उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पुलिस की कथित पिटाई से नाबालिग की मौत, विपक्ष का योगी सरकार पर निशाना

लखीमपुर

इमेज स्रोत, Prashantpandey

    • Author, प्रशांत पांडेय
    • पदनाम, लखीमपुर खीरी से बीबीसी हिंदी के लिए

यूपी का लखीमपुर खीरी ज़िला एक बार फिर चर्चा में है. वहाँ अनुसूचित जनजाति के 17 साल के एक नाबालिग लड़के की पुलिस की कथित पिटाई से मौत को लेकर हंगामे के बाद तीन पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई. वहीं विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है.

मृत किशोर राहुल की माँ ने खजुरिया चौकी इंचार्ज और तीन सिपाहियों पर अपने बेटे को मोबाइल चोरी की झूठी शिकायत पर पीटने का आरोप लगाया है.

रविवार सुबह खीरी ज़िला मुख्यालय से क़रीब 110 किलोमीटर दूर भारत-नेपाल बॉर्डर के सम्पूर्णानगर कोतवाली इलाके के कमलापुरी गाँव के निवासियों ने 17 साल के राहुल के शव के साथ सड़क पर पुलिस के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था.

हंगामे के बाद खीरी के एसपी संजीव सुमन ने पूरे मामले की जाँच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है. उन्होंने खजुरिया के चौकी इंचार्ज विपिन कुमार सिंह और दो सिपाहियों सचिन और महेंद्र को निलंबित कर दिया है. हालाँकि पुलिस ने पिटाई के आरोपों पर कुछ नहीं कहा है.

क्या है मामला

दरअसल, कमलापुरी गाँव के राहुल के ख़िलाफ़ उनके चाचा ने खजुरिया चौकी में 17 जनवरी को दो मोबाइल फ़ोन चुराने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी.

इसके बाद पुलिस ने राहुल को पूछताछ के लिए बुलाया. बेटे को थाने लेकर गई राहुल की माँ का कहना है कि पुलिस वालों ने उनसे कहा कि पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा.

माँ सीता देवी कहती हैं, ''पुलिस ने बाद में मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा. वो रोता-गिड़गिड़ाता रहा, पर पुलिस ने उसे बुरी तरह मारा.''

राहुल की बहन बताती हैं कि जब राहुल की तबीयत बिगड़ी तो पहले यहीं से दवा ली. पर ज़्यादा तबीयत ख़राब हुई तो इलाज के लिए उन्हें पलिया के गुप्ता हॉस्पिटल ले जाया गया. वहाँ शनिवार-रविवार की दरमियानी रात दो बजे राहुल ने दम तोड़ दिया.

हालाँकि कमलापुरी के ग्राम प्रधान गुरबाज सिंह कहते हैं,'' राहुल की माँ मेरे पास आई. मैं चौकी गया. पर पुलिस ने कहा कि पूछताछ करके छोड़ देंगे. फिर 19 तारीख़ को पुलिस ने एक समझौते पर दस्तख़त कराके उसे छोड़ दिया. तब राहुल ने हम लोगों को भी नहीं बताया कि पुलिस ने उसे मारा है. फिर वो घर आया तो उसके चाचा लोगों से भी कुछ झगड़ा हुआ.''

यूपी पुलिस

इमेज स्रोत, Getty Images

सवाल

ऐसे में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि अगर 17 जनवरी को शिकायत के आधार पर राहुल को पुलिस ने बुलाया और 19 जनवरी तक कस्टडी में क्यों रखा और पुलिस ने जब उसे घरवालों को सौंपा तो क्या राहुल की हालत ठीक थी.

साथ ही ये भी सवाल उठ रहा है कि राहुल की 20 तारीख को उसके चाचा लोगों से भी लड़ाई हुई, तो मौत पुलिस की पिटाई से हुई या चाचा लोगों से लड़ाई से?

एसपी संजीव सुमन का दावा है कि पुलिस ने 19 जनवरी को एक समझौते के बाद राहुल को परिजनों के सकुशल सौंप दिया था.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

एसपी संजीव सुमन ने बताया है कि मृतक की माँ सीता देवी की दी गई पहली तहरीर पर मृतक के चाचा रामबहादुर और कमलापुरी गाँव के ही एक अन्य युवक रामवीर पर आईपीसी की धारा 304 में मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है.

उन्होंने खीरी पुलिस के ट्विटर हैंडल और मीडिया को जारी वीडियो बयान में कहा है कि अब दोनों तहरीरों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, और यदि पुलिस वाले दोषी पाए गए तो उनके ख़िलाफ़ भी सख़्त कार्रवाई की जाएगी.'

सियासी रंग

चुनाव के वक़्त खीरी ज़िले में जनजातीय नाबालिग की कथित पुलिस पिटाई से मौत का ये प्रकरण अब सियासी रूप भी लेने लगा है. मुख्य रूप से बीजेपी के विरोधी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा है.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

समाजवादी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल से लखीमपुर में 17 वर्षीय नाबालिग राहुल की कथित पुलिस पिटाई से मौत पर ट्वीट किया है. मृतक की बहन का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए सपा ने लिखा है - 'भाजपा सरकार में कस्टोडियल डेथ में नंबर वन यूपी में एक और पुलिस किलिंग! "मेरे भाई को इतना मारा की उसकी जान चली गई" लखीमपुर खीरी में पुलिस की पिटाई से 17 वर्षीय युवक की मृत्यु अत्यंत दु:खद! रोते-बिलखते परिजनों की फ़रियाद सुन उन्हें न्याय दें सीएम. जनता वोट से देगी जवाब."

वहीं यूपी कांग्रेस ने एक ट्वीट में लिखा है- "लखीमपुर में पुलिस ने थारू समुदाय के 17 वर्षीय युवक राहुल की हिरासत में पीटकर हत्या कर दी. हिरासत में हत्याओं के लिए कुख्यात यूपी पुलिस बार-बार ऐसी क्रूरता को अंजाम देती है क्योंकि सीएम अजय सिंह बिष्ट का पुलिस पर कोई नियंत्रण नहीं है. असली जंगलराज, जहां रक्षक ही भक्षक है."

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 3

रविवार देर शाम पुलिस ने पैनल बनाकर, वीडियोग्राफ़ी के साथ मृतक राहुल के शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की लेकिन देर रात होने की वजह से यह नहीं हो पाया. अब इसे सोमवार को कराया जा रहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.