बच्चों को पैसों की अहमियत कैसे समझाएं, पढ़िए ये चार गुरु मंत्र

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- Author, क्रिस्टीना जे ऑर्गज़
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़ वर्ल्ड
अपने बच्चों के भविष्य की चिंता एक ऐसी चीज़ है जो हर माता-पिता को लगी रहती है.
पहली चिंता तो बच्चों के स्वास्थ्य की होती है और दूसरा यह कि वे जीवन में अपनी पसंद से कितना खुश हैं.
लेकिन जैसे-जैसे बच्चे बड़ा होने लगते हैं, माता-पिता को एक ऐसी चिंता घर करने लगती है, जिस पर उनका भविष्य टिका होता है.
इस चिंता का नाम है पैसा. इसके दो आयाम है. पहला यह कि वह अपने भविष्य के लिए किस तरह से पैसा बचाता है और दूसरा यह कि वह पैसे बचाने की अहमियत को कितना समझता है?
ब्रिटेन में स्टैंडर्ड लाइफ बैंक ने एक सर्वे किया है, जिसमें पता चला है कि दस में से सात माता-पिता अपने बच्चों के वित्तीय भविष्य को लेकर चिंतित हैं.
अध्ययनों से पता चला है कि बच्चों को कम उम्र में पैसे का सही से इस्तेमाल सिखाने से उनके पूरी जीवन पर फर्क पड़ता है.
लेकिन भविष्य के लिए पैसों की बचत करना इतना आसान नहीं है. अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी के बिहेवियर इकोनॉमिक्स एक्सपर्ट और लेखक डैन एरीली कहते हैं, “पैसों को लेकर एक खामी यह है कि उसकी कोई सीमा नहीं है. इस वजह से हमें यह सोचना बहुत मुश्किल लगता है कि आगे चलकर भविष्य में इसका असल मतलब क्या होगा.”
बीबीसी पॉडकास्ट मनी बॉक्स में फेलिसिटी हन्ना ने द प्राइवेट ऑफिस में फाइनेंशियल प्लानर किर्स्टी स्टोन और द मनी चैरिटी में युवा मामलों की निदेशक स्टेफनी फिट्जगेराल्ड के साथ बातचीत की है, जिन्होंने इस चिंता को दूर करने के लिए तीन खास टिप्स दिए हैं.
फिट्जगेराल्ड कहती हैं कि माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को पैसा की सही इस्तेमाल करने के कुछ मौके जरूर दें, ताकि वे खुद से कुछ गलतियां कर सकें.

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1- लंबे समय के लिए खाते
हमारे बच्चों को तुरंत पैसों की जरूरत नहीं होती. ऐसे में लंबे समय के लिए निवेश करना फायदे का सौदा रहता है.
एक्सपर्ट का कहना है कि बैंक, बच्चों के लिए भी खाते खोलता है. इन खातों की मदद से बच्चों को यह सिखाया जा सकता है कि पैसे को कैसे जमा करना है और कैसे निकालना है.
बैंक आम तौर पर दो तरह के खातों की सुविधा देता है. एक वे होते हैं जिसमें कभी भी पैसा जमा और निकाल सकते हैं, वहीं दूसरे खातों में तय अवधि के लिए पैसों को जमा करना होता है.
इसे आम भाषा में बैंक एफडी भी कहते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बचत खातों की तुलना में लंबी अवधि के खातों में ज्यादा ब्याज मिलता है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चों के लिए बचत खाता खोलने से पहले व्यक्ति ऑनलाइन वेबसाइट पर जाकर यह तुलना कर सकता है कि कौन सा बैंक कितना ज्यादा ब्याज दे रहा है.
माता-पिता अपने बच्चों के लिए बैंक में ऐसा खाता भी खुलवा सकते हैं, जिसमें बच्चा 18 साल का होने के बाद ही पैसा निकाल पाएगा. ऐसे में बच्चा लंबे समय तक उसमें पैसा जमा कर सकता है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि माता-पिता को अपने बच्चों को उस समय के लिए तैयार करना होगा और पहले बातचीत करनी होगी जिसमें उन्हें यह समझाया जा सके कि उस पैसा का इस्तेमाल किस लिए किया जाएगा.
बच्चे जो पैसा जमा कर रहे हैं, उसका इस्तेमाल यूनिवर्सिटी फीस के लिए होगा या उसके लिए कार लेने के लिए. यह उन्हें बताना चाहिए.
जीवन में अप्रत्याशित घटनाओं के लिए पैसा बचत करने से बच्चे ज्यादा सुरक्षित महसूस कर पाएंगे.

