अमेरिका पहुँचे ज़ेलेंस्की को आख़िर क्या हासिल हुआ?

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने वॉशिंगटन में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के साथ मुलाक़ात में कहा है कि अमेरिका रूस के साथ जंग में यूक्रेन के साथ खड़ा रहेगा.
इस साल फरवरी में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ज़ेलेंस्की का पहला अमेरिकी दौरा है.
बाइडन ने इस मौक़ै पर यूक्रेन को 1.7 अरब डॉलर का नया राहत पैकेज देने की घोषणा की है. इसके साथ ही और 45 अरब डॉलर देने का भी वादा किया है.
ज़ेलेंस्की ने अमेरिका की ओर से किए जा रहे समर्थन के लिए बाइडन का शुक्रिया किया है.
अमेरिका अब तक इस युद्ध में यूक्रेन को पचास अरब डॉलर की आर्थिक मदद दे चुका है जिसमें मानवीय मदद से लेकर आर्थिक और सुरक्षा इंतज़ामों से जुड़ी मदद शामिल है.
रिपब्लिकन पार्टी की चिंताएं

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यूक्रेन युद्ध की भारी क़ीमत और इसकी वजह से वैश्विक खाद्य और ऊर्जा क़ीमतों में आए उछाल के चलते यूक्रेन के कुछ सहयोगियों के लिए उसके समर्थन में खड़े रहना मुश्किल होता जा रहा हैं.
इन तमाम चिंताओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन के प्रति 'जब तक होगा तब तक' समर्थन को लेकर उन्हें किसी तरह की फ़िक्र नहीं है.
हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी ने कहा है कि वह यूक्रेन के लिए 'ब्लैंक चैक' यानी असीमित आर्थिक मदद नहीं देगी. अगले महीने जनवरी में अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत हासिल हो जाएगा.
बाइडन के साथ मुलाक़ात में ज़ेलेंस्की ने कहा, "पेट्रियट मिसाइल इंस्टॉल होने के बाद क्या होगा? फिर हम राष्ट्रपति बाइडन को एक और संकेत भेजेंगे कि हमें और पेट्रियट चाहिए होंगी. मैं माफ़ी चाहता हूं, लेकिन हम युद्ध से जूझ रहे हैं. "
इस पर बाइडन ने कहा, "हम इस दिशा में काम कर रहे हैं."
रूस ने क्या कहा?

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इधर रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यूक्रेन को ज़मीन से हवा में मार करने वाली आधुनिक मिसाइल सिस्टम की डिलिवरी को एक भड़काऊ कदम माना जाएगा.
इससे पहले बुधवार को पुतिन ने कहा था कि वह मानते हैं कि उनके देश को यूक्रेन युद्ध के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए, दोनों देश ही इस त्रासदी के शिकार हैं.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, "यूक्रेन का ये कदम रूस को अपने स्पेशल सैन्य अभियान के लक्ष्य को हासिल करने से रोक नहीं सकेगा."
अमेरिकी सेना के आकलन के मुताबिक़, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम एक लाख रूसी और एक लाख यूक्रेनी सैनिक या तो मारे गए हैं या घायल हुए हैं. इसके साथ ही इस युद्ध में लगभग चालीस हज़ार आम लोगों की भी मौत हुई है.
संयुक्त राष्ट्र ने इस युद्ध की वजह से बेघर हुए लोगों की संख्या 78 लाख के आसपास बताई है. हालांकि, इस आंकड़े में वो लोग शामिल नहीं हैं जिन्हें अपना घर छोड़कर भागना पड़ा लेकिन वे फिलहाल यूक्रेन में ही हैं.

एंथनी ज़र्चर
उत्तर अमेरिका के लिए बीबीसी संवाददाता
यूक्रेन और रूस के बीच बीते दस महीने से एक भीषण युद्ध जारी है जिसमें दोनों पक्षों को भारी जानोमाल की हानि हुई है.
अब तक यूक्रेनी राष्ट्रपति वीडियो लिंक के माध्यम से ही दुनिया के सामने आए थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी एक मौक़े पर यूक्रेन जा चुके हैं.
लेकिन ज़ेलेंस्की के इस दौरे को व्हाइट हाउस की ईस्ट विंग में यूक्रेन और अमेरिका की एकता की तस्वीर के तौर पर पेश करने की कोशिश की गई है.
बाइडन ने कहा, "ये साल यूक्रेनी नागरिकों के लिए बेवजह दुख और कष्ट लेकर आया है. लेकिन राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की, मैं आपको बताना चाहता हूं कि अमेरिकी लोग हर कदम पर आपके साथ हैं और रहेंगे."
ये काफ़ी दमदार शब्द थे लेकिन इनके पीछे एक जटिल सच छिपा है.
अमेरिका और उसके दूसरे सहयोगी युद्ध की वजह से ऊर्जा की ऊंची कीमतों और इसके कारण आर्थिक नुक़सान झेल रहे हैं. अमेरिकी जनता ने इस युद्ध की शुरुआत में यूक्रेन को मदद दिए जाने की बात का जिस तरह समर्थन किया था, वो अब कम हो गया है.
हाल ही में हुए एक सर्वे में भाग लेने वाले एक तिहाई अमेरिकियों ने कहा है कि वे यूक्रेन युद्ध में अमेरिकी मदद का समर्थन नहीं करते. सर्वे में आधे फ़ीसदी लोगों ने कहा कि वह चाहते हैं कि यूक्रेन में जल्द से जल्द शांति कायम हो.
वॉशिंगटन में हुई इस बैठक के ज़रिए ज़ेलेंस्की और बाइडन, यूक्रेनी और अमेरिकी लोगों के साथ-साथ पश्चिमी दुनिया के सहयोगियों और रूसी राष्ट्रपति पुतिन समेत पूरी दुनिया को ये बताना चाहते हैं कि यूक्रेन के लिए अमेरिका का समर्थन मज़बूत है और दोनों लंबे वक्त के लिए साझेदार हैं.


