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सुभाष के युवराज का तोहफ़ा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुभाष घई की शादी की सालगिरह की पार्टी में सलमान ख़ान और कटरीना कैफ़ देर से आए लेकिन आए ज़रूर. पार्टी से निकलते वक़्त सलमान ने सुभाष घई से निवेदन किया कि घर लौटने से पहले वे उनके घर होते हुए आए. सुभाष घई सलमान ख़ान के साथ युवराज बना रहे हैं. उन्होंने सोचा कि उनका हीरो उन्हें एक-दो ड्रिंक साथ पीने के लिए बुला रहा है. लेकिन जब सुभाष घई सलमान के घर पहुँचे तो आश्चर्यचकित रह गए. क्योंकि सलमान ने ख़ास उनके लिए एक बहुत बड़ी पेंटिंग बनाई थी. जो उनकी शादी की सालगिरह का तोहफ़ा था. पेंटिंग इतनी बड़ी थी कि घई साहब उस रात उसे अपनी गाड़ी पर अपने घर नहीं ले जा सके. दूसरे दिन, सलमान ने उस पेंटिंग को सुभाष घई के घर भेजा. अब घई साहब ये तय कर रहे हैं कि उस पेंटिंग को वो घर की किस दीवार पर लगाएँगे. ***************************************************************** राजश्री बैनर के दुश्मन सूरज बड़जात्या अपनी ही कंपनी के दुश्मन बन गए हैं. लेकिन किस तरह? इस तरह- हाल ही में बड़जात्या परिवार के बैनर तले एक फ़िल्म की घोषणा हुई थी- एक विवाह ऐसा भी.
उस फ़िल्म के लिए उन्होंने कई सितारों को साइन करने की कोशिश की, लेकिन सबसे एक ही जवाब था- ना. यहाँ तक कि नील नितिन मुकेश ने भी फ़िल्म में काम करने से मना कर दिया. मना करने वाले कलाकारों का कारण एक ही था- इस फ़िल्म के निर्देशक सूरज बड़जात्या ख़ुद नहीं हैं. क्योंकि इस फ़िल्म का निर्देशन करने वाले हैं नए निर्देशक कौशिक घटक. इस कारण कई कलाकारों को इसमें काम करने की उत्सुकता नहीं है. तो इस तरह सूरज बड़जात्या बन गए हैं अपने ही बैनर के दुश्मन. ***************************************************************** ऋतिक की ऊँची उड़ान ऋतिक रोशन जोधा अकबर की शूटिंग के लिए मुंबई से करजात और करजात से मुंबई हेलिकॉप्टर में आते-जाते हैं. करजात में जोधा अकबर की शूटिंग के लिए आलीशान सेट लगाए गए हैं.
हालाँकि करजात मुंबई से ज़्यादा दूर नहीं है, फिर भी ट्रैफ़िक में दो-तीन घंटे लग सकते हैं. ख़ैर हेलिकॉप्टर की बात सुनकर सभी ने यही सोच लिया था कि हेलिकॉप्टर का ख़र्च निर्माता आशुतोष गोवारिकर और यूटीवी वाले उठा रहे होंगे. लेकिन ऋतिक ने बताया कि हेलिकॉप्टर में आने-जाने के लिए वे ख़ुद अपनी जेब से रुपए दे रहे हैं. भारत के सुपर हीरो ने यह भी कहा कि कई अन्य कलाकार घर से शूटिंग में जाने के लिए पेट्रोल के पैसे भी निर्माताओं से वसूल करते हैं. ये फ़िल्म इंडस्ट्री का नियम सा बन गया है कि कलाकारों के पेट्रोल का बिल और ड्राइवर का भत्ता भी निर्माता ही देते हैं. ऋतिक के पिताजी निर्माता-निर्देशक राकेश रोशन कहते हैं- अभी तक मैंने ऋतिक के हेलिकॉप्टर का क़रीब 60 लाख का बिल भरा है. ***************************************************************** करोड़ों मांग रहे हैं जॉन जॉन अब्राहम की एक ख़ास बात है. जिस्म के बाद आज तक उनकी ऐसी फ़िल्में नहीं चली हैं, जिनमें वे अकेले हीरो थे. इसके बावजूद हर छह महीने बाद उनकी क़ीमत बढ़ती जाती है.
