गांबिया की तरह उज़्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत, भारतीय सिरप से जुड़े तार: प्रेस रिव्यू

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उज़्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया है कि समरकंद में कम से कम 18 बच्चों की कथित रूप से भारत में बने सिरप को पीने से मौत हो गयी है. डॉक 1 मैक्स नामक इस सिरप को नोएडा की कंपनी मेरियन बायोटेक ने बनाया था.
इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, उज़्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले में बयान जारी करके कहा है कि इस सिरप की लैब टेस्टिंग के दौरान इसमें दूषित पदार्थ एथलीन ग्लाइकोल की मौजूदगी का पता चला है. ये भी बताया गया है कि बच्चों ने डॉक्टरी सलाह के बग़ैर भारी मात्रा में इसका सेवन किया.
बयान के मुताबिक़, 'हमें इस सिरप की जो शीशियां मिलीं हैं, लैब में उनकी प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस सिरप में एथलीन ग्लाइकोल है जो कि एक ज़हरीला पदार्थ है. एक किलोग्राम मात्रा में एक-दो एमएल मिलाने के बाद तैयार सिरप के 95 फ़ीसद कंसंट्रेटेड सॉल्यूशन को पीने से उल्टियां, बेहोशी, कार्डियोवस्क्युलर समस्याओं से लेकर किडनी फ़ेल होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.'
दूषित एथलीन ग्लाइकोल और डी-एथलीन ग्लाइकोल वही पदार्थ है जो इससे पहले भारत में तैयार हुए चार ब्रांड्स के सिरप में पाया गया था जिनके तार गांबिया में 70 बच्चों की मौत से जोड़े गए थे.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया है कि 'विश्व स्वास्थ्य संगठन उज़्बेकिस्तान में स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में है और इस मामले की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है.'
सिरप बनाने वाली कंपनी मेरियन बायोटेक और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले में इंडियन एक्सप्रेस के सवालों के जवाब नहीं दिए हैं.
उज़्बेकिस्तान के मंत्रालय ने कहा है कि डॉक 1 मैक्स में पैरासिटामोल होने की वजह से अभिवावकों ने दवा बेचने वाली दुकानों की सलाह पर बच्चों को ज़ुकाम होने पर ये दवा दी.

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बच्चों की किडनी को नुक़सान
अस्पताल में भर्ती कराए जाने तक बच्चों ने इस दवा को दो से तीन दिनों तक दिन में तीन या चार बार 2.5 से 5 एमएल की मात्रा में लिया जो कि बच्चों के लिए तय मात्रा से ज़्यादा है.
इस बयान में ये भी बताया गया है कि 'शरीर का तापमान 38 से 38.5 डिग्री सेल्सियस होने पर एक साल से कम उम्र के बच्चों को 100 से 125 मिलिग्राम दवा दी जानी चाहिए. एक से तीन साल के बच्चों को 200 मिलिग्राम दवा दी जानी चाहिए और 3 से 5 साल की उम्र वाले बच्चों को 250 ग्राम दवा दी जानी चाहिए. लेकिन ये दवा शरीर का तापमान सामान्य रहने पर नहीं ली जानी चाहिए.'
उज़्बेकिस्तान के स्थानीय अख़बारों ने समरकंद स्थित बच्चों के अस्पताल की ओर से क्षेत्रीय स्वास्थ्य प्रमुख डेवरोनबेक ज़ूमेनियोज़ोव को 15 दिसंबर को लिखे पत्र के हवाले से बताया है कि दो महीने के अंदर बच्चों की किडनी को नुक़सान होने और किडनी फ़ेल होने के 21 मामले सामने आए हैं. बच्चों को पेशाब करने जैसी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा और 17 बच्चों को डायलिसिस पर रखा गया जिनमें से 15 की मौत हो गयी.
इसके बाद डॉक 1 मैक्स सिरप और टैबलेट की बिक्री रोक दी गयी है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभिवावकों से सतर्क रहने को कहा है और सात कर्मचारियों को बच्चों के मरने की वजह का सही विश्लेषण और ज़रूरी क़दम उठाने में सफ़ल नहीं होने की वजह से निलंबित कर दिया है.
उज़्बेकिस्तान में जो कुछ हुआ है, वो गांबिया की त्रासदी से मिलता-जुलता है जहां 70 बच्चों की कथित रूप से भारत निर्मित सिरप पीने से मौत हो गयी थी. इस सिरप में भी कथित रूप से एथलीन ग्लाइकोल और डाइ-एथलीन ग्लाइकोल की मौजूदगी की बात सामने आई थी.

