उत्तर प्रदेश चुनाव: केशव प्रसाद मौर्य को लोगों ने अपने ही क्षेत्र में क्यों घेर लिया, क्या है पूरा मामला

केशव प्रसाद मौर्य

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    • Author, अनंत झणाणे
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

उत्तर प्रदेश के चुनावों में सभी घोषित प्रत्याशी अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार करने पहुँच रहे हैं. शनिवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी अपनी सीट सिराथू में प्रचार के लिए पहुँचे.

सिराथू से उनका एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ लोग उनके ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करते हुए सुने जा सकते हैं. केशव प्रसाद मौर्य अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता राजीव मौर्य के घर गए थे. राजीव मौर्य थाना क्षेत्र सैनी के ग़ुलामीपुर इलाक़े के रहने वाले हैं.

दरअसल राजीव मौर्य 19 जनवरी की रात से लापता हैं और उनकी पत्नी और कौशाम्बी ज़िला पंचायत सदस्य पूनम मौर्य ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है.

लेकिन 19 तारीख़ से लेकर अब तक राजीव मौर्य का कोई पता नहीं चल पाया है. राजीव मौर्य प्रॉपर्टी डीलर हैं और उनकी पत्नी पूनम मौर्य बीजेपी की नेता हैं और कौशाम्बी ज़िलापंचायत वार्ड नंबर छह की सदस्य भी हैं.

राजीव मौर्य 2015 में भाजपा के बैनर तले ख़ुद भी कौशांबी में ज़िला पंचायत सदस्य के रूप में चुनाव लड़े थे.

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ग़ुलामीपुर स्थित राजीव मौर्य के घर पहुँचे थे जहाँ पर उन्हें महिलाओं ने घेर लिया था और बाद में उस घटना का एक वीडियो वायरल भी हुआ जिसमें हल्ला मचाती हुई दिख रही हैं और वो केशव प्रसाद मौर्य को जाने से रोकते नज़र आ रही हैं. क्लिप में केशव मौर्य भी उन्हें इशारे से चुप कराते हुए नज़र आ रहे हैं.

वायरल वीडियो के क्लिप में "केशव मौर्य के ख़िलाफ़ नारे लगाती" महिलाओं की आवाज़ भी सुनायी दे रही है. और फिर केशव मौर्य गाड़ी में बैठ कर अपने क़ाफ़िले के साथ रवाना हो जाते हैं.

पूनम मौर्य और सिराथू के मौजूदा भाजपा विधायक शीतला प्रसाद पटेल शीतला प्रसाद पटेल ने इस घटना के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने इसकी जांच कराए जाने की भी मांग की है.

राजीव मौर्य की गुमशुदगी का मामला

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क्या है राजीव मौर्य की गुमशुदगी का मामला?

राजीव मौर्य 19 जनवरी की रात को नौ बजे घर से अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में रवाना हुए. पुलिस के अनुसार वो प्रयागराज ढाबे पर पहुँचे जहाँ पर उन्होंने अपने दोस्तों के साथ खाना खाया और फिर वो एक बस में बैठ कर वहां से रवाना हो गए. बाद में उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद हुई. पुलिस के मुताबिक़ उनका बस में बैठते हुए CCTV फुटेज भी है.

इस मामले की जाँच कर रहे कौशाम्बी के एडिशनल एसपी समर बहादुर सिंह कहते हैं, "राजीव मौर्य अपनी पत्नी से यह कह कर निकले थे कि मैं कहीं जा रहा हूँ. लेकिन वो अपने मित्रों के साथ निकले और पार्टी की, ढाबे पर खाना खाया. बाद में अपने घर के पीछे एक और मित्र से भी मिलते हैं. फिर वो वहां से अकेले निकल जाते हैं लेकिन घर नहीं जाते हैं. बाद में पत्नी से बात होती है कि मैं दस मिनट में घर पहुँच रहा हूँ और फिर फ़ोन बंद हो जाता है. अपना पर्स, अपनी सारे आईडी, बीस हज़ार रुपये, एक दूसरा मोबाइल फ़ोन, ये सब वो घर पर छोड़ कर जाते हैं."

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राजीव की पत्नी पूनम मौर्य का क्या कहना है?

अपने पति राजीव मौर्य की गुमशुदगी के बारे में पूनम मौर्य ने मीडिया को तो अभी तक कोई बयान नहीं दिया है. लेकिन उनका एक वीडियो सिराथू के मौजूदा भाजपा विधायक शीतला प्रसाद पटेल ने अपने फ़ेसबुक पेज पर जारी किया है.

इस वीडियो में पूनम मौर्य कह रही हैं कि, "मैं पूनम मौर्य राजीव मौर्य की पत्नी हूँ. आज चार दिन हो गए हैं, उनका कोई पता नहीं है. प्रशासन पूरी तरह से जुटा हुआ है. माननीय उपमुख्यमंत्री जी हमारे घर आए हुए हैं. उन्होंने हमसे बात भी की है. मैं बहुत ख़ुश हूँ कि वो मेरे घर आए हैं. वो खोज के लाएंगे, वो सब कुछ करेंगे."

