उम्मीद जगाती भारतीय महिला क्रिकेट टीम, बुलंदी से कितनी दूर

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- Author, जॉयदीप घोष
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
जाहिर तौर पर फैन्स की उम्मीदें अपनी महिला क्रिकेट टीम से रही होंगी, लेकिन कहीं ज़्यादा मजबूत ऑस्ट्रेलिया के सामने भारतीय महिला क्रिकेट टीम का प्रदर्शन क्या इतना निराश कर देने वाला रहा?
ये सिरीज़ 4-1 से ऑस्ट्रेलिया के नाम रही.
वैसे दोनों टीमों के बीच के अंतर को जानने वालों को इस नतीजे पर बहुत अचरज भी नहीं होगा. लेकिन पांच मैचों की इस सिरीज़ में एक मुक़बला निश्चित तौर पर भारतीय महिला खिलाड़ियों के नाम रहा.
11 दिसंबर को मुंबई के डीवाई पाटील स्टेडियम में ये मुक़ाबला खेला गया, जहां स्मृति मंधाना की शानदार बल्लेबाज़ी की बदौलत भारतीय टीम ने पहले तो मुक़ाबला टाई कराया और उसके बाद सुपर ओवर में ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया.
इस मुक़ाबले के दौरान भारतीय क्रिकेट में वो नजारा पहली बार दिखा जो अब तक नहीं दिखा था. इस मैच से पहले टिकट खिड़की पर 'सोल्ड आउट' का बोर्ड टंगा हुआ था. इसको देख कर पहले तो लोगों को यक़ीन नहीं हुआ लेकिन जब स्टेडियम में फैन्स आते गए तब जाकर लोगों को विश्वास हुआ.
महिला क्रिकेट को लेकर दर्शकों में ये उत्साह बता रहा है कि अब पहले जैसी बात नहीं है. केवल फैंस को लेकर ही नहीं बल्कि महिला क्रिकेट की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए निवेश भी बढ़ा है.
भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पिछले ही दिनों महिला क्रिकेट खिलाड़ियों की मैच फीस पुरुष खिलाड़ियों के बराबर करने का अहम फ़ैसला लिया है.
अक्टूबर महीने के बाद महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को भी प्रति टी-20 मैच तीन लाख रुपये, प्रति वनडे छह लाख रुपये और प्रति टेस्ट 15 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है.
इस फ़ैसले को भारतीय महिला क्रिकेट में बहुत बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.

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महिला आईपीएल की तैयारी
इतना ही नहीं, भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने महिला आईपीएल के लिए मीडिया राइट्स के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं. इस क़दम के बाद महिला आईपीएल के आयोजन को लेकर माना जा रहा है कि तीन मार्च, 2023 से इसका पहला सीज़न शुरू हो जाएगा.
भारत की पूर्व महिला कप्तान डायना एडुलजी को कथित तौर पर उस वक्त के बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा था कि अगर उनकी चलती तो वे महिला क्रिकेट शुरू ही नहीं होने देते. ऐसे में समझना मुश्किल नहीं है कि भारतीय महिला क्रिकेट ने कितनी दूरी तय कर ली है.
इन बदलावों की सबसे बड़ी वजह, महिला टीम की कामयाबी ही है. अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम केवल नाम मात्र के लिए क्रिकेट नहीं खेल रही है बल्कि टीम का प्रदर्शन अहम मौकों पर शानदार रहा है.
ये ज़रूर है कि टीम को अभी भी बड़ी कामयाबी हासिल करने का इंतज़ार है लेकिन टीम कई मौकों पर जोरदार प्रदर्शन कर चुकी है. यही वजह है कि महिला क्रिकेट के प्रति स्पांसरों का रूझान भी बढ़ा है. इसके चलते ही महिला आईपीएल का आयोजन हो रहा है.
दरअसल भारतीय महिला क्रिकेट टीम टी-20 क्रिकेट में कहीं ज़्यादा बेहतर प्रदर्शन कर रही है. टीम की कुछ खिलाड़ी तो पिछले कुछ सीज़न से ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में जोरदार प्रदर्शन कर रही हैं.
इसी साल आयोजित कॉमनवेल्थ खेलों में टीम फ़ाइनल तक पहुंचने में कामयाब रही. कॉमनवेल्थ खेलों में भी फ़ाइनल मुक़ाबले में टीम, ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार गई लेकिन खिलाड़ियों ने अपने खेल से फैंस को आकर्षित किया था.

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जब टीम का प्रदर्शन ऐसा है तो इसकी सबसे बड़ी वजह कुछ युवा खिलाड़ियों का उभरना रहा. मिताली राज और झूलन गोस्वामी जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने कई सालों तक भारतीय टीम का बोझ अपने कंधों पर उठाए रखा.अंजुम चोपड़ा को भी इस सूची में रखा जा सकता है. लेकिन इन खिलाड़ियों के संन्यास के बाद हरमनप्रीत कौर ने टीम की कमान संभाल ली है.
हरमनप्रीत कौर के अलावा सलामी बैटर के तौर पर स्मृति मंधाना हर बड़ी चुनौती के लिए तैयार दिख रही हैं. बाएं हाथ की आक्रामक बैटर मंधाना जब अपने रंग में हों तो विपक्षी टीमों के हौसले पस्त हो जाते हैं.
मंधाना अभी महज 26 साल की हैं और उनमें कई साल की क्रिकेट बाक़ी है, इसे देखते हुए उम्मीद की जाती है कि आने वाले दिनों में वह भारतीय टीम की कप्तानी भी करेंगी.

