चाहूंगी कि देश का कोई खिलाड़ी कभी मेडल न लाए. इतनी दुदर्शा कर रखी है हमारी यहां पे. रोटी भी नहीं खाई है, अभी तक किसी ने."
जंतर मंतर पर जमे पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं.
महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के ख़िलाफ़ दो एफ़आईआर दर्ज की हैं. बृजभूषण ख़ुद पर लगे आरोपों को ख़ारिज करते रहे हैं.

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जंतर मंतर पर पुलिस बनाम पहलवान
- बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ धरना दे रहे पहलवानों का दिल्ली पुलिस पर मारपीट का आरोप
- दिल्ली पुलिस का दावा-आम आदमी पार्टी नेता सोमनाथ भारती बिना इजाज़त फ़ोल्डिंग बेड लेकर आए
- पुलिस के मुताबिक़, जब सोमनाथ को रोका गया तो पहलवानों के समर्थकों और पुलिस के बीच 'गुत्थमगुत्था हो गया'
- पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों और पहलवानों को लगी चोट
- पहलवानों ने दिल्ली पुलिस के दावे को ख़ारिज किया. पहलवानों का दावा फ़ोल्डिंग बेड सोमनाथ भारती नहीं लाए
- पहलवानों के मुताबिक़, बारिश की वजह से गद्दे गीले होने के कारण धरना दे रहे पहलवानों ने ही बेड मंगाए
- दावा है कि पुलिस ने बेड धरना स्थल तक नहीं लाने दिए और पहलवानों के साथ मारपीट और अभद्रताकी
- इसमें बजरंग पूनिया की पत्नी संगीता फोगाट के भाई दुष्यंत फोगाट और राहुल को लगी चोट
- बजरंग पूनिया का दावा सीसीटीवी कैमरे से हो सकती है उनकी कही बात की पुष्टि

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चप्पे चप्पे पर पुलिस
पहलवान जहां धरना दे रहे हैं, उस जगह पर भी बैरिकेड्स लगाए गए हैं. बिजली न होने की वजह से वहां रात के वक़्त बना रहने वाला अंधेरा मीडियाकर्मियों के कैमरे की लाइट से दूर हो रहा था.
घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद पहलवानों के समर्थक और पत्रकार लगातार धरना स्थल पर पहुंच रहे थे, लेकिन पुलिस चुनिंदा पत्रकारों के अलावा किसी को पहले बैरिकेड्स से आगे नहीं जाने दे रही थी. बैरिकेड्स पर खड़े लोगों को भी वहां से जाने को कहा जा रहा था. जो लोग नहीं जा रहे थे, उन्हें हिरासत में लेकर बस में बिठाया जा रहा था.
विनेश और बजरंग पत्रकारों से बातचीत करने के साथ बीच-बीच में लोगों को फ़ोन कर रहे थे और और जंतर मंतर पहुंचने के लिए कह रहे थे.
पुलिस के कड़े बंदोबस्त के कारण उनके कम ही समर्थक धरना स्थल तक आ पा रहे थे. पहलवान घायल राहुल के सिर में लगी चोट पत्रकारों को दिखा रहे थे. रात क़रीब एक बजे के बाद एक एंबुलेंस वहां पहुंची जो राहुल को इलाज के लिए अस्पताल लेकर गई.
इसके ठीक पहले पहलवानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साक्षी मलिक ज़्यादातर वक़्त सिर झुकाए खड़ी रहीं. विनेश फोगाट और उनकी एक रिश्तेदार ने घटना की जानकारी दी.
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पहलवानों की प्रेस कॉन्फ़्रेंस
विनेश फोगाट ने कहा, "आप अंदर जाकर देख लेना, पानी भरा हुआ है, सोने की जगह नहीं है, हमारे पास. किसी के भी पास. हमने सोचा कि फट्टे (बेड) मंगाकर सो जाएंगे. फट्टे लेकर आने लगे तो धर्मेंद्र (पुलिसकर्मी) जो भी है, ख़ुद अकेला धक्के मारने लगा हमें, महिला पुलिसकर्मी नहीं थी, वो ख़ुद धक्के मारने लग गया हमें."
बजरंग पूनिया ने आरोप लगाया, "हमारे को भी धक्के मारे हैं, जो जो गालियां दे सकते थे दीं. दो तीन (पुलिसकर्मी) तो दारू पिए हुए थे."
विनेश ने आरोप लगाया, "मैं अंदर खड़ी थी. मुझे गाली दी उसने (पुलिसकर्मी ने)."
"एक पुलिस वाले ने सिर फोड़ दिया दुष्यंत का. वो हॉस्पिटल में गया है अभी. इस (राहुल) बेचारे को देखो, इसका सिर फटा हुआ है."
इस बीच घायल पहलवान राहुल चक्कर खाकर गिर पड़े और साथी उन्हें संभालने की कोशिश में जुट गए.

