सूरत में गणेश पंडाल पर पथराव का क्या है मामला जिसके बाद चला बुलडोज़र

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- Author, शीतल पटेल
- पदनाम, बीबीसी गुजराती के लिए, सूरत से
गुजरात में सूरत के सैयदपुरा में रविवार देर रात एक गणेश पंडाल पर पथराव के मामले में पुलिस ने 28 लोगों को गिरफ़्तार किया है.
पथराव की घटना के बाद कुछ देर के लिए पूरे इलाक़े में सांप्रदायिक तनाव फैल गया. सैयदपुरा इलाक़े में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं और पूरे इलाक़े में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है.
सोमवार को सूरत नगर निगम ने उस इलाक़े में जहां पथराव हुआ था वहां पर बुलडोज़र चलाकर कथित अवैध अतिक्रमण को हटा दिया.
इससे पहले, घटना की जानकारी मिलने पर गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी, सूरत के मेयर और अन्य लोग मौक़े पर पहुंचे थे.

हर्ष सांघवी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि ‘सूरत पुलिस ने पथराव की घटना में अब तक 6 बच्चों के अलावा 28 लोगों को गिरफ्तार किया है. सूरत पुलिस घटना की जांच कर रही है. पूरे शहर में पुलिस का कड़ा पहरा तैनात किया गया है. शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.’
सूरत पुलिस ने रविवार देर रात पूरे सैयदपुरा इलाके में तलाशी शुरू की जो सोमवार सुबह तक जारी रही.
सोमवार सुबह हर्ष सांघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्हें सुबह गणेश पंडाल में जाकर पूजा करते देखा जा सकता है.
उन्होंने लिखा, ''सूरत पुलिस टीम और गणेश पंडाल आयोजकों के साथ, मैंने उस गणेश पंडाल में भगवान गणेश की आरती और पूजा की, जहां पथराव हुआ था.''
पुलिस कार्रवाई पर नज़र रखने के लिए हर्ष सांघवी समेत अन्य नेता और आला पुलिस अधिकारी रात भर सैयदपुरा में रुके रहे.
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सूरत नगर निगम ने सोमवार को सैयदपुरा पुलिस स्टेशन के पास कथित अवैध अतिक्रमण हटा दिया. बड़ी संख्या में पुलिस टीमों के साथ नगर निगम की टीमों ने बुलडोज़र चलाया.
क्या है पूरा मामला?

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सैयदपुरा के वरियावी बाज़ार के पास पिछले कई सालों से गणेश चतुर्थी मनाई जाती रही है. रविवार रात सैयदपुरा इलाक़े में एक गणेश पंडाल में पथराव की घटना के बाद सांप्रदायिक तनाव फैल गया.
समाचार एजेंसी एएनआई को सूरत पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक़, ''रविवार रात क़रीब 9 बजे कुछ बच्चों ने गणेश पंडाल पर पथराव कर दिया. हालांकि मौके पर तैनात पुलिस ने तुरंत बच्चों को वहां से हटा दिया. इसके बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिनसे पुलिस ने बात की.''
उन्होंने बताया कि दोनों गुटों की ओर से पथराव के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. इसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौक़े पर पहुंची. इलाक़े में जहां भी ज़रूरत पड़ी, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए.
बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक़, पथराव से तनाव पैदा हो गया. घटना के विरोध में भीड़ ने वरियावी बाज़ार थाने का घेराव कर जमकर नारेबाज़ी की. लोगों ने दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

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गुस्साए कुछ लोगों ने थाने के पास खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की. हालात बिगड़ने पर पुलिस का काफिला मौके पर पहुंचा. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. घटना के बाद पुलिस ने वरियावी बाजार, सैयदपुरा, रामपुरा इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी थी.
सोमवार को सूरत पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''इस पूरे घटनाक्रम में तीन मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें दंगा करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अपराध भी शामिल है. पथराव करने वाले 6 बच्चों और रिक्शा चालक समेत 28 लोगों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की गई है. इन बच्चों की उम्र 12 से 13 साल है और सभी एक किलोमीटर दूर से आए हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि इस घटना में क़ानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों के माता-पिता से भी पूछताछ की जा रही है, इन बच्चों ने किसके कहने पर पथराव किया, इसकी जांच अभी भी चल रही है. सीसीटीवी और लोगों के मोबाइल में की गई वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर भी जांच की गई है.
गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने मीडिया को बताया कि ‘सैयदपुरा इलाके में वर्षों से गणपति की स्थापना की जाती रही है. आज कुछ लोगों ने गणेश जी की मूर्ति पर पथराव कर दिया. आस्था को ठेस पहुंचाने और शहर की शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.’
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?

