रूस से बचते-बचाते ज़ेलेंस्की बाइडन से मिलने कैसे पहुंचे अमेरिका

वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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    • Author, बेन तोबियास
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

रूस यूक्रेन युद्ध शुरू होने के क़रीब 10 महीनों बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की बीते बुधवार पहली बार अमेरिका पहुंचे.

लेकिन ज़ेलेंस्की जिस तरह और जिन हालातों में अमेरिका पहुंचे, वो बताता है कि अमेरिका और यूक्रेन दोनों के लिए उनके आपसी संबंध कितने अहम हैं.

मंगलवार 22 दिसंबर को वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में युद्ध प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे थे.

यहां से उन्हें ट्रेन के ज़रिए पोलैंड ले जाया गया जहां अमेरिकी वायु सेना का एक विशेष विमान उन्हें अमेरिका ले जाने के लिए पहले से तैयार था.

कुछ ख़बरों के मुताबिक़, पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन नेटो का ख़ुफ़िया विमान और एक एफ़ 15 फ़ाइटर जेट भी इस रास्ते उनके साथ चल रहा था.

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  • ज़ेलेंस्की के अमेरिका दौरे से जुड़ी आधिकारिक सूचना पहले जारी नहीं की गई थी.
  • 20 दिसंबर वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में युद्ध प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे थे.
  • 20 र 21 दिसंबर की दरमियानी रात ज़ेलेंस्की ने ट्रेन में सफर किया और सवेरे पोलैंड के शेमिश्ल पहुंचे.
  • 21 दिसंबर को अमेरिकी वायु सेना के एक विमान से उन्हें अमेरिका ले जाया गया.
  • इस दौरान नेटो के स्पाई विमान और एक एफ़-15 फ़ाइटर जेट उनके विमान के साथ था.
  • 21 दिसंबर को ज़ेलेंस्की वापिस पोलैंड पहुंचे. यहां उन्होंने राष्ट्रपति आंद्रज़ेज डूडा से मुलाक़ात की.
  • 22 दिसंबर वापिस यूक्रेन की राजधानी कीएव पहुंचे.
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वीडियो कैप्शन, COVER STORY: रूस-यूक्रेन में ज़ोर-आज़माइश

इस हफ़्ते की शुरुआत में ही ज़ेलेंस्की के अमेरिका दौरे की ख़बरें आना शुरू हो गयी थीं.

लेकिन उनके दौरे की ख़बरों की पुष्टि बुधवार सुबह उस वक्त हुई जब अमेरिकी अधिकारी इस बात को लेकर आश्वस्त हो गए कि ज़ेलेंस्की सुरक्षित अमेरिका के लिए निकल गए हैं.

ज़ेलेंस्की के संभावित अमेरिकी दौरे पर कई महीनों से चर्चा जारी थी. लेकिन 11 दिसंबर को ज़ेलेंस्की और बाइडन के बीच बातचीत होने के बाद ज़ेलेंस्की के अमेरिकी दौरे को एकाएक अंतिम रूप दिया जाना शुरू हुआ.

इसके तीन दिन बाद ज़ेलेंस्की को अमेरिका आने का न्योता दिया गया. और फिर उनके अमेरिकी आने की तैयारियां शुरू हुईं.

इस दौरे से जुड़ी आधिकारिक सूचना भी जारी नहीं की गई.

अमेरिका में शांति के दौर में भी राष्ट्रपतियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था दी जाती है. लेकिन युद्ध के दौर में नेताओं के लिए ख़तरे ज़्यादा होते हैं.

रूसी मिसाइलों का ख़तरा

रेलवे स्टेशन पर वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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रूसी मिसाइलों के ख़तरे की वजह से यूक्रेनी राष्ट्रपति के लिए हवाई सफर करना बेहद जोखिम भरा था. ऐसे में उन्होंने रात को यूक्रेन से पोलैंड तक ट्रेन से सफर किया.

इसके बाद बुधवार तड़के सुबह ज़ेलेंस्की सीमावर्ती शहर शेमिश्ल के रेलवे स्टेशन पर नज़र आए. पोलिश टीवी पर कुछ वीडियोज़ प्रसारित किए गए हैं जिनमें ज़ेलेंस्की प्लेटफॉर्म पर चल रहे हैं और उनके पीछे नीले और पीले रंग वाली यूक्रेनी ट्रेन खड़ी है.

ज़ेलेंस्की और उनके सहयोगी पहले से उनका इंतज़ार कर रही काले रंग की शेवरोले सबअर्बन गाड़ियों में बैठकर निकल गए. ये अमेरिकी सरकार का पसंदीदा कार मॉडल है.

इससे पहले कई पश्चिमी देशों के नेता और अधिकारी ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात करने के लिए ट्रेन के ज़रिए यूक्रेन की राजधानी कीएव पहुंचे हैं. लेकिन ज़ेलेंस्की युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार किसी देश के दौरे के लिए यूक्रेन से बाहर निकले थे.

फ़्लाइट डेटा के मुताबिक़, ज़ेलेंस्की के इस स्टेशन पर पहुंचने के कुछ देर बाद यहां से 80 किलोमीटर दूर पश्चिम में ज़ेशोव एयरपोर्ट से अमेरिकी वायु सेना के बोइंग सी-40बी विमान ने उड़ान भरी थी. माना जाता है कि इसी विमान में ज़ेलेंस्की सवार थे.

इस विमान ने उत्तरपश्चिम में ब्रिटेन की ओर उड़ान भरी लेकिन इस विमान के हवाई क्षेत्र में आने से पहले नेटो के स्पाई विमान ने पूरे क्षेत्र को स्कैन किया. माना जाता है कि इस क्षेत्र में रूसी पनडुब्बियां तैनात रहती हैं.

इसके बाद ब्रिटेन स्थित अमेरिकी अड्डे से अमेरिका के एफ़-15 फ़ाइटर जेट ने उड़ान भरी और ज़ेलेंस्की के विमान के साथ रहा.

ज़ेलेंस्की

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इसके लगभग दस घंटे बाद वॉशिंगटन में विमान उतरा जहां उसे अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा दी गई.

अमेरिका पहुंचने के बाद विदेशी नेताओं को सीक्रेट सर्विस की ओर से सुरक्षा दी जाती है. लेकिन रूस के साथ जारी युद्ध की वजह से ज़ेलेंस्की की सुरक्षा को लेकर अधिकारी कुछ ज़्यादा ही चौकन्ने थे.

एक शीर्ष अधिकारी ने एबीसी न्यूज़ को बताया, "हमें इस बात की जानकारी है कि रूस से जुड़े लोग यहां भी मौजूद हैं जो कोई कदम उठा सकते थे. ऐसे में हमें पता है कि दांव पर क्या लगा है."

ज़ेलेंस्की का दौरा, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ मुलाक़ात और अमेरिकी संसद को संबोधन के साथ पूरा हुआ. गुरुवार को वह वापस पोलैंड भी पहुंच गये जहां उन्होंने अपने समकक्ष आंद्रज़ेज डूडा से मुलाक़ात की.

ख़बरों के मुताबिक़, शुक्रवार को ज़ेलेंस्की यूक्रेन पहुंच गए. उन्होंने टेलिग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा है कि 'हम जीत की तरफ अपने कदम बढ़ा रहे हैं.'

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