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सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी तो...
स्थिति कुछ संभली तो पहलवानों से सवाल हुआ कि क्या सोमनाथ भारती बिना अनुमति बेड लाए थे, इस पर बजरंग पूनिया ने कहा, "सीसीटीवी कैमरे होंगे यहां पर, वो निकलवा लीजिए एक बार, सोमनाथ भारती यहां खड़े थे. पलंग तो 10-15 मिनट बाद आया, उधर से. हमने मंगाया था."
विनेश ने कहा, "कुछ भी नहीं दे रहे, आप देखो, हमने कैसे टैंट लगा रखे हैं, इतने गुनहगार हैं क्या हम देश के? इतने तो क्रिमिनल नहीं हैं हम, जितना हमारे साथ हाल कर रखा है."
विनेश ने आरोप लगाया, "वो (पुलिसकर्मी) ड्रिंक कर रहा था जिसने सिर फोड़ा है."
"गेम हमारा ख़त्म कर दिया. ज़िंदगी हमारी दांव पर लगा दी, सड़क पर हम बैठे हैं फिर भी हमारे साथ अत्याचार हो रहा है. बृजभूषण को क्यों नहीं पकड़ रहे, वो लोग."
बजरंग ने आरोप लगाया, "सिर फोड़ने के बाद उनके डीसीपी थे या एसीपी थे वो उनके (पुलिसकर्मियों के) डंडे छुपा रहे थे. अभी तक बयान नहीं लिए. ये झूठ फैला रहे हैं कि खिलाड़ी बयान नहीं दे रहे."
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है, आप ये बात रखेंगे, इस सवाल पर विनेश ने पलटकर पूछा, "सुप्रीम कोर्ट में (सुनवाई) कल है, आज रात कहां रहें हम, रात को कहां जाएं,"
एक अन्य महिला पहलवान ने कहा, "एक-एक पुलिसवाले से पूछ लो हमने किसी से बदतमीज़ी की हो तो. 10 दिन से हम गद्दे पर सो रहे हैं. हमने नहीं कहा कि पलंग लाओ. आज सब गीले हो गए, कहां सोएं."
विनेश फोगाट ने मीडिया के ज़रिए अपने लिए समर्थन मांगा.
उन्होंने रोते हुए अपील की, "हमें सबकी ज़रूरत है, जितने भी हो सके आ जाओ अभी, बहुत बदतमीज़ी हुई है, बेटियों की इज़्ज़त दांव पर रखी है इन्होंने, सबसे अपील है, जितने भी लोग आ सकते हो आ जाओ भाई."

