अजय बंगा कौन हैं जो अगले महीने संभालेंगे वर्ल्ड बैंक की कमान

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- भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी और मास्टरकार्ड के पूर्व प्रमुख अजय बंगा को विश्व बैंक का अध्यक्ष चुना गया
- वर्ल्ड बैंक ने बयान जारी कर कहा दो जून से संभालेंगे कार्यकाल, अगले पांच साल तक रहेंगे अध्यक्ष
- इससे पहले इस साल 23 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने उन्हें नामित करने का ऐलान किया था.
- पढ़िए भारतीय सेना के वरिष्ठ ऑफ़िसर के पुत्र अजय बंगा के जीवन की कहानी

अमेरिका ने फरवरी में भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी और मास्टरकार्ड के पूर्व चीफ़ अजय बंगा को वर्ल्ड बैंक के चीफ़ पद के लिए मनोनीत किया था. राष्ट्रपति जो बाइडन ने उनके नॉमिनेशन का एलान किया था.
अजय बंगा डेविड मलपास की जगह लेंगे. उन्हें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नामित किया था. मलपास जून तक इस पद से इस्तीफ़ा दे देंगे. वो अपने निर्धारित कार्यकाल पांच साल से एक साल पहले इस्तीफ़ा देंगे.
व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक बयान में बाइडन ने कहा था कि अजय बंगा के पास वैश्विक कंपनियां बनाने और उन्हें चलाने का तीन दशक से अधिक का अनुभव है.
अजय बंगा ने क्रेडिट कार्ड की जानीमानी कंपनी मास्टरकार्ड का एक दशक से भी अधिक वक्त तक नेतृत्व किया. अब वह अमेरिका में प्राइवेट इक्विटी कंपनी जनरल अटलांटिक के वाइस चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे हैं.
कुछ जानकारों का कहना है कि बंगा के पास जो अनुभव है उससे बैंक को प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन से जुड़े मामलों में काम करने में मदद मिल सकती है.
अमेरिका वर्ल्ड बैंक का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है. पांरपरिक तौर वह वर्ल्ड बैंक का चीफ़ चुनता रहा है.

कौन हैं अजय बंगा?
अमेरिका की नागरिकता ले चुके अजय बंगा का जन्म भारत में हुआ था. यहीं से उन्होंने अपना करियर शुरू किया था. उनके पिता सेना में अफसर थे.
मास्टरकार्ड ज्वाइन करने से पहले वो नेस्ले और सिटीग्रुप में काम कर चुके थे. 2021 में मास्टर कार्ड से रिटायरमेंट लेने के बाद उन्होंने प्राइवेट इक्विटी फर्म जनरल अटलांटिक ज्वाइन किया और अब वो इसके वाइस चेयरमैन हैं.
जनरल अटलांटिक में वो 3.5 अरब डॉलर के क्लाइमेट फंड के एडवाइज़री बोर्ड में भी हैं.
बंगा पार्टनरशिप फ़ॉर सेंट्रल अमेरिका के लिए सह अध्यक्ष के तौर पर व्हाइट हाउस के साथ मिल कर काम कर चुके हैं.
सेंट्रल अमेरिका में प्राइवेट सेक्टर के निवेश को बढ़ावा देना इस कार्यक्रम का मकसद है ताकि अमेरिका की ओर आ रही आप्रवासियों की भीड़ पर लगाम लगाई जा सके.
सेंटर फ़ॉर ग्लोबल डेवलपमेंट की डिप्टी एक्ज़ीक्यूटिव प्रेसिडेंट अमांडा ग्लासमैन ने कहा कि बंगा के दशकों के अनुभव की वजह से वर्ल्ड बैंक के प्रति अमेरिकी संसद में खास कर रिपब्लिकन सदस्यों के बीच विश्वास बढ़ेगा.
रिपब्लिकन सदस्य अक्सर अंतरराष्ट्रीय संगठनों की आलोचना करते रहे हैं.
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बंगा के सामने चुनौतियां
लेकिन ये देखना अभी बाकी रहेगा कि वो कैसे अध्यक्ष साबित होते हैं, क्योंकि सरकार और विकास कार्यों के लिए काम करने का उनका अनुभव कम है.
वर्ल्ड बैंक का मुख्य कार्य विकास परियोजना और उससे जुड़े कामों को बढ़ावा देना है.
नए चीफ़ के सामने बगैर अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों के जलवायु परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और महामारी के जोखिमों से जूझने की चुनौती होगी.
पिछले साल व्हाइट हाउस ने उन्हें उस वक्त सार्वजनिक रूप से लताड़ लगाई थी, जब उन्होंने कहा था कि उन्हें पता नहीं है कि जीवाश्म ईंधन से जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा मिल रहा है. हालांकि बाद में उन्होंने इसके लिए माफ़ी मांग ली थी.
मिल रही बधाई
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बंगा को बधाई देते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, "भारतीय मूल के वित्त और विकास मामलों के विशेषज्ञ और दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और हमारे पुराने मित्र रहे अजय बंगा को जी को विश्व बैंक का अगला अध्यक्ष बनने की पुष्टि होने पर हार्दिक बधाई."
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