इस मुस्लिम देश में औरतों के लिए सौंदर्य प्रतियोगिता होने के क्या हैं मायने

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- Author, किन हसन फ़क़त और मैरी हार्पर
- पदनाम, मोगादिशू
सोमालिया में उस रात जब बहुत सारे लोग यूरो फ़ुटबॉल मैच का फ़ाइनल देखने के लिए कैफ़े और अपने घरों में घुसे हुए थे, ठीक उसी वक़्त उसकी राजधानी मोगादिशू में सैकड़ों की तादाद में वहां के धनी और फ़ैशनबेल शहरी एक और प्रतियोगिता के लिए समुद्र तट के किनारे बने एक आलीशान होटल में इकट्ठा हुए थे.
वह प्रतियोगिता थी मिस सोमालिया.
मोगादिशू से लगभग एक किलोमीटर दूर फ़ुटबॉल प्रशंसकों से भरे नामचीन कॉफ़ी रेस्तरां के बाहर एक कार में बम विस्फोट का होना वास्तव में सोमालियाई जीवन के नाटकीय विरोधाभासों को उजागर करता है.
जब सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सुंदरियां होटल में रैंप वॉक करने में व्यस्त थीं, तभी पास में हुए बम विस्फोट में कम से कम पांच लोग मारे गए और क़रीब 20 लोग घायल हो गए.

इस हमले की ज़िम्मेदारी आतंकवादी इस्लामी समूह, अल-शबाब ने ली है जिसका 15 साल से अधिक समय से सोमालिया के ज़्यादातर हिस्सों पर क़ब्ज़ा रहा है.
हनी आब्दी गैस ने 2021 में मिस सोमालिया प्रतियोगिता की शुरुआत की जो इस्लामी आतंकवाद की समस्या से जूझते, सांस्कृतिक रूप से बेहद रूढ़िवादी देश में एक साहसी काम है.
महिलाओं के लिए दुनिया की सबसे ख़राब और असुरक्षित जगहों की सूची में सोमालिया का नाम हमेशा सबसे ऊपर रहा है.
गैस केन्या के दादाब शरणार्थी शिविर में हज़ारों अन्य सोमालियाई लोगों के साथ पली-बढ़ी हैं जिन्होंने युद्ध और अकाल से बचकर वहां शरण ली थी. वह 2020 में अपनी मातृभूमि लौट गईं.
'एकता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना मक़सद'

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गैस कहती हैं, "यह प्रतियोगिता एकता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है."
उनका मानना है कि अब समय आ गया है कि सोमालिया भी बाक़ी दुनिया के साथ सौंदर्य प्रतियोगिताओं में शामिल हो.
वो कहती हैं, "मैं अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाली महिलाओं की आकांक्षाओं, उनके सपनों का जश्न मनाना चाहती हूं, उनके अंदर आत्मविश्वास को बढ़ाना चाहती हूं और उन्हें दुनियाभर में सोमाली संस्कृति को प्रदर्शित करने का मौक़ा देना चाहती हूं."
इस साल की प्रतियोगिता में अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं ने हिस्सा लिया. इन प्रतिभागियों में एक महिला पुलिसकर्मी भी थी.
सोमालिया में अधिकांश लोगों को सौंदर्य प्रतियोगिता का विचार ही भयावह लगता है. वहीं कुछ लोगों की नज़र में ऐसे आयोजन इस्लाम और सोमाली संस्कृति का अपमान हैं तो कुछ का कहना है कि यह लैंगिक दुर्व्यवहार का एक और रूप है, जो महिलाओं को वस्तुओं के रूप में पेश करता है.
एक क़बीले के नेता अहमद अब्दी हलाने ने कहा, "मैं इस भयानक प्रतियोगिता में हमारी युवा महिलाओं के भाग लेने के विचार मात्र से ही नफ़रत करता हूं."
"ऐसी चीज़ें हमारी संस्कृति और हमारे धर्म के खिलाफ़ हैं. अगर कोई लड़की तंग कपड़ों में मंच पर आती है, तो इससे उसके परिवार और उसके क़बीले की बदनामी होगी. महिलाओं से यह अपेक्षा की जाती है कि वे घर पर रहें और शालीन कपड़े पहनें."
कुछ महिलाएं भी सौंदर्य प्रतियोगिताओं का विरोध कर रही हैं.
मिस सोमालिया बनीं आइशा इकोव ने क्या कहा?