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2- धीरे-धीरे पैसा बचाएं
वर्तमान में बच्चों के लिए पैसा बचाना उनके भविष्य के लिए किसी बड़े गिफ्ट से कम नहीं है. इस पैसे से न सिर्फ वे अपना व्यस्क जीवन अच्छे से शुरू कर सकते हैं, बल्कि उस पूरी प्रक्रिया में उन्हें हिस्सा बनाने से वे पैसे के बारे में महत्वपूर्ण सबक भी सीख सकते हैं और उन्हें पैसों की अहमियत का ज्यादा अच्छे से पता होगा.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप परिवार की स्थिति अच्छी न होने के कारण कुछ समय के लिए पैसे नहीं बचा पा रहे हैं तो इसमें चिंता करने की बात नहीं है.
जरूरी बात यह है कि कर्ज न लें और किसी ऐसी चीज के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल न करें.
फिट्जगेराल्ड कहती हैं कि हर माता-पिता का यह सपना होता है कि वे अपने बच्चों को एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य दें, लेकिन असलियत यह है कि महंगाई के कारण हमें जीवन चलाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और ऐसे में लोगों की बचत करने की क्षमता साफ तौर पर घटी है.

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3- चक्रवृद्धि ब्याज के जादू को नजरअंदाज न करें
कुछ लोग चक्रवृद्धि ब्याज को फ्री के पैसे के रूप में परिभाषित करते हैं तो कुछ लोग इसे दुनिया का आठवां अजूबा बताते हैं, क्योंकि यह आपकी पूंजी को कई गुणा बढ़ा देता है और व्यक्ति को इसका अहसास भी नहीं होता है.
मान लीजिए कि आपने बचत खाते से शुरुआत की और इस बचत खाते पर बैंक आपको सालाना पांच प्रतिशत का ब्याज देता है. आपने इस खाते में 10 हजार रुपये जमा किए हैं. अब आगे की स्टोरी पढ़ते हुए आप देखिए कि ये 10 हजार रुपये कैसे तेजी से बढ़ते हुए नजर आएंगे.
एक साल खत्म होने पर बचत खाते में आपके रखे हुए 10 हजार ब्याज लगने के बाद 10500 हो जाएंगे.
ध्यान रखने वाली बात यह है कि चक्रवृद्धि ब्याज का जादू आपको तब देखने को मिलेगा जब आप बैंक खाते से न तो मूलधन को निकालेंगे और न ही उस पर लगे ब्याज के पैसे को.
अब दूसरे साल पर आते हैं.
दूसरे साल में आपको पहले साल की तरह सिर्फ 500 रुपये ब्याज नहीं मिलेगा. इस साल आपको 10500 रुपये पर सालाना पांच प्रतिशत का ब्याज मिलेगा, जो 525 रुपये होगा.
यानी दूसरा साल खत्म होने पर आपके बचत खाते में आपका 10 हजार रुपये बढ़कर 11025 रुपये हो जाएगा.
तीसरे साल आपको इस 11025 पर सालाना ब्याज 550 रुपये मिलेगा और आपकी राशि बढ़कर 11575 रुपये हो जाएगी.
चौथे साल यह राशि 12153 रुपये हो जाएगी, वहीं पांचवे साल यह राशि बढ़कर 12760 रुपये हो जाएगी.
जब बच्चे 18 साल के होंगे तो यह राशि अच्छी खासी हो जाएगी.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आप थोड़ा-थोड़ा बचाएं और बाकी का काम गणित पर छोड़ दें. वह खुद जादू करेगा.

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4- गुल्लक खरीद कर दें
एक्सपर्ट्स कहना है कि अगर आप बच्चों को पैसे की अहमियत के बारे में सिखाना चाहते हैं तो उन्हें एक गुल्लक खरीद कर दें.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि गुल्लक खरीदने से बच्चे को यह सीखने को मिलेगा कि पैसा कोई खिलौना नहीं है और इसे सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए.
गुल्लक से बच्चों को अलग अलग रुपये के सिक्कों की अहमियत का भी पता चलता है. उन्हें पता चलेगा कि पांच रुपये की कीमत दो रुपये के सिक्के से ज्यादा है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चों को पॉकेट मनी देना एक अच्छी शुरुआत है.
यह जरूर है कि हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए बचत करता है लेकिन महत्वपूर्ण यह भी है कि हमारे बच्चे पैसों की अहमियत को समझें और ऐसा करने से उनका भविष्य बेहतर होगा.
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