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पुलिस ने क्या कहा
दिल्ली पुलिस के मुताबिक़, सारा विवाद बिना अनुमति बेड लाने की वजह से हुआ. पुलिस का दावा है कि ये बेड सोमनाथ भारती लेकर आए.
दिल्ली पुलिस के डीसीपी प्रणव तायल ने बताया, "जंतर मंतर की प्रोटेस्ट साइट है, उसमें सोमनाथ भारती कुछ फ़ोल्डिंग बेड्स लेकर आए थे. अनुमति नहीं है, इसलिए उन्हें मना किया गया, प्रदर्शनकारी पहलवानों के समर्थक हैं वो बैरिडकेड्स पर आ गए और बेड्स निकालने की कोशिश की. उसमें गुत्थमगुत्था हो गया. कुछ पुलिसकर्मियों और इनकी तरफ़ (पहलवानों) से भी चोट है."
जंतर मंतर पर दिल्ली पुलिस के एसीपी रविकांत कुमार मौजूद थे. प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद पहलवानों की ओर से उन्हें लिखित शिकायत दी गई.
रविकांत कुमार ने बीबीसी से कहा, "हमें शिकायत मिली है. हम सीसीटीवी फ़ुटेज देख रहे हैं और उसके आधार पर पहलवानों के दावों की पुष्टि करेंगे."
रविकांत बीच-बीच में फ़ोन के ज़रिए दूसरे अधिकारियों को घटना का अपडेट दे रहे थे. इस बीच, जंतर मंतर स्थित जेडीयू दफ़्तर की तरफ़ से किसान मोर्चा के कुछ समर्थकों ने धरना स्थल पर आने की कोशिश की.
दरवाज़ा बंद होने की वजह से वो धरना स्थल तक नहीं आ पा रहे थे. उन्होंने वहीं नारेबाज़ी शुरू कर दी. बाद में पुलिस ने कुछ लोगों को अंदर आने दिया.
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स्वाति मालीवाल और दीपेंद्र हुड्डा को रोका
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी धरना स्थल तक पहुंचने की कोशिश की. उनकी और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई.
ख़ुद को रोके जाने पर स्वाति मालीवाल ने कहा, "ये क्या मज़ाक है? दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष को आप किस लिए रोक रहे हैं?"
महिला पुलिसकर्मी हटाने लगीं तो स्वाति ने कहा, "हाउ डेयर यू टच मी? मैडम डोंट टच मी."
इस पर एक पुलिस अधिकारी ने महिला पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया, "उठाकर लाओ इन्हें." और महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें हाथ-पैर पकड़कर उठाया और गाड़ी में बिठाया. पुलिस अधिकारी ने उन्हें मंदिर मार्ग थाने ले जाने का आदेश दिया.
बाद में स्वाति मालीवाल ने अपने ट्विटर हैंडल से ख़ुद को गिरफ़्तार किए जाने की जानकारी दी. बाद में स्वाति मालीवाल को छोड़ दिया गया. फिर वो जंतर मंतर पहुंचीं.
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा को भी पहलवानों के क़रीब नहीं जाने दिया गया. हुड्डा ने ट्विटर पर बताया कि उन्हें हिरासत में लेकर वसंत विहार पुलिस चौकी ले जाया गया.
सोमनाथ भारती ने भी घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "मैं हैरान हूं, शर्मसार हूं."

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पहलवानों के समर्थकों और पुलिस के बीच बहस
पहलवानों के कई समर्थकों को पुलिस ने बाहरी बैरिकेडिंग पर रोक दिया. इनमें से कुछ समर्थकों की पुलिस से बहस होती रही. कुछ समर्थकों ने पुलिस से सवाल किया, "आपके पास (रोकने का) लिखित आदेश है?"
बैरेकेडिंग पर खड़े पुलिस अधिकारी ने जवाब दिया, "लिखित आदेश है. आप ऑफ़िस में जाकर लेकर आइए. हम यहां नहीं दे सकते. मैं आपसे बहस नहीं कर सकता."
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा, "अंदर लॉ एंड ऑर्डर का इश्यू चल रहा है. आप बहस मत करिए. अगर आप शांति भंग करने की कोशिश करेंगे तो आपको डिटेन (हिरासत में) कर लेंगे."
इस बीच, अंदर पहुंचने में कामयाब हुए समर्थक धरनास्थल के सामने सड़क पर गद्दे बिछाकर बैठ गए. कुछ समर्थक बैरिकेड्स से चिल्लाते हुए पहलवानों का हौसला बढ़ाते रहे, "बहन चिंता मत कर, हम हैं."
हालांकि, इस भरोसे के बाद भी महिला पहलवानों की आंखों से गिरते आंसू थम नहीं रहे थे.
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