लखीमपुर हिंसा के लिए मंत्री अजय मिश्र ने किसानों में शामिल उपद्रवियों को ज़िम्मेवार ठहराया

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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक कार्यक्रम के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद आठ लोगों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मरनेवालों में चार किसान और चार अन्य लोग शामिल हैं.
वहां हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. रिपोर्टें हैं कि घटनास्थल पर ही किसानों और ज़िला प्रशासन के बीच वार्ता चल रही है. इस बीच लखीमपुर खीरी हिंसा के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने रविवार को किसानों के बीच शामिल उपद्रवियों को जिम्मेवार ठहराया.
उधर, राज्य सरकार के निर्देश के बाद यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार और एसीएस (कृषि) देवेश चतुर्वेदी किसानों से बातचीत के लिए रविवार को लखीमपुर खीरी पहुंचे .
ज़िलाधिकारी डॉक्टर अरविंद कुमार चौरसिया, एसपी विजय ढुल और एडीजी आईजी लक्ष्मी सिंह वहां किसानों से बातचीत की.
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इस घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "इस प्रकार की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. सरकार इस घटना के तह में जाएगी और घटना में शामिल तत्वों को बेनकाब करेगी और दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई करेगी. घटना स्थल पर अपर मुख्य सचिव नियुक्ति, कार्मिक एंव कृषि, एडीजी क़ानून व्यवस्था, आयुक्त लखनऊ और आईजी लखनऊ मौजूद हैं और स्थिति पर नियंत्रण रखते हुए घटना के कारणों की गहराई से जांच कर रहे हैं."

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डिप्टी सीएम के कार्यक्रम का विरोध
लखीमपुर खीरी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का परियोजनाओं के लोकार्पण करने का कार्यक्रम था, उसके बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र के पैतृक गांव में एक कार्यक्रम में उनको शामिल होना था.
ये जानकारी मिलने पर किसान नेता डिप्टी सीएम को काला झंडा दिखाने के लिए जमा हुए थे.

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तिकुनिया में क्या हुआ था?
इस दौरान तिकुनिया कस्बे में भाजपा समर्थकों की एक गाड़ी से कुछ किसान चोटिल हो गए. इसके बाद आक्रोशित किसानों ने गाड़ी में आग लगा दी जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और डिप्टी सीएम का कार्यक्रम बीच में ही रोक दिया गया.
घटना स्थल पर डीएम, एसपी सहित भारी पुलिस बल तैनात हैं.
भारतीय किसान यूनियन ने आरोप लगाया है कि तीन किसानों को गृह राज्य मंत्री के बेटे की गाड़ी ने रौंद दिया.
किसान नेता डॉक्टर दर्शनपाल ने एक बयान जारी कर कहा कि तिकुनिया में यूपी के डिप्टी सीएम को हेलिकॉप्टर पर जाने से रोकने के लिए हेलीपैड को घेर लिया गया था. उन्होंने कहा कि प्रोग्राम ख़त्म हो रहा था और लोग वहां से वापस जा रहे थे.
उन्होंने कहा, "उसी समय तीन गाड़ियां तेज़ रफ़्तार से आईं जिसमें अजय मिश्र, उनके बेटे, भाई और भाई का चाचा बैठे थे, उन्होंने गाड़ियां चढ़ा दीं, एक किसान की मौके पर मौत हो गई, एक की अस्पताल में."
उन्होंने कहा कि उनके नेता तजेंदिर विर्क को भी गंभीर चोटें आई हैं.

