बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में कथित गैंगरेप के बाद हत्या, एक की गिरफ़्तारी

बिहार में गैंगरेप के बाद हत्या
इमेज कैप्शन, वो जगह जहां पीड़िता का शव मिला था
    • Author, सीटू तिवारी
    • पदनाम, मुज़फ़्फ़रपुर से, बीबीसी संवाददाता

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में एक दलित लड़की की कथित गैंगरेप के बाद हत्या का मामला सुर्ख़ियों में है.

महादलित समुदाय से आने वाली 15 साल की पीड़िता का शव अपने ही गांव के चौर (निचली ज़मीन जहां पानी जमा हो जाता है) में 12 अगस्त को नग्न अवस्था में मिला था.

इस मामले में पीड़िता के परिवार ने अपहरण, गैंगरेप और हत्या का मामला दर्ज कराया है.

परिवार के बयान के आधार पर नामज़द अभियुक्त के अलावा पांच अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने इस मामले में अब तक एक व्यक्ति की गिरफ़्तारी की है.

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मुज़फ़्फ़रपुर पुलिस ने शनिवार को इस मामले में नामज़द अभियुक्त संजय राय के घर की कुर्की और ज़ब्ती की.

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद जेडीयू प्रवक्ता अंजुम आरा ने सभी अभियुक्तों की जल्द गिरफ़्तारी की बात कही है, वहीं प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है.

बसपा प्रमुख मायावती ने भी इस मामले में दलित बच्ची के लिए न्याय की मांग की है.

क्या है पूरा मामला?

एसडीपीओ कुमार चंदन के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है
इमेज कैप्शन, एसडीपीओ कुमार चंदन के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है

इस मामले को लेकर मीडिया में लगातार रिपोर्ट आ रही है.

मुज़फ़्फ़रपुर पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. सरैया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुमार चंदन के नेतृत्व में ये टीम बनाई गई है.

कुमार चंदन ने बीबीसी को बताया है कि इस घटना को कैसे अंजाम दिया गया.

वो कहते हैं, "इस घटना में धारदार हथियार के तौर पर खुरपी का इस्तेमाल किया गया, जो शव मिलने के बाद ही अभियुक्त के घर से बरामद कर ली गई थी. उस पर मिले ख़ून के धब्बे और मृतका के ख़ून का मिलान एफ़एसएल जांच में हो गया है. इस मामले में मिथिलेश यादव नाम के एक व्यक्ति की गिरफ़्तारी की है जिसने नामज़द अभियुक्त संजय राय को भगाने में मदद की है."

एसएसपी मुज़फ़्फ़रपुर राकेश कुमार ने बीबीसी को बताया, "बच्ची के शरीर पर तीन जगह चोट थी. सिर, गर्दन और हाथ पर. एसकेएमसीएच की लैबोरेटरी रिपोर्ट में बच्ची के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई है."

एसकेएमसीएच मुज़फ़्फ़रपुर का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है.

एसएसपी मुज़फ़्फ़रपुर राकेश कुमार
इमेज कैप्शन, एसएसपी मुज़फ़्फ़रपुर राकेश कुमार

कैसा है पीड़िता का परिवार?

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समाप्त

मुज़फ़्फ़रपुर के एक गांव के कच्चे-पक्के मकान के सामने धूप से बचाव के लिए तिरपाल बांधा गया है और तीस प्लास्टिक की कुर्सियां लगी हुई हैं.

यहां बिहार पुलिस के तीन पुलिसकर्मी बैठे हैं, जो बताते हैं कि चार दिन से ड्यूटी दे रहे हैं ताकि पीड़ित परिवार को कोई 'धमकाए' नहीं.

इनके साथ-साथ यहां भीम आर्मी के भी कुछ सदस्य हैं, जो मीडिया को लगातार घटना का ब्योरा दे रहे हैं.

पीड़ित परिवार में मृतका की मां पर ही घर चलाने की ज़िम्मेदारी है, जबकि पिता का स्वास्थ्य इन दिनों ख़राब रहता है

घटना के बाद बेसुध पड़ी मां आरोप लगाती हैं, "रात के वक्त 12 बजे के बाद घर में पांच लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर घुसे थे. मेरी बेटी बीच में सो रही थी. उन लोगों ने चाकू दिखाकर डराया और बच्ची को साथ ले गए. इस बीच एक आदमी के मुंह से कपड़ा हट गया. वो गांव का संजय राय था, जो मेरी बच्ची से शादी करना चाहता था."

मां के मुताबिक, "इसके बाद हम लोगों ने हल्ला मचाया और गांव के लोग इकठ्ठा हो गए. एक घंटे तक हम इन्हें ढूंढते रहे, जब बच्ची नहीं मिली तो घर लौट आए. सुबह हल्ला मचा कि चौर में कोई बच्ची मरी पड़ी है. वहां जाकर देखा तो चौर के बाहर बच्ची की नीली फ्रॉक और पायजामा पड़ा था."

अभियुक्त परिवार सहित फ़रार

अभियुक्त का घर
इमेज कैप्शन, अभियुक्त परिवार सहित घर से जा चुका है

मृतका की एक रिश्तेदार ने दावा करते हुए कहा, "उसके शरीर में हर जगह चीरा लगा हुआ था."

हालांकि पुलिस के बयानों के मुताबिक़, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर तीन जगह चोट की पुष्टि हुई है.

अभियुक्त संजय राय की उम्र तक़रीबन 45 साल है, वो पड़ोस के गांव में रहते हैं. उनकी पहली पत्नी की मौत हो चुकी है और तीन बच्चे हैं.