ख़बर है कि जॉन एक फ़िल्म में काम करने के लिए तीन, चार और पाँच करोड़ रुपए तक मांग रहे हैं. पाँच करोड़ तो ठीक है, लेकिन उनकी नई फ़िल्म नो स्मोकिंग के एक शो का कलेक्शन पाँच हज़ार भी नहीं था. जॉन की तरह विवेक ओबेरॉय, शाहिद कपूर, अर्जुन रामपाल, बॉबी देओल, कुणाल कपूर, अक्षय खन्ना, ज़ायेद ख़ान और फ़रदीन ख़ान भी हैं जो बातें करते हैं करोड़ों की जब उनकी फ़िल्में रिलीज़ होती हैं तो वितरकों को हज़ारों में कलेक्शन देखना पड़ता है. ये सारे मीडिया के बनाए स्टार हैं. इनकी निजी़ जीवन की ख़बरें छाप-छाप कर और सैटेलाइट चैनलों पर दिखा-दिखा कर मीडिया ने इन्हें स्टार बना दिया है लेकिन यही मीडिया स्टार फ़िल्मों में चमक नहीं पाते. और तो और कॉरपोरेट हाउस इन्हें करोड़ों रुपए देते हैं जबकि इनकी सही क़ीमत लाखों की है. ***************************************************************** अभिषेक से शुरू और अभिषेक पर ख़त्म अभिषेक से शुरू होकर अभिषेक पर ही ख़त्म हो रही है राकेश मेहरा की फ़िल्म दिल्ली-6 की कहानी.
राकेश मेहरा एक साल पहले अपनी फ़िल्म में हीरो के रोल के लिए अभिषेक बच्चन को मिले थे लेकिन तब अभिषेक के पास उन्हें देने के लिए डेट्स नहीं थे. अभिषेक की ना के बाद राकेश मेहरा ने ऋतिक रोशन और अन्य कलाकारों से बात शुरू की. लेकिन किसी ना किसी कारण से कोई सही हीरो उन्हें मिला नहीं. तो एक साल बाद राकेश मेहरा वापस अभिषेक के घर आ पहुँचे. अब अभिषेक की डेट्स डायरी भी थोड़ी ख़ाली थी. इसलिए छोटे बच्चन ने अपनी हामी दे दी. नायिका के लिए विद्या बालन को कहानी सुनाई गई. लेकिन सुनने में आया है कि राकेश मेहरा की नायिका के लिए तलाश जारी रहेगी यानी विद्या ने फ़िल्म का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है. लगता है फ़िल्म बनाते-बनाते इसका टाइटिल दिल्ली 12 रखा जाएगा क्योंकि कलाकारों को साइन करने के चक्कर में मेहरा के 12 ज़रूर बज गए हैं. ***************************************************************** रिश्ता पर्सनल नहीं प्रोफ़ेशनल करीना कपूर आज की सबसे बेहतर नायिकाओं में से एक हैं- ये शब्द हैं शाहिद कपूर के जो उनके मुँह से उनकी और करीना की दोस्ती ख़त्म होने के बाद निकले हैं.
जब शाहिद से पूछा गया कि क्या वो आगे करीना के साथ फ़िल्म में काम करेंगे, उन्होंने करीना को एक बेहतरीन अभिनेत्री बताया और कहा कि अगर उन्हें कहानी पसंद आएगी तो वे करीना के साथ भी काम करने को राज़ी हो जाएँगे. यानी दो प्यार करने वाले भले ही जुदा हो गए हैं, फ़िल्मी पर्दे पर साथ आने की उम्मीद अभी भी है. वैसे जानने वाली बात ये है कि जब करीना और शाहिद एक-दूसरे के इश्क़ में थे तो शाहिद करीना को बेबो के नाम से पुकारते थे. दूसरों से बात करते वक़्त भी करीना को करीना नहीं, बेबो कहते थे. लेकिन जबसे दोनों अलग हुए हैं- बेबो करीना हो गई हैं. इससे पता चलता है कि अब नाता प्रोफ़ेशनल है पर्सनल नहीं. |
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