बदलापुर यौन शोषण मामले के अभियुक्त अक्षय शिंदे की गोलीबारी में मौत, कांग्रेस ने न्यायिक जांच की मांग की

बदलापुर यौन शोषण घटना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए थे

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, बदलापुर यौन शोषण घटना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए थे. (फ़ाइल तस्वीर)

महाराष्ट्र में पुलिस का कहना है कि बदलापुर के एक स्कूल में दो बच्चियों से यौन शोषण मामले के अभियुक्त अक्षय शिंदे की मौत हो गई है.

पुलिस का कहना है कि आरोपी अक्षय शिंदे को पुलिस तलोजा अस्पताल से ले जा रही थी, तभी उसने बंदूक़ छीनकर अपनी जान लेने की कोशिश की. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई जिसके बाद अक्षय शिंदे की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि इस घटना में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है.

गोलीबारी के बाद अक्षय शिंदे को कलवा के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने बताया कि इलाज के दौरान उसकी वहीं मौत हो गई.

महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा है कि वो इस घटना की न्यायिक जांच की मांग करते हैं और अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे कोर्ट भी जा सकते हैं.

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
इमेज कैप्शन, बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
कार्ड

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने और क्या बताया

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया है कि अभियुक्त ने पुलिस पर फ़ायरिंग की

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया है कि अभियुक्त ने पुलिस पर फ़ायरिंग की

इस घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बयान दिया है.

उन्होंने मीडिया से कहा, “अक्षय शिंदे जो बदलापुर में आरोपी था आज उसको तफ़्तीश के लिए ले जा रहे थे. उस पर उसकी पहली पत्नी ने केस किया था यौन अत्याचार का. इसकी वजह से उसे तफ्तीश के लिए ले जाया जा रहा था.”

“उसने एपीआई नीलेश मोरे पर फ़ायरिंग की. नीलेश मोरे घायल है. इसके बाद पुलिस ने खुद के बचाव के लिए कार्रवाई की. फ़िलहाल इतनी ही जानकारी मिली है.”

महाराष्ट्र के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस बारे में पत्रकारों से बातचीत की है.

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

फडणवीस ने बताया कि आरोपी की पूर्व पत्नी ने उसके ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज की हुई थी. इसी मामले की तफ़्तीश के लिए वारंट के ज़रिए उसे ले जाया जा रहा था.

फडणवीस ने कहा, "ले जाते वक्त उसने पुलिस की बंदूक छीनकर, पुलिस के ऊपर गोली चलाई. और पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई. उसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया है. अभी जो प्राथमिक जानकारी आ रही है उसके मुताबिक उसकी मौत हो गई है."

उधर महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा है कि पुलिस ने 'इस प्रकरण को कभी गंभीरता से नहीं लिया था.'

एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा है, "आज जो घटना घटी उसमें मुझे गड़बड़ लगती है. हो सकता है कि मुख्य आरोपी को ख़त्म करके कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया गया हो. ऐसी शंका लोगों में है और हमें भी है. इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए और ये तुरंत होनी चाहिए. हम कल राज्यपाल, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को इस बारे में पत्र लिखेंगे. अगर महाराष्ट्र सरकार इसको गंभीरता से नहीं लेती तो हम कोर्ट में भी जाएंगे."

उन्होंने कहा कि ये बहुत ही गंभीर मामला है और इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए.

क्या है मामला

इस घटना के बाद राजनीतिक दलों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, यौन शोषण की घटना के बाद राजनीतिक दलों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था

महाराष्ट्र के बदलापुर में 16 अगस्त को मुंबई के पास ठाणे ज़िले के बदलापुर में दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था.

इस घटना के बाद पीड़ित बच्चियों में से एक के माता-पिता पुलिस थाने में केस दर्ज करवाने पहुंचे थे. लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें क़रीब 12 घंटे तक बैठाए रखा गया.

इसके बाद बदलापुर के हज़ारों नागरिक विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आये. बदलापुर रेलवे स्टेशन पर नागरिकों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. इस घटना के बाद पूरे राज्य में ग़ुस्से की लहर दौड़ गई.

रेलवे ट्रैक जाम करने के दौरान प्रदर्शनकारी हिंसक भी हो गए जिसके बाद पुलिस को बलप्रयोग करना पड़ा.

पुलिस ने मामला दर्ज कर स्कूल के सफ़ाई कर्मचारी को गिरफ़्तार कर लिया था. गृह मंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आरती सिंह की अध्यक्षता में एसआईटी (विशेष जांच दल) के गठन का निर्देश दिया था.

वहीं पुलिस प्रशासन की देरी के कारण तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था. इनमें बदलापुर के एक थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, सहायक पुलिस उपनिरीक्षक और हेड कांस्टेबल शामिल थे.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)