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छात्रा सबरीना ने अपना उपनाम उजागर न करने की शर्त पर कहा, "सोमाली युवाओं का समर्थन करना अच्छी बात है, लेकिन ऐसे तरीकों से नहीं जो हमारे धर्म के विरुद्ध हों."
"किसी महिला के लिए सार्वजनिक स्थानों पर बिना गर्दन ढके आना उचित नहीं माना जाता है और मिस सोमालिया के प्रतिभागियों ने ऐसा ही किया.”
अधिकांश सोमाली महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले गहरे, उदास रंग के वस्त्रों और नक़ाब के इतर मिस सोमालिया की प्रतिभागियों ने भड़कीले, चुस्त और शरीर के उभारों को दिखाने वाले गाउन पहन रखे थे.
मिस सोमालिया का ताज फर्श तक लटकती आस्तीन वाली लंबी सुनहरी पोशाक पहनी हुई 24 वर्षीय आइशा इकोव को पहनाया गया. उन्हें 1,000 डॉलर का नक़द पुरस्कार भी दिया गया.
आइशा विश्वविद्यालय में पढ़ती हैं और मेकअप कलाकार हैं. उन्होंने इस प्रतियोगिता में दक्षिण-पश्चिम राज्य का प्रतिनिधित्व किया. अन्य प्रतिभागियों में दक्षिण के जुबालैंड और मध्य सोमालिया में गैलमुदुग की क्षेत्रीय सुंदरियां थीं.
इकोव ने कहा, "मैं इस उपलब्धि का इस्तेमाल कम उम्र में महिलाओं के होने वाले विवाह के ख़िलाफ़ लड़ने और लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के अवसर के रूप में करूंगी."
"यह प्रतियोगिता महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य को न केवल आकार देती है बल्कि सोमाली संस्कृति और सुंदरता का जश्न भी मनाती है."
सोमालिया में महिलाएं किस हाल में हैं

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समुद्र के किनारे स्थित एक आलीशान होटल में रात के समय हुई यह सौंदर्य प्रतियोगिता सोमालिया के अधिकांश लोगों, ख़ासकर वहां की महिलाओं के जीवन से बिलकुल अलग थी.
चालीस लाख सोमालियाई, यानी वहां की आबादी का एक चौथाई हिस्सा, मजबूरी में अपने घरों से दूर होकर देश में कहीं और रह रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि उनमें से 70 से 80 फ़ीसदी महिलाएं हैं. 2024 में तीन दशकों में पहली बार सोमालिया को संयुक्त राष्ट्र मानव विकास सूचकांक में शामिल करने के लिए पर्याप्त डेटा एकत्र किया गया था. और यह अंतिम पायदान पर आया था.
संयुक्त राष्ट्र के लैंगिक असमानता सूचकांक में सोमालिया नीचे से चौथे स्थान पर है. सहायक समूहों का कहना है कि देश में लगभग 52 फीसदी महिलाओं को लैंगिक हिंसा का सामना करना पड़ता है. वहीं करीब 98 फीसदी महिलाएं खतना से गुज़रती हैं.
परंपरागत रूप से, जब कोई पुरुष किसी महिला के साथ बलात्कार करता था, तो उसकी "सज़ा" यह होती थी कि उसे उस महिला से शादी करनी होती थी, जिसका उसने यौन उत्पीड़न किया है.
बलात्कार और महिलाओं के ख़िलाफ़ अन्य प्रकार के दुर्व्यवहार के प्रति उनके दृष्टिकोण में पिछले कुछ वर्षों में बहुत अधिक बदलाव देखने को नहीं मिला है.
क्या सोमालिया सचमुच बदल गया है?

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स्वघोषित गणराज्य सोमालीलैंड में धार्मिक नेताओं ने 2018 के यौन अपराध कानून के पारित होते ही उसे रद्द कर दिया था.
कानून का संशोधित संस्करण भी महिलाओं को बाल विवाह, जबरन विवाह, बलात्कार या अन्य प्रकार के यौन शोषण से सुरक्षा प्रदान नहीं करता है.
लेकिन यह तथ्य कि मिस सोमालिया प्रतियोगिता मोगादिशू में आयोजित की जा सकती है, वह भी आत्मघाती बम विस्फोट से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर, यह दर्शाता है कि यह देश दृष्टिकोण और सुरक्षा दोनों के संदर्भ में बदल रहा है.
कुछ साल पहले तक सोमालिया में सौंदर्य प्रतियोगिता कराने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, खासकर तब जब राजधानी पर अल-शबाब का नियंत्रण था.
सौंदर्य प्रतियोगिता को देखने के लिए आलीशान होटल में मौजूद भीड़ सुबह होने तक वहां से नहीं हटी थी. उन्हें पास में हुए बम विस्फोट की आवाज़ नहीं सुनाई दी क्योंकि समुद्र तट पर हिंद महासागर की लहरों के शोर में वह दब गई थी.
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