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पथराव की घटना के बाद पूरे सैयदपुरा इलाक़े में सन्नाटा पसरा हुआ है. हर जगह पुलिस की टीमें तैनात हैं और इलाके की ज्यादातर दुकानें और दफ्तर बंद हैं.
स्थानीय लोगों के मुताबिक़, एक छोटी सी बात को बड़ा रूप दे देने से सांप्रदायिक माहौल बिगड़ गया. उनके मुताबिक़, पथराव की कोई घटना नहीं हुई बल्कि एक बच्चे ने ग़लती से मूर्ति पर पत्थर फेंक दिया.
बीबीसी गुजराती से बात करते हुए स्थानीय नेता अयूब पटेल ने कहा, ''बच्चे खेल रहे थे और एक बच्चे ने पत्थर फेंका जो गणेश जी की मूर्ति को छू गया. बात फैल गई कि पथराव हुआ है और भीड़ जुटने से पूरा मामला तनावपूर्ण हो गया. जिन बच्चों के घटना में शामिल होने की बात कही जा रही है, वे स्थानीय नहीं हैं.”
उनका आगे कहना है कि भीड़ ने सैयदपुरा थाने के पास रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. लोगों के वाहन, खाने-पीने के स्टॉल और अन्य संपत्ति को नुक़सान पहुंचाया गया.
सैयदपुरा और उसके आसपास रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के मुताबिक, यहां वर्षों से गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जाती रही है और कभी भी मनमुटाव की स्थिति नहीं आई.
सैयदपुरा इलाके में पान की दुकान चलाने वाले अब्दुल शेख कहते हैं, “जहां यह घटना हुई, वहां दो दशकों से गणेश चतुर्थी मनाई जाती है. मुस्लिम दुकानदार 10 दिनों तक अपनी दुकानें बंद रखते हैं ताकि गणेश पंडाल स्थापित किया जा सके. इतने सालों में ऐसी घटना कभी नहीं घटी. हम भी चाहते हैं कि पूरी घटना की जांच हो और दोषियों को सज़ा मिले.''

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पुलिस के देर रात पूरे इलाके में चलाए गए तलाशी अभियान से स्थानीय लोग भी परेशान थे. उनके मुताबिक पुलिस कर्मचारी ताला तोड़कर घर में घुसे और लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
अयूब पटेल कहते हैं, ''पुलिस टीमों ने सैयदपुरा पंपिंग स्टेशन, राजावाड़ी और आसपास के इलाकों में तलाशी ली. रात दो बजे से तलाशी शुरू की गई और सुबह चार बजे तक जारी रही. इस दौरान 40 से ज्यादा अल्पसंख्यक समुदाय के लोग और 20 से ज्यादा हिंदू पकड़े गए हैं.”
लेकिन कुछ लोगों के मुताबिक ये कोई सामान्य पथराव की घटना नहीं है. निमिषा बहन मोदी पिछले 40 वर्षों से वरियावी बाज़ार में रह रही हैं.
वो कहती हैं, ''मंडली द्वारा वर्षों से गणेश जी की स्थापना की जाती रही है, लेकिन पिछले दो वर्षों से कुछ असामाजिक लोग इस उत्सव के दौरान हमारी आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.''
वह आगे कहती हैं, ''रात के नौ बजे थे और यहां सत्यनारायण की कथा चल रही थी. कथा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. तभी रिक्शे में बैठे बच्चों ने अचानक गणेश जी की प्रतिमा पर पथराव कर दिया. पथराव के कारण पूरे इलाके में अशांति फैल गयी.”
''रिक्शे में सवार इन बच्चों ने भागने की कोशिश की लेकिन बाज़ार और ट्रैफिक के बीच संकरी सड़क होने के कारण वे भाग नहीं सके. मंडली के लड़कों ने बच्चों को पकड़ लिया. तीन बच्चों को बरामदे में रखा गया और दो बच्चों को एक दुकान में छोड़ दिया गया. पुलिस को सूचना देने पर पुलिस मौके पर आई और बजरी से खेल रहे बच्चों को थाने ले गई.”
कैसा है सूरत का सैयदपुरा इलाक़ा?

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सैयदपुरा क्षेत्र, जहां यह घटना हुई, वहां मुस्लिम आबादी काफी अधिक है. पूरे सैयदपुरा में कई पुरानी इमारतें हैं और यहां वर्षों से हिंदुओं और मुसलमानों के साथ-साथ पारसी भी रहते रहे हैं
कभी इस क्षेत्र में पारसियों का बहुमत था. अभी भी सूरत शहर के अधिकांश पारसी सैयदपुरा और उसके आसपास रहते हैं.
इस क्षेत्र में हिंदू वर्षों से गणेश चतुर्थी मनाते आ रहे हैं जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी योगदान देते हैं. पिछले कुछ वर्षों में गणेश पंडालों की संख्या में वृद्धि हुई है. कुछ स्थानों पर गणेश चतुर्थी भव्य तरीके से मनाई जाती है और बड़े-बड़े पंडाल बनाए जाते हैं.
बीबीसी गुजराती की एक टीम ने सोमवार सुबह उस गणेश पंडाल का दौरा किया जहां पथराव की घटना हुई थी. फिलहाल गणेश पंडाल में स्थिति शांत है. पुलिस तैनात कर दी गई है और श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकेंगे.
पूरे घटनाक्रम पर गणेश पंडाल के आयोजक कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं.
सूरत के सैयदपुरा में गणेश प्रतिमा पर पथराव की घटना की बीजेपी ने निंदा की है. एक बयान में यह भी कहा गया कि यह स्वागत योग्य है कि पुलिस ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. बीजेपी ने कहा कि सरकार सूरत में शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को नहीं बख्शेगी.
उधर, कांग्रेस ने भी इस घटना की निंदा की है. सूरत शहर के कांग्रेस नेता असलम सैकलवाला ने बीबीसी गुजराती को बताया कि पुलिस ने पथराव करने वाले बच्चों को हिरासत में लिया लेकिन घटना के बाद बीजेपी नेता मौके पर पहुंचे और भड़काऊ भाषण दिए जिससे स्थिति बिगड़ गई.
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने मांग की है कि इस घटना के बाद जिन लोगों ने कानून हाथ में लिया है, उनके खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई होनी चाहिए.
आम आदमी पार्टी नेता पायल सकारिया ने बीबीसी गुजराती से कहा कि जिन लोगों ने यह कृत्य किया और जिन्होंने उन्हें उकसाया उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित















