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'फ़िलहाल मैं सिंगल हूँ' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हँसमुख शाहिद कपूर इन दिनों करीना कपूर से हुए अलगाव के लिए भी काफी चर्चा में हैं. करीना के मामले में सवालों को टालने की कोशिश में नाकाम रहे शाहिद ने बहुत कम शब्दों में टूटे हुए रिश्ते की बात की. मुंबई में वेदिका ने उनसे बातचीत की. क्या अब आप करीना के साथ नहीं हैं? नहीं, मैं फ़िलहाल सिंगल हूँ. लोग कह रहे हैं कि यह फ़िल्म के लिए पब्लिसिटी स्टंट है? नहीं, ये कोई पब्लिसिटी स्टंट नहीं है, इसमें दो ज़िंदगियाँ जुड़ी हैं, और दोनों के परिवार वाले भी. मुझे ये सब करने की कोई ज़रूरत नहीं है. क्या आप और करीना फिर से एक साथ होंगे? (हँसते हुए) ये तो वक़्त ही बताएगा. जल्द ही रिलीज़ होने वाली आपकी फ़िल्म ‘जब वी मेट’ के बारे में कुछ बताएँ, जिसमें करीना भी हैं. यह फ़िल्म दो अजनबियों की दास्तान है जो एक दूसरे से बिल्कुल ही अलग हैं, फिर वह उनका स्वभाव हो या फिर उनकी पसंद. लेकिन परिस्थितियां दोनों को किस तरह करीब लाती है, यही इस फ़िल्म की ख़ासियत है. इस फ़िल्म को आप अपनी दूसरी फ़िल्मों से किस तरह अलग मानते हैं? मैंने इस तरह का किरदार पहले कभी नहीं निभाया है और जब निर्देशक ने मुझे ये कहानी सुनाई तो मैं तुरंत मान गया. दरअसल इस फ़िल्म में मैं एक उद्योगपति के किरदार में हूँ जो अपने साथ हो रही परेशानियों से टूट चुका है. एक दिन वो बिना सोचे-समझे एक अनजानी राह पर निकल पड़ता है. रास्ते में उसकी मुलाक़ात करीना से होती है जो कि बहुत ही शरारती और बकबक करने वाली लड़की होती है और मेरा किरदार ठीक उसके विपरीत है. इस फ़िल्म के निर्देशक, बाकी यूनिट और करीना के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा इम्तियाज़ अली बहुत ही अच्छे निर्देशक हैं. ये उन निर्देशकों में से हैं जिन्हें पता होता है कि उसे अपने कलाकारों से क्या चाहिए और वह भाव कलाकारों मे से कैसे निकलवाने हैं. वह बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से काम करते हैं. जहाँ तक करीना और बाक़ी यूनिट के लोगों की बात है तो सबने बहुत ही मेहनत और अच्छा काम किया. संगीतकार प्रीतम के संगीत के बारे में आप क्या कहना चाहेंगें ? मेरे ख़याल से अपनी पिछली कई फ़िल्मों की तरह ही उन्होंने इस फ़िल्म में संगीत दिया है. इनके संगीत में ताज़गी के साथ साथ नवीनता भी होती है जो आपको इस फ़िल्म के संगीत से एक बार फिर पता चल जाएगा. इस फ़िल्म को कई जगहों पर फ़िल्माया गया है, आपको नई-नई जगहों पर जाकर कैसा लगा? यह तो यात्रा करने वाली फ़िल्म है. इस फ़िल्म को देखते हुए ही दर्शक देश के कई खूबसूरत जगहों का नज़ारा देख सकते हैं. पंजाब, राजस्थान, मनाली, खंडाला, भटिंडा जैसी तमाम जगहों पर गए और हर जगह से कुछ न कुछ सीखकर ही आए. ऐसी कोई जगह जहाँ आप शूटिंग के अलावा जाना पसंद करेंगे? मुझे गोवा बहुत पसंद है. विदेशों में यूरोप, लंदन और दुबई मैं बार-बार जाना चाहूँगा. फ़िल्म जगत के किस अभिनेता ने आपको सबसे आधिक प्रभावित किया? मैं आमिर ख़ान का बहुत बड़ा फैन हूँ. वो जिस तरह से अपने काम और निजी जीवन को संभालते हैं मुझे बेहद प्रभावित करता है और मुझे पूरी उम्मीद है कि एक दिन मैं कम से कम उनके आधे मुक़ाम तक ज़रूर पहुँच पाऊँगा. इन सबके अलावा वह एक अच्छे इंसान और बेहतरीन कलाकार हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें करीना-शाहिद के चित्रों को लेकर बवाल16 दिसंबर, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस चुंबन मामले में अख़बार ने खेद जताया18 दिसंबर, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'मैं सूरज की फ़िल्म की दीवानी हूँ'28 जुलाई, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस अब साथ-साथ हैं सैफ़ और करीना18 अक्तूबर, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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