झारखंड में बीजेपी ने चार पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत इन नेताओं के रिश्तेदारों को दिए टिकट

झारखंड
इमेज कैप्शन, झारखंड में बीजेपी ने कई पार्टी नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट दिया है. बाएं से (पूर्णिमा दास साहू, मीरा मुंडा और गीता कोड़ा)
    • Author, मोहम्मद सरताज आलम
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए रांची से

झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के लिए एनडीए के घटक दलों के बीच हुए सीट बंटवारे के तहत 81 में से 68 सीटें भाजपा को मिली हैं. जबकि आजसू पार्टी को दस, जेडीयू को दो और लोजपा-आर को एक सीट मिली है.

भाजपा ने 68 में से 66 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है.

इस लिस्ट में झारखंड के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित कई अन्य कद्दावर भाजपा नेताओं के परिवार के सदस्यों को भी उम्मीदवार बनाया है. जिसे लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भाजपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया है.

हालांकि खुद झारखंड मुक्ति मोर्चा की 41 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में हेमंत सोरेन के परिवार के कई सदस्योंं के नाम हैं. वहीं कांग्रेस के 21 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में भी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के बेटे और बेटियों के नाम हैं.

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बीबीसी ने प्रत्याशियों में उन चेहरों को जानने की कोशिश की जिनके टिकट को लेकर बीजेपी पर परिवारवाद के आरोप लगे हैं.

भाजपा की ओर से जारी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की पुत्रवधू पूर्णिमा दास साहू और पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन सहित उनके बेटे बाबूलाल सोरेन के नाम हैं.

मीरा मुंडा

मीरा मुंडा

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इमेज कैप्शन, मीरा मुंडा (फ़ाइल फ़ोटो)

भाजपा ने पोटका विधानसभा के लिए डॉ. मीरा मुंडा को प्रत्याशी बनाया है. वो झारखंड के तीन बार के मुख्यमंत्री और एक बार केंद्रीय मंत्री रहे अर्जुन मुंडा की पत्नी हैं.

मीरा मुंडा की पहचान कोल्हान क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं को कुचाई सिल्क ट्रेनिंग से जोड़ने और आदिवासी बच्चों को आर्चरी की ट्रेनिंग दिलवाने की दिशा में काम करने के लिए है.

मीरा मुंडा के अनुसार वह 1999 से भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हैं. वह कहती हैं,''गुज़रे तीन दशकों के दौरान मैंने ज़मीन पर जो काम किया है उसकी वजह से मुझे टिकट मिला है ना कि पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी होने के कारण.''

झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र सोरेन कहते हैं कि असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा झारखंड के चुनाव सह प्रभारी बनते ही हेमंत बिस्वा शर्मा ने ज़ोर देते हुए कहा था कि भाजपा के सभी बड़े नेताओं को चुनाव में उतारेंगे.राज्य के शीर्ष नेताओं में अर्जुन मुंडा की तरह पूर्व सीएम रघुवरदास भी हैं.

सोरेन कहते हैं, '' ज़ाहिर है कि इन नेताओं ने खुद चुनाव न लड़ते हुए पार्टी के समक्ष परिवार के सदस्य को प्रत्याशी बनाने की पेशकश की होगी.''

वह आगे कहते हैं कि उस पेशकश को पार्टी ने स्वीकार किया ताकि बड़े नेताओं की सक्रियता पार्टी हित में दिलचस्पी के साथ बनी रहे, जिसका लाभ पार्टी को चुनाव में मिले सके.

पूर्णिमा दास साहू

पूर्णिमा दास साहू

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इमेज कैप्शन, पूर्णिमा दास साहू

दरअसल जमशेदपुर पूर्वी सीट पर 1995 से लगातार पांच बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से बगावत करने वाले निर्दलीय उम्मीदवार सरयू राय से हार गए थे.

लेकिन अब सरयू राय जमशेदपुर पश्चिमी सीट से जेडीयू के टिकट पर एनडीए के साझा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे.

ऐसे में खाली हुई जमशेदपुर पूर्वी सीट पर भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की बहू पूर्णिमा दास साहू को प्रत्याशी बनाया है, जिनके सामने कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अजॉय कुमार होंगे.