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दमदार प्रदर्शन
मंधाना अब तक टेस्ट मैचों में एक और वनडे मैचों में पांच शतक लगा चुकी हैं.
टेस्ट और वनडे क्रिकेट में उनकी बल्लेबाज़ी का औसत 46 से ज़्यादा का है. मंधाना के अलावा जिस युवा भारतीय खिलाड़ी ने हाल के दिनों में प्रभावित किया है उनमें शेफाली वर्मा का नाम भी शामिल है.
किसी भी खेल की नेशनल टीम में जगह पाना वैसे भी मुश्किल होता है लेकिन 2019 में शेफाली वर्मा जब भारतीय टीम में शामिल हुईं तब उनकी उम्र महज 15 साल थी. दो साल के अंदर ही शेफाली ने तीनों फॉर्मेट में खेलने का करिश्मा कर दिखाया. वह भारतीय महिला और पुरुष क्रिकेट में यह उपलब्धि हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं, इस उपलब्धि पर किसी को भी गर्व हो सकता है.
बतौर बैटर शेफाली आक्रामक बल्लेबाज़ी करने के लिए जानी जाती हैं, टेस्ट मैचों में भी उनका औसत 60 से ज़्यादा का है. हालांकि अब तक उनके प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव दिखा है. लेकिन जब वह अपनी लय में होती हैं तो उनको रोकना नामुमकिन लगता है.
महाराष्ट्र की ओर से अंडर-17 हॉकी खेल चुकी जेमिमा रोड्रिगेज ने क्रिकेट के मैदान पर भी लोगों को प्रभावित किया है. हालांकि अभी तक उन्हें टेस्ट मैच में खेलने का मौका नहीं मिला है लेकिन वनडे और टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है.
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हालिया टी-20 सिरीज़ के चार मैचों में वह केवल 28 रन बना सकीं लेकिन टी 20 क्रिकेट में अब तक वह नौ अर्धशतक बना चुकी हैं.
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ जिस रोमांचक मुक़ाबले ने भारत ने मैच टाई होने के बाद सुपर ओवर में जीत हासिल की, उसमें विकेटकीटप बैटर रिचा घोष का नया अंदाज़ दिखा. उन्होंने पहले तो 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाकर दबाव के पलों में मैच को टाई कराया, इस पारी में रिचा ने तीन ज़ोरदार छक्के लगाए. इसके बाद सुपर ओवर में भी रिचा ने मैच का सबसे लंबा छक्का जड़ा.
रिचा मिडिल ऑर्डर में तेज़ी से रन बटोरने वाली बैटर हैं हालांकि उन्हें अपनी विकेटकीपिंग पर अभी काफ़ी काम करना होगा.

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युवा खिलाड़ियों का दम
बीते सितंबर महीने में झूलन गोस्वामी के फेयरवेल वाले वनडे मुक़ाबले और सिरीज़ के निर्णायक मैच में इंग्लैंड के बैटर को क्रीज़ से बाहर निकलने पर रन आउट कर सुर्खियों में आने वाली दीप्ति शर्मा भी प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं. ऑफ़ स्पिनर दीप्ति बाएं हाथ से आक्रामक बल्लेबाज़ी भी कर लेती हैं.
80 वनडे मैचों में 91 विकेट और 82 टी 20 मैचों में 87 विकेट झटकने के अलावा दीप्ति वनडे में 1891 और टी 20 में 865 रन बना चुकी हैं. वनडे क्रिकेट में दीप्ति 188 रनों की बड़ी पारी खेल चुकी है.
झूलन गोस्वामी के बाद भारतीय गेंदबाज़ी की कमान रेणुका सिंह ठाकुर के हाथों में हैं. वे लंबे समय से टीम का हिस्सा हैं लेकिन कॉमनवेल्थ खेलों में उनकी मारक क्षमता का पता चला, जब वे 11 विकेट के साथ सबसे कामयाब गेंदबाज़ के तौर पर उभरीं.
रेणुका सिंह के अलावा पूजा वस्त्राकर भी अपने खेल से मैच का नक्शा बदलने की काबिलियत रखतीहैं. ज़ाहिर है भारतीय महिला क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों ने मिताली राज और झूलन गोस्वामी की कमी नहीं खलने दी है.
ऐसे में महिला आईपीएल के आयोजन से और ज़्यादा युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के सामने आने की उम्मीद की जा रही है. भारतीय महिला क्रिकेट टीम से आने वाले दिनों में ढेरों कामयाबी की उम्मीद की जा सकती है.
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