इसराइल के साथ तनाव के बीच ईरान ने पाकिस्तान के साथ किया समझौता, नाराज़ हुआ अमेरिका

इमेज स्रोत, Presidency of Iran / Handout/Anadolu via Getty Images
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी पाकिस्तान का दौरा ख़त्म कर श्रीलंका के लिए रवाना हो चुके हैं.
22 अप्रैल से शुरू हुए पाकिस्तान दौरे में इब्राहिम रईसी इस्लामाबाद, कराची और लाहौर गए.
इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई ताकत दोनों मुल्कों के बीच रिश्तों को लेकर नुक़सान नहीं पहुंचा सकती है.
दोनों के बीच इस दौरान व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर भी सहमति बनी.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान के साथ व्यापार करने वालों को संभावित प्रतिबंधों के प्रति सर्तक रहना चाहिए.
फरवरी में पाकिस्तान में ख़त्म हुए चुनावों के बाद रईसी पाकिस्तान आने वाले पहले राष्ट्राध्यक्ष हैं.
रईसी ने पाकिस्तान दौरे में क्या-क्या किया?
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
अपने तीन दिन के पाकिस्तान दौरे के लिए 22 मार्च को कड़ी सुरक्षा के बीच इब्राहिम रईसी इस्लामाबाद पहुंचे. इसके एक दिन बाद वो लाहौर और कराची भी गए.
अरब न्यूज़ के अनुसार, रईसी के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था. पाकिस्तान में रईसी ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सेना प्रमुख, सीनेट के चेयरमैन और राष्ट्रीय असेंबली के स्पीकर के साथ मुलाक़ातें कीं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इस दौरान 23 अप्रैल को लाहौर और कराची में सरकारी छुट्टी की घोषणा की गई थी. सुरक्षा के लिहाज़ से शहर की मुख्य सड़कों को भी इस दौरान बंद किया गया.
लाहौर में रईसी ने पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ समेत कई आला अधिकारियों से मुलाक़ात की. यहां वो शायर अल्लामा इकब़ाल और पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्नाह की कब्र पर भी गए.
कराची में उनकी मुलाक़ात सिंध के मुख्यमंत्री सैय्यद मुराद अली शाह से हुई. इस दौरान सिंध प्रांत के गवर्नर ने कराची में एक कार्यक्रम में उन्हें हॉनोररी डॉक्टरेट की उपाधि से नवाज़ा गया.
रईसी ने इसराइल को लेकर क्या कहा?

इमेज स्रोत, Sindh Governor House HANDOUT/EPA-EFE/REX/Shutterstock
अपने दौरे की शुरुआत में रईसी ने कहा कि उनका इरादा दोनों मुल्कों के बीच के व्यापारिक संबंधों को अगले पांच सालों में सालाना 10 अरब डॉलर तक पहुंचाना है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के इसराइल पर मिसाइलें दागने और इसराइल की जवाबी कार्रवाई के बाद ये दोनों मुसलमान पड़ोसी अपने रिश्ते सुधारने की कोशिश में लगे हैं.
लाहौर में गवर्नमेंट कॉलेज यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में उन्होंने इसराइल को चेतावनी दी.
उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला कर के इसराइल फिर कोई ग़लती न करे, क्योंकि इस बार स्थिति अलग होगी और ये भी नहीं पता कि वहां मौजूदा सत्ता का कुछ बचा रहेगा भी या नहीं.
उन्होंने कहा कि ईरान पर इसराइल के हमले से तेज़ी से चीज़ें बदल सकती हैं और हो सकता है कि इसके बाद इसराइल की "ज़ायनिस्ट सत्ता" ही न बची रह जाए.
रईसी ने कहा कि ईरान उर्जा और दूसरे क्षेत्रों में पाकिस्तान के साथ सहयोग करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के मामलों में ईरान पाकिस्तान के साथ जानकारी साझा करने के लिए तैयार है.
पाकिस्तान और ईरान के बीच कितना है व्यापार
ईरान की आईआरएनए न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, साल 2022 में दोनों के बीच व्यापार 1.5 अरब डॉलर का था जो बीते साल 38 फ़ीसद बढ़ गया.
ये आंकड़ा बीते साल दो अरब डॉलर से अधिक तक पहुंच गया है.
बीते साल दोनों मुल्कों के बीच अहम व्यापारिक समझौते हुए थे जिसके बाद ईरान जिन देशों के निर्यात करता है उनमें पाकिस्तान छठे स्थान तक पहुंच चुका है.
देश के कुल निर्यात में पाकिस्तान का हिस्सा क़रीब 4.2 फ़ीसदी है.
ईरान पेट्रोलियम, गैस, बिजली पेट्रोलियम कोक जैसी चीज़ें पाकिस्तान को बेचता है. वहीं, पाकिस्तान लोहे की पाइपें और मेडिकल उपकरण ईरान को बेचता है.
पाकिस्तान से छपने वाले डॉन अख़बार ने लिखा है कि ईरानी राष्ट्रपति ने कराची में कहा है कि ईरान ने "बेहद मुश्किल हालात में" इन क्षेत्रों में सफलता हासिल की है और वो इस बारे में इकट्ठा की गई जानकारी पाकिस्तान के साथ बांटने के लिए तैयार हैं.
उन्होंने कहा, "मैं ईरान के लोगों की तरफ़ से पाकिस्तान के लोगों के लिए शांति और समृद्धि के संदेश के साथ आया हूं. दोनों तरफ की सरकारें व्यापार से जुड़ी सभी रुकावटें हटाना चाहती हैं और इसे लेकर कई मु्द्दों पर चर्चा हुई है."
रईसी ने कहा कि फ़लस्तीन के मुददे पर ईरान और पाकिस्तान का स्टैंड एक जैसा रहा है.
वहीं, अमेरिका के कॉलेज में फ़लस्तीनियों के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर इब्राहिम रईसी ने कहा कि पश्चिमी मुल्क फ़लस्तीनियों के हक़ों का समर्थन करने वाले छात्रों को निष्कासित कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "ईरान और पाकिस्तान दोनों ही फ़लस्तीनियों के हक़ों का सम्मान करते हैं और उनके दमन का विरोध करते हैं. दोनों उनके हक़ों की रक्षा करना जारी रखेंगे."