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अमेरिकी मदद को ज़ेलेंस्की ने कहा 'निवेश'
बैठक के बाद ज़ेलेंस्की और बाइडन की साझा प्रेस वार्ता हुई. इस दौरान दोनों ने ये साबित करने की कोशिश की कि यूक्रेन को दी जा रही मदद अमेरिका के एक व्यापक उद्देश्य पूरा कर रही है.
बाइडन ने यूक्रेन पर रूसी हमले को 'स्वतंत्रता और लोकतंत्र' के साथ-साथ संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के मूल्यों पर हमला' बताया जिसके बाद अमेरिका की कड़ी प्रतिक्रिया स्वाभाविक थी.
वहीं, ज़ेलेंस्की ने अंग्रेजी में बात करते हुए कहा कि यूक्रेन को दी जा रही अमेरिकी मदद दान नहीं बल्कि 'निवेश है.'
लेकिन भविष्य में यूक्रेन को मदद देते रहने का फ़ैसला सिर्फ़ बाइडन के हाथ में नहीं है. व्हाइट हाउस में बाइडन के साथ प्रेस वार्ता और तस्वीरें खिंचवाने के बाद ज़ेलेंस्की अमेरिकी संसद के समक्ष पेश हुए.
यूक्रेन की आर्थिक मदद करने के लिए बाइडन सरकार अमेरिकी संसद पर निर्भर है.
इस साल अमेरिकी संसद यूक्रेन की आर्थिक और सैन्य मदद के लिए लगभग 67 अरब डॉलर की राशि पर स्वीकृति दे चुकी है. साल 2023 के लिए इस हफ़्ते 45 अरब डॉलर की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है. हालांकि, अगले साल इससे ज़्यादा मदद हासिल करना ज़ेलेंस्की के लिए चुनौतीपूर्ण होगा.
इस साल मई महीने में 435 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में से रिपब्लिकन पार्टी के 57 सदस्यों और 100 सीटों वाली सीनेट के 11 सदस्यों ने चालीस अरब डॉलर वाले एकमुश्त अमेरिकी मदद पैकेज़ का विरोध किया था.
कुछ पोल्स में सामने आया है कि इसके बाद से रिपब्लिकन पार्टी का यूक्रेन को अमेरिकी मदद के प्रति समर्थन घट गया है.
नवंबर महीने में हुए एक सर्वे में सामने आया है कि लगभग आधे से ज़्यादा रिपब्लिकन मतदाता यूक्रेन को मदद दिए जाने के समर्थन में थे. मार्च में ये आंकड़ा अस्सी फीसद था.
रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं ने हाल ही में संपन्न हुए मध्यावधि चुनाव में सवाल उठाया था कि अमेरिका अपनी सीमा की सुरक्षा और अपराध से लड़ने में पैसा ख़र्च करने की जगह इतने दूर स्थित देश पर इतना पैसा क्यों ख़र्च कर रहा है.
मध्यावधि चुनाव के बाद प्रतिनिधि सभा में 86 और सीनेट में सात नए सदस्य आए हैं. अमेरिकी संसद में ज़ेलेंस्की का भाषण इन नए सदस्यों से समर्थन हासिल करने की कोशिश जैसा था.
अमेरिकी संसद से इससे ज़्यादा मदद हासिल करना ज़ेलेंस्की के लिए चुनौतीपूर्ण होगा लेकिन अपने भाषण में वह ये कोशिश करते हुए दिखाई दिए.
ज़ेलेंस्की ने कहा, "हमारे पास आर्टिलरी है. क्या ये पर्याप्त है? नहीं. रूसी सेना को पूरी तरह बाहर निकालने के लिए ज़्यादा बंदूकों और गोलियों की ज़रूरत है."
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा केविन मेकार्थी पहले ही यूक्रेन को अब आगे 'ब्लैंक चेक' जारी करने पर चिंता जता चुके हैं. और प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन पार्टी सदस्यों ने जब मंगलवार को कहा कि यूक्रेन की मदद करना पार्टी की पहली प्राथमिकता है, तो लोगों को विश्वास है.
बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति की 'अमेरिका फर्स्ट' की नीति का समर्थन करने अधिकतर वालों की राय में ज़ेलेंस्की 'अनग्रेटफुल इंटरनेशनल वेलफ़ेसर क्वीन' हैं.
ज़ेलेंस्की भी समझते हैं कि यूक्रेन को मदद देना नए साल में रिपब्लिकन पार्टी के एजेंडा में सबसे ऊपर नहीं होगा लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अमेरिका का उनका ये हाई प्रोफ़ाइल दौरा ये सुनिश्चित करने के लिए है कि यूक्रेन उनके एजेंडा से बाहर न निकल जाएग.
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