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गांबिया में क्या हुआ था
इंडियन एक्सप्रेस ने पिछले हफ़्ते ही बताया था कि गांबिया नेशनल असेंबली की एक समिति इस नतीजे पर पहुंची है कि 70 बच्चों की मौत किडनी को नुक़सान पहुंचने से हुई जिसके तार भारतीय कंपनी मेडन फ़ार्मास्युटिकल्स के बनाए चार दूषित सिरप से जुड़े थे.
समिति ने अपनी रिपोर्ट में मेडन फ़ार्मास्युटिकल्स को काली सूची में डालने के साथ-साथ इसके उत्पादों को गांबिया में प्रतिबंधित करने और क़ानूनी कार्रवाई करने का सुझाव दिया है.
गांबिया में इस साल जून से नवंबर के बीच 82 बच्चों की किडनी को नुक़सान होने की पुष्टि हुई थी जिसमें से 70 की मौत हो गयी थी.
मेडन फ़ार्मास्युटिकल्स ने इन आरोपों का खंडन किया है. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने इस कंपनी की सोनीपत स्थित मैन्यूफ़ैक्चरिंग यूनिट को कथित रूप से प्रक्रियाओं का ठीक ढंग से पालन नहीं करने की वजह से बंद कर दिया था.
भारत मानता है कि दवा के सेवन और बच्चों की मौत के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए पर्याप्त क्लीनिकल जानकारियां संबंधित देश या विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से नहीं दी गयी हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अक्तूबर में चेतावनी जारी करते हुए मेडन के सिरप के तार बच्चों की मौत से जोड़े थे.
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उमा भारती बोलीं - लोधी मतदाता किसी भी पार्टी को करें वोट
बीजेपी नेता उमा भारती ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से लगभग साल भर पहले बीजेपी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं.
अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, उमा भारती ने भोपाल में आयोजित लोधी समुदाय के कार्यक्रम में कहा है कि 'आपका वोट बहुत है. लगभग पचास सीटें प्रभावित करने की स्थिति में हैं. 50 में से 27 ऐसी हैं कि आप जिसे चाहें वो जीतेगा.
बता दें कि एक समय में मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं उमा भारती अपनी ही पार्टी की ओर से अवहेलना का सामना कर रही हैं.
उन्होंने कहा, "मैं चुनाव में आऊंगी. मंच से संबोधित करूंगी, लेकिन मैं यह नहीं कहूंगी कि लोधियों तुम बीजेपी को वोट करो. मैं तो सभी से कहती हूं कि तुम बीजेपी को वोट करो, क्योंकि मैं तो अपनी पार्टी की निष्ठावान सिपाही हूं. लेकिन मैं आपसे थोड़ी अपेक्षा करूंगी कि आप पार्टी के निष्ठावान सिपाही होंगे. अब आपको अपने आसपास का हित देखना है."
पार्टी के प्रति अपनी नाराज़गी जताते हुए उन्होंने कहा, "वैसे मेरी फ़ोटो वो कभी नहीं दिखाते, लेकिन चुनाव में ज़रूर दिखाई जाएंगी. कल्याण सिंह जी का भी यही हाल था. वैसे नहीं दिखाएंगे, लेकिन चुनाव में दिखाएंगे...ऐसे में आपका दिल आ जाता है...कि हमारा नेता जिधर है, हम भी उधर हैं. लेकिन नहीं, आपको अपने अधिकार के लिए लड़ना है."
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भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच ट्रेड डील आज से शुरू
क़रीब आठ महीने के इंतज़ार के बाद भारत-ऑस्ट्रेलिया अंतरिम व्यापार समझौता आज गुरुवार से लागू हो रहा है. इसके तहत 29 दिसंबर को ही आभूषण एवं इंजीनियरिंग उत्पाद जैसी वस्तुओं की खेप भेजी जाएगी.
बिज़नेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, अंतरिम व्यापार समझौते को आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ईसीटीए) भी कहा जाता है. इसमें आधे दशक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने की क्षमता है. इस व्यापार समझौते पर 2 अप्रैल को हस्ताक्षर किए गए थे.
इस समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया 29 दिसंबर से अपनी शुल्क सूची में मौजूद 98.3 फ़ीसदी उत्पादों के निर्यात के लिए भारत को तरजीही बाज़ार देगा. अगले पांच वर्षों में भारत को चरणबद्ध तरीके से ऑस्ट्रेलिया की सूची में मौजूद 100 फ़ीसद सामान के लिए तरजीही बाज़ार मिल जाएगा.
इससे वाहन, कपड़ा, रत्न, आभूषण, मेडिकल टूल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद जैसी वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
सीआईआई ने कहा कि इससे वित्तीय वर्ष 2027 तक भारत का मर्चेंडाइज़ का निर्यात बढ़कर 10 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. इससे भारत में 10 लाख अतिरिक्त रोजगार और ऑस्ट्रेलिया में रोज़गार के अवसर सृजित करने में भी मदद मिलेगी.
इस समझौते से भारत के उन क्षेत्रों को फ़ायदा पहुंचेगा जिसमें ज़्यादा श्रम की ज़रूरत होती है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया इन वस्तुओं पर 4 से 5 फ़ीसदी आयात शुल्क लगाता है, जो अब तत्काल प्रभाव से शुल्क मुक्त हो जाएंगे.
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) की ओर से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत-ऑस्ट्रेलिया अंतरिम व्यापार समझौता लागू होने से 23 अरब मूल्य के उत्पाद ड्यूटी फ़्री हो जाएंगे.
वित्तीय वर्ष 2021-22 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 25.56 अरब डॉलर का था.
अख़बार के मुताबिक़, इसका मतलब साफ़ है कि पिछले वित्तीय वर्ष का 93 फ़ीसदी वस्तु व्यापार गुरुवार से शुल्क मुक्त हो जाएगा.
दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया को भारत में आयात होने वाली 70 फ़ीसदी से अधिक वस्तुओं के लिए तरजीही बाज़ार मिलेगा. क़रीब 40 फ़ीसदी वस्तुएं तत्काल प्रभाव से शुल्क मुक्त हो जाएंगी. तत्काल प्रभाव से शुल्क मुक्त होने वाली वस्तुओं में कोयला, मैंगनीज अयस्क, कॉपर कंसंट्रेट, बॉक्साइट, भेड़ का मांस, चेरी, ऊन आदि शामिल हैं.
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