इमेज स्रोत, PMO HANDOUT/EPA-EFE/REX/Shutterstock
ईरान की न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए के अनुसार लाहौर में मरियम नवाज़ के साथ बातचीत में रईसी ने कहा, "कुछ देश ईरान और पाकिस्तान के मज़बूत संबंधों को नुक़सान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन दोनों के बीच ऐसे गहरे और मज़बूत रिश्ते हैं जो कभी नहीं टूट सकते."
सिंध के मुख्यमंत्री सैय्यद मुराद अली शाह ने एक बयान में कहा है कि ईरान ने दोनों मुल्कों के बीच हुए समझौतों पर जल्द से जल्द अमल करने की बात कही.
अपने दौरे के पहले दिन दोनों मुल्कों के बीच व्यापार, साइंस, तकनीक, कृषि, स्वास्थ्य, संस्कृति और ज्युडिशियल मामलों से जुड़े क़रीब आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
वहीं, दूसरे दिन दोनों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने और सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किए.
अरब न्यूज़ के अनुसार इन आठ समझौतों में शामिल हैं-
- रिमदान-गाबड़ मुफ्त व्यापार ज़ोन बनाया जाएगा
- ईरान के कोऑपरेटिव लेबर एंड सोशल वेलफ़ेयर मंत्रालय और पाकिस्तान के ओवरसीज़ पाकिस्तानी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा
- मंत्रालय के स्तर पर ज्यूडिशियल सहयोग और क़ानूनी सहयोग बढ़ाया जाएगा
- पशुपालन के क्षेत्र में स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे
- संस्कृति और एक दूसरे के देश में बनने वाली फ़िल्मों के प्रमोशन बढ़ाने को लेकर सहयोग बढ़ाया जाएगा
अमेरिका की प्रतिक्रिया
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
ईरानी राष्ट्रपति के पाकिस्तान दौरे से अमेरिका नाराज़ है. उसने पाकिस्तान को ईरान के साथ व्यापार सौदों के मद्देनज़र 'प्रतिबंधों के संभावित जोखिम' के बारे में चेतावनी दी और कहा है कि वह ईरान पर कार्रवाई जारी रखेगा.
पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के सप्लायर्स पर प्रतिबंध लगाने पर ज़ोर देते हुए मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय के डिप्टी प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा, "हम बड़े पैमाने पर विनाशकारी हथियारों की खरीद से जुड़ी गतिविधियों को बाधित करना और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करना जारी रखेंगे, चाहे ये कहीं भी हो."
"मुझे बस इतना कहना है कि हम ईरान के साथ व्यापारिक सौदों पर विचार करने वाले किसी भी देश को प्रतिबंधों के संभावित जोखिम के बारे में सतर्क रहने की सलाह देते हैं. लेकिन आख़िर में पाकिस्तान की सरकार अपनी विदेश नीति से जुड़ी बात रख सकती है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)




















