|
प्रणब मुखर्जी अंतरिम बजट पेश करेंगे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वित्त मंत्री का कार्यभार संभाल रहे प्रणब मुखर्जी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार की ओर से सोमवार को अंतरिम बजट पेश करने जा रहे हैं. आगामी लोक सभा चुनाव से पहले का ये आख़िरी बजट है. ऐसे समय में जब आर्थिक मंदी का असर देश के उद्योग जगत पर दिखाई देने लगा है और निर्यात और औद्योगिक उत्पादन में कमी आई है इस अंतरिम बजट से काफ़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं. माना जा रहा है कि लोक सभा चुनाव से पहले पेश किए जानेवाले इस बजट पर उसकी छाया ज़रूर दिखाई देगी. यही वजह है कि अंतरिम बजट से आम जनता और उद्योग जगत को बहुत आशाएँ हैं. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार अर्थव्यवस्था में तेज़ी लाने के लिए दिसंबर से दो प्रोत्साहन पैकेजों की घोषणा कर चुकी है. लेकिन उद्योग जगत का मानना है कि संकट से निपटने के लिए अभी और बहुत किया जाना बाकी है उद्योग जगत के संगठन एसोचैम ने अपने बजट पूर्व ज्ञापन में माँग की थी कि उद्योगों को कारपोरेट कर में छूट दी जाए. दूसरे संगठन फिक्की ने भी गृह कर में छूट को पांच वर्षों के लिए बढ़ाने की वकालत की है. माना जा रहा है कि अंतरिम बजट में सरकार ग्रामीण विकास और आवास सहित अपने प्रमुख कार्यक्रमों के खर्च में बढोत्तरी कर सकती है. इसके अलावा एक बड़ा वर्ग ब्याज दरों में कमी और आय कर में राहत चाहता है. शेयर बाज़ार की हालत पस्त है और कारोबारी भी करों में राहत चाहते हैं. आर्थिक विशेषज्ञ आलोक पुराणिक का कहना है कि अंतरिम बजट एक तरह से सरकार का आर्थिक चुनावी घोषणापत्र होता है. लेकिन आर्थिक संकट के कारण इस बार परिस्थिति थोड़ी भिन्न है. मनमोहन की मंज़ूरी इसके पहले रविवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अंतरिम आम बजट को मंजूरी दे दी थी. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अंतरिम बजट के कागज़ात पर औपचारिक रूप से दस्तख़त कर दिए थे. इसके बाद परंपरानुसार बजट को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के पास भेज दिया गया था. प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि प्रधानमंत्री ने बजट भाषण को भी अपनी अनुमति प्रदान कर दी. इस समय देश में कोई वित्त मंत्री न होने के कारण प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाले हुए हैं और वो ही सदन में ये भाषण पढ़ेंगे. प्रणब मुखर्जी ने रविवार को प्रधानमंत्री से मुलाक़ात कर बजट संबंधी मुद्दों पर चर्चा भी की थी. |
इससे जुड़ी ख़बरें प्रधानमंत्री ने अंतरिम बजट को दी मंज़ूरी15 फ़रवरी, 2009 | कारोबार महँगाई 12 महीने के न्यूनतम स्तर पर12 फ़रवरी, 2009 | कारोबार तीन बैंकों के लिए 3800 करोड़ की राशि11 फ़रवरी, 2009 | कारोबार विकास दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान09 फ़रवरी, 2009 | कारोबार 'भारतीय अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ती रहेगी'30 जनवरी, 2009 | कारोबार आईएमएफ़ ने भारत की विकास दर घटाई29 जनवरी, 2009 | कारोबार पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतों में कटौती28 जनवरी, 2009 | कारोबार 'सरकार आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ाए'27 जनवरी, 2009 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||