"कुछ लोग हैं, विपक्षी लोग हैं, जो आ कर यहाँ पर हंगामा खड़ा कर रहे हैं. यह कहीं न कहीं हमारे केस के लिए बहुत घातक बन सकता है. उपमुख्यमंत्री मिले और उन्होंने यह आश्वासन दिया कि प्रक्रिया चल रही है, बहुत जल्द मैं इस केस के बारे में और राज़ खोलूंगी. एक दिन वो अपने घर आ जाएंगे. वो मेरे बड़े भैया हैं, हमारे कौशाम्बी के रक्षक हैं, वो उनको खोज के लाएंगे. कहीं से भी."

राजीव मौर्य की गुमशुदगी का मामला

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इस फ़ेसबुक पोस्ट के साथ शीतला प्रसाद पटेल ने एक पोस्ट भी लिखा है.

वो लिखते हैं, "ज़िला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजीव मौर्य जी के लापता होने की सूचना के दिन सुबह ही मैंने घटना स्थल पर मौजूद होकर क़ानूनी कार्रवाई को आगे बढ़वाया था. विपक्षी दल के लोग जिस तरह से गंदी राजनीति कर रहे हैं वो अत्यंत कुत्सित एवं निंदनीय है. जनता उसका जवाब समय आने पर अवश्य देगी."

इससे पहले उन्होंने एक और पोस्ट डाला है जिसमें शीतला प्रसाद पटेल ने लिखा, "जिस वीडियो को दिखाकर बताया जा रहा है कि केशव जी का विरोध हो रहा है. ये मात्र विरोधियों की एक घिनौनी राजनीति है. आज केशव प्रसाद मौर्य जी की लोकप्रियता को देखकर विपक्षियों के पांव तले ज़मीन खिसक चुकी है."

पूनम मौर्य के बयान का एक और वीडियो वायरल हुआ है जिसमे वो हंगामा करने वालों के ख़िलाफ़ करवाई की माँग कर रही हैं, "कुछ विपक्षी लोग हैं, वो काफ़ी कुछ बोलते हैं उनके बारे में, मैं उनके बहुत ख़िलाफ़ हूँ. वो सब क्यों बोले हैं, मुझे नहीं पता है. उनके ख़िलाफ़ कारवाई की जाए कि वो ऐसा क्यों बोले."

राजीव मौर्य की गुमशुदगी का मामला

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कौशाम्बी पुलिस ने अब तक जाँच में क्या पाया?

कौशाम्बी पुलिस ने राजीव मौर्य की तलाश के लिए पाँच टीमें गठित की हैं.

एडिशनल एसपी समर बहादुर सिंह का कहना है, "हर लाइन पर काम हो रहा है. लेकिन उनके कई विवाद भी थे, कुछ ज़मीनों का पैसे के लेन-देन का विवाद था. वो जाते हुए ख़ुद अपनी गाड़ी खड़ी कर रहे हैं. एक बस को रोक रहे हैं, दूसरी बस को जाने दे रहे हैं. स्कॉर्पियो में और कोई आदमी नहीं निकला, अकेले वो निकले हैं. लेकिन क्योंकि ठंड का मौसम था तो उन्होंने चेहरा बाँध भी रखा था. उनके क़रीबी मित्र कह रहे हैं कि सीसीटीवी में दिख रहा शख़्स राजीव ही हैं. जो दिख रहा है कि वो गए हैं तो अपने मन से गए हैं, गाड़ी लॉक की है."

लेकिन उनकी गुमशुदगी के बाद स्थानीय लोग तीन बार नेशनल हाईवे पर जाम कर चुके हैं. इस पूरे घटनेक्रम पर केशव प्रसाद मौर्य का अभी तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है.

सिराथू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केशव मौर्य ने सिराथू से अपनी उम्मीदवारी के बारे में मीडिया से बात की थी जिसमें उन्होंने कहा था, "जनता जनार्दन है, उसके लिए मैं प्रदेश में या देश में कुछ भी दायित्व पार्टी के द्वारा निभाने का काम मिलेगा, मैं करूंगा. लेकिन सिराथू के लिए या कौशाम्बी के लिए या प्रयाग के लिए मैं कभी भी नेता नहीं हूँ. ना मुझे कोई नेता मानता है, ना मैं चाहता भी हूँ कि मुझे कोई नेता माने."

राजीव मौर्य की गुमशुदगी का मामला

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उपमुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे सब परिवार का सदस्य मानते हैं, और मैं इसी रूप में क्षेत्र का विकास, क्षेत्र की सेवा करने के संकल्प के साथ चुनाव अभियान में लगूंगा और मैं मानता हूँ कि हमारे संगठन के जितने भी वरिष्ठ लोग हैं, एक-एक कार्यकर्ता तो लगेंगे ही लेकिन विधान सभा का यह चुनाव यहाँ की जनता भी लड़ेगी, और मुझे आशा है कि ऐसा आशीर्वाद प्राप्त होगा जो प्रदेश के अंदर एक रिकॉर्ड बनेगा, ऐसा हमें भरोसा है."

लेकिन क्या मुख्यमंत्री के घेराव की कौशाम्बी पुलिस जाँच कर रही है? इस बारे में एडिशनल एसपी समर बहादुर सिंह ने कहा, "हो सकता है कि उनके कोई विरोधी हों क्योंकि चुनाव के समय हर जगह बहुत भीड़ आती है. परिजनों से कोई मतलब नहीं है."

इनपुट - मोहम्मद बाकर हुसैन (कौशाम्बी से)

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