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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का स्पष्टीकरण
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र ने कहा कि उनके बेटे पर लगाया जा रहा ये आरोप कि वो गाड़ी चला रहे थे, ये सरासर झूठ है. उन्होंने कहा, "वो, मैं या मेरे परिवार का कोई भी सदस्य उस वक़्त वहां मौजूद ही नहीं था."
अजय मिश्र ने बताया, "जैसी कि आप सबको जानकारी है कि हमारे पैतृक गांव में प्रतिवर्ष कुश्ती प्रतियोगिता का कार्यक्रम होता है. इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बतौर मुख्य अतिथि आज माननीय उपमुख्यमंत्री जी को आना था और लखीमपुर में पीडब्ल्यूडी का कार्यक्रम था वो करके हम दोनों लोग साथ आ रहे थे."
"जब हम कार्यक्रम स्थल से थोड़ी दूर थे तो हमारा रूट यह बता कर डायवर्जन कर दिया गया कि कुछ किसान वहां पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और काला झंडा दिखाने की कोशिश करेंगे. हमलोगों का रूट परिवर्तित हो गया उसके बाद हमारे कार्यकर्ता चार पांच गाड़ियों से हमें लेने आ रहे थे. उन कार्यकर्ताओं पर किसानों के बीच शामिल अराजक तत्वों ने पथराव किया. इसकी वजह से वो गाड़ियां रुकीं."

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"गाड़ियों से खींच कर हमारे कार्यकर्ताओं को लाठी, डंडे और तलवारों से पीटा गया. इसका वीडियो हमारे पास है. फिर गाड़ियों को धक्का देकर गड्ढे में गिराया गया. उन गाड़ियों को जलाया गया. उसके साथ साथ दूसरी गाड़ियों में भी भारी तोड़फोड़ की गई."
"इस दुखद घटना में हमारे तीन भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की मृत्यु हुई है. ड्राइवर की भी मृत्यु हुई है. साथ ही 10 से 12 लोग घायल हुए हैं. यह बेहद दुखद घटना है जो इस आंदोलन में घुसे उपद्रवियों ने की है. जब से ये किसान आंदोलन शुरू हुआ है, बब्बर खालसा से लेकर अनेक उपद्रवी संगठन हमारे देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश में लगे हैं. किसान आंदोलन को चलाने वाले लोगों को भी इन बातों को समझना चाहिए."
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किसान नेता राकेश टिकैत ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में विरोध प्रदर्शन के दौरान चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
उन्होंने कहा, "लखीमपुर खीरी में हुई घटना बहुत ही दुखद है. इस घटना ने सरकार के क्रूर और अलोकतांत्रिक चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है. किसान आंदोलन को दबाने के लिए सरकार किस हद तक गिर सकती है, सरकार और सरकार में बैठे लोगों ने आज फिर बता दिया."
"लेकिन सरकार भूल रही है कि अपने हक के लिए हम मुगलों और फिरंगियों के आगे भी नहीं झुके. सरकार किसान के र्धर्य की और परीक्षा न ले. किसान मर सकता है पर डरने वाला नहीं है. सरकार होश में आए और किसानों के हत्यारों के खिलाफ हत्या का मुक़दमा दर्ज कर गिरफ़्तारी सुनिश्चित करे."
उन्होंने कहा, "किसानों से अपील है कि शांति बनाएं रखें, जीत किसानों की ही होगी. सरकार होश में ना आई तो भाजपा के एक भी नेता को घर से नहीं निकलने दिया जाएगा."

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राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर 'क्रूर कृत्य' का आरोप लगाया है.
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उन्होंने ट्वीट किया, "कृषि क़ानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों को भाजपा सरकार के गृह राज्यमंत्री के पुत्र द्वारा, गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय और क्रूर कृत्य है. उत्तर प्रदेश दंभी भाजपाइयों का ज़ुल्म अब और नहीं सहेगा. यही हाल रहा तो उत्तर प्रदेश में भाजपाई न गाड़ी से चल पाएंगे, न उतर पाएंगे."
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी.
प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर लिखा, "भाजपा देश के किसानों से कितनी नफ़रत करती है? उन्हें जीने का हक नहीं है? यदि वे आवाज़ उठाएँगे तो उन्हें गोली मार दोगे, गाड़ी चढ़ाकर रौंद दोगे? बहुत हो चुका. ये किसानों का देश है, भाजपा की क्रूर विचारधारा की जागीर नहीं है."
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "जो इस अमानवीय नरसंहार को देखकर भी चुप है, वो पहले ही मर चुका है.लेकिन हम इस बलिदान को बेकार नहीं होने देंगे- किसान सत्याग्रह ज़िंदाबाद!"
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