अभियुक्त संजय राय और उनका परिवार घटना वाले दिन से ही फ़रार है. उनका घर खुला पड़ा है यानी पूरे घर में किसी दरवाज़े पर कोई ताला नहीं लगा.

संजय राय के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने कहा, "उसे देखते थे लेकिन इतना जल्लाद निकलेगा ये नहीं पता था."

वहीं गांव के विनय राय बताते हैं, "दोनों (मृतका और अभियुक्त) में दो साल से प्रेम था. संजय फिर से शादी करना चाहता था."

बेटी से शादी करना चाहता था संजय: मृतका की मां

अभियुक्त के गांव के मुखिया ईस्वीं राय
इमेज कैप्शन, अभियुक्त के गांव के मुखिया ईस्वीं राय

पीड़िता की मां बीबीसी से बातचीत में आरोप लगाते हुए कहती हैं, "कुछ महीने पहले उसने हमें रास्ते में रोककर कहा था कि अपनी बेटी की शादी हमसे करा दो. हम बोले कि अपनी जाति के लड़के से ही करेंगे. इस पर उसने धमकी दी कि नहीं करोगे तो बताएंगे."

अभियुक्त के गांव के मुखिया ईस्वीं राय ने बताया, "वो इस गांव का था लेकिन उसका ज़्यादातर समय वहीं बीतता था. तीन साल से वो अपने गांव में कम और उस गांव (मृतका का गांव) में ज़्यादा रहता था. हमसे जब बच्ची की मां ने शिकायत की थी तो हमने उसे डांटा भी था. लेकिन इस घटना को जैसे जातीय रंग दिया जा रहा है, वो ग़लत है."

इस मामले को जातीय नज़रिए से भी देखा जा रहा है. महादलित और अभियुक्त की जाति को जोड़कर देखा जा रहा है. इस गांव में 25 घर महादलित समुदाय और 25 घर यादव जाति समूह से आने वाले लोगों के हैं, जबकि अभियुक्त का गांव यादव जाति बहुल गांव है.

गांव की बच्चियों में दहशत

डरी हुई हैं गांव की बच्चियां
इमेज कैप्शन, घटना के बाद से गांव की बच्चियां दहशत में हैं

घटना के बाद से इस छोटे से गांव की महिलाओं ख़ासतौर पर बच्चियों में दहशत है. आरती (बदला हुआ नाम) 11वीं की छात्रा हैं. उन्हें स्कूल जाने के लिए दो टेंपों बदलने पड़ते हैं. वो भविष्य में टीचर बनना चाहती हैं. लेकिन इस हादसे ने उनके सपनों को झटका दे दिया है.

सहमी हुई आरती कहती हैं, "मैंने उसका (पीड़िता) चेहरा देखा है. मुझे बहुत डर लगता है. घटना के बाद से स्कूल नहीं गई. स्कूल जाने और आने में एक-एक घंटा लग जाता है. कोई कैसे इस तरह किसी को मार सकता है?"

आरती के साथ खड़ी दो और बच्चियां भी काफ़ी डरी हुई दिखीं. इन्होंने भी स्कूल जाना बंद कर दिया है. एक सवाल का जवाब देते हुए वो पूछती हैं, "आसपास ऐसी घटना होगी, तो डर नहीं लगेगा?"

महादलित समुदाय के ज़्यादातर घरों में शौचालय नहीं हैं. रवि कुमार महादलित समुदाय से हैं. वो ग़ुस्से से कहते हैं, "औरतों को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है. इस घटना के बाद तो आदमी भी शौचालय जाने से डर रहे हैं. कोई कैसे जिएगा?"

यहां के वार्ड सदस्य ने स्वीकार किया कि ज़्यादातर महादलितों के घरों में शौचालय नहीं हैं. वो कहते हैं, "हम तो बार-बार शौचालय बनवाने के लिए कहते हैं, लेकिन ये बनवाते नहीं तो हम क्या करें?"

सियासी दल इस मामले में क्या कह रहे हैं

बसपा सुप्रीमो मायावती

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इमेज कैप्शन, बसपा सुप्रीमो मायावती ने पीड़िता के लिए न्याय की मांग की है

इस मामले में राजनीति तेज़ हो गई है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर बिहार की इस दलित लड़की के लिए न्याय की मांग की है.

वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपने एक पोस्ट में इस घटना का ज़िक्र करते हुए लिखा कि 'नीतीश कुमार की सरपरस्ती में सत्ता संरक्षित अपराधी और बलात्कारियों का मनोबल बढ़ गया है.'

जेडीयू प्रवक्ता अंजुम आरा का कहना है कि अपराधी की जल्द गिरफ़्तारी होगी.

वो कहती हैं, "हमारी सरकार बेटियों के प्रति संवेदनशील है. नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण करने में राष्ट्रीय पटल पर छाये हुए हैं. मुज़फ़्फ़रपुर मामले में भी अपराधी के घर की कुर्की-ज़ब्ती हुई है. अपराधी की जल्द गिरफ़्तारी होगी."

ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वीमेंस एसोसिएशन (ऐपवा) की महासचिव मीना तिवारी कहती हैं कि इस मामले में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है.

मीना के मुताबिक़, "कोलकाता से लेकर उत्तराखंड और बिहार से बीते पांच-छह दिनों में सामने आईं बलात्कार और हत्या की अमानवीय घटनाएं चिंतनीय हैं. ये तीनों घटनाएं लगभग एक साथ घटित हुई हैं जो एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता पर सवाल उठा रही हैं."

उन्होंने कहा कि पूरे मामले पर प्रशासन लीपपोती कर रहा है. मुख्य अभियुक्त की गिरफ़्तारी नहीं हुई है. ऐसे में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध लगती है.

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