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रवि वर्मा की पेंटिंग बिकी करोड़ों रुपए में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में ब्रिटिश राज के दौरान ब्रितानी राज के एक उच्च अधिकारी और महाराजा की मुलाक़ात को चित्रित करती ऐतिहासिक पेंटिंग 1.24 मिलियन डॉलर में बिकी है. भारत में 19वीं सदी के जाने माने चित्रकार राजा रवि वर्मा की बनाई इस पेंटिंग की क़ीमत 50 हज़ार से साठ हज़ार पाउंड आंकी गई थी लेकिन जब बोली लगनी शुरु हुई तो क़ीमत लगी 12 गुना अधिक यानी क़रीब छ लाख पाउंड. पेंटिंग में त्रावणकोर के महाराज और उनके भाई को मद्रास के गवर्नर जनरल रिचर्ड टेंपल ग्रेनविले को स्वागत करते हुए दिखाया गया है. ग्रेनविले 1880 में आधिकारिक यात्रा पर त्रावणकोर गए थे जो अब केरल राज्य है. पेंटिंग की नीलामी लगाई लंदन की नीलामी घर बोन्हैम्स ने और खरीदने वाले थे भारत के नेविले तूली जो इस क्षेत्र में जाना माना नाम है. बोन्हैम्स के प्रवक्ता का कहना था कि इस पेंटिंग में लोगों की रुचि बहुत अधिक है क्योंकि यह ब्रितानी राज के चरमकाल के दौरान दो देशों के महत्वपूर्ण व्यक्तियों की मुलाक़ात का चित्रण करता है. उधर नेविले तूली का कहना था कि भारत की कलात्मक सांस्कृतिक विरासत को देश में वापस लाना उनके लिए महत्वपूर्ण है. राजा रवि वर्मा ( 1848-1906) 19वीं सदी में भारत के सबसे प्रसिद्ध चित्रकारों में से एक हैं और कई बार उन्हें आधिकारिक समारोहों में आमंत्रित भी किया जाता था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मेरे चित्रों में मौत की छाया उभर आती है'16 जनवरी, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस फ्रांसीसी फिल्म से हिंदू नाराज़21 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस सड़कों पर रिक्शे से कैनवस पर कूची तक28 मई, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस उम्रक़ैद ने बना दिया कलाकार23 जून, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस नीलाम किए गए 'हिटलर' के बनाए चित्र27 सितंबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस बयान10 नवंबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस हॉलीवुड फ़िल्म का ईरान ने किया विरोध18 मार्च, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'न मैने भारत छोड़ा है, न भारत ने मुझे'12 जुलाई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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