गीता कोड़ा

गीता कोड़ा

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इमेज कैप्शन, गीता कोड़ा पति मधु कोड़ा के साथ

जगन्नाथपुर विधानसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार गीता कोड़ा 2009 तक एक गृहिणी की भूमिका में रहीं. लेकिन जब उनके पति मधु कोड़ा को भ्रष्टाचार के मामले में जेल जाना पड़ा. तब गीता कोड़ा जगन्नाथपुर सीट से पहली बार विधायक बनीं.

साल 2014 में सिंहभूम लोकसभा सीट से चुनाव हारने वाली गीता कोड़ा उसी साल जगन्नाथपुर विधानसभा से चुनाव जीत कर दोबारा विधायक बनीं.

साल 2018 में गीता कोड़ा कांग्रेस में शामिल होने के बाद सिंहभूम लोकसभा सीट से साल 2019 में सांसद चुनी गईं.

लेकिन उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थाम लिया. लेकिन वह सिंहभूम सीट से लोकसभा चुनाव हार गईं.

रागिनी सिंह

रागिनी सिंह

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झरिया विधान सभा क्षेत्र में ‘सिंह मेन्शन’ के नाम से मशहूर घराने से पहले विधायक सूर्यदेव सिंह थे.

जिनके बाद झरिया से उनकी पत्नी कुंती देवी भाजपा विधायक बनीं, उसके बाद उनके पुत्र संजीव सिंह झरिया से भाजपा से विधायक बने. लेकिन संजीव सिंह अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या के आरोप में जेल चले गए.

तब झरिया सीट पर साल 2019 में उनकी पत्नी रागिनी सिंह भाजपा की उम्मीदवार बनीं. लेकिन वह कांग्रेस के टिकट पर लड़ने वाली नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह से हार गईं.

अब विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने रागिनी सिंह को दोबारा प्रत्याशी बनाया है जो रिश्ते में अपनी देवरानी पूर्णिमा सिंह से झरिया सीट पर लड़ेंगीं.

तारा देवी

तारा देवी

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तारा देवी के पति इंद्रजीत महतो साल 2019 में सिंदरी विधानसभा सीट से विधायक बने.

लेकिन 2021 में कोरोना होने के बाद अब भी वो हैदराबाद के एक अस्पताल में नाजुक़ हालत में भर्ती हैं.

धनबाद के वरिष्ठ पत्रकार कुंवर अभिषेक सिंह कहते हैं कि इंद्रजीत महतो की अनुपस्थिति में उनकी पत्नी तारा देवी लगातार सक्रिय रहीं.

शत्रुघ्न महतो?

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इमेज कैप्शन, झारखंड के बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी (बाएं) के साथ शत्रुघ्न महतो

वर्तमान धनबाद सांसद ढुलू महतो बाघमारा विधानसभा से तीन बार के विधायक रहे हैं.

उनकी जीत के रणनीतिकार उनके बड़े भाई शत्रुघ्न महतो अब बाघमारा से प्रत्याशी हैं.

ढुल महतो बाघमारा विधानसभा का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. शत्रुघ्न महतो का कहना है कि वो चुनाव जरूर जीतेंगे.

रोशन लाल चौधरी

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इमेज कैप्शन, रोशन लाल चौधरी

गिरिडीह से आजसू कोटे के वर्तमान सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के भाई रोशन लाल चौधरी बरकागांव विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी हैं.

जबकि रामगढ़ से वर्तमान आजसू विधायक सुनीता चौधरी रोशनलाल चौधरी की भाभी हैं. खास बात ये है कि चौधरी परिवार आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के नज़दीकी रिश्तेदार हैं.

बाबूलाल सोरेन

झारखंड

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इमेज कैप्शन, पिता चंपाई सोरेन (बाएं) के साथ बाबूलाल सोरेन

भाजपा ने अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीट घाटशिला से बाबूलाल सोरेन को टिकट दिया है. वो पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बड़े बेटे हैं. मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद हाल ही में पिता-पुत्र ने भाजपा का दामन थामा था.

वहीं उनके पिता चंपाई सोरेन को सरायकेल सीट से भाजपा ने टिकट दिया. इस आरक्षित सीट पर चंपाई सोरेन 1991 से अब तक सातवीं बार विधायक बन चुके हैं.

बीजेपी ने क्या कहा

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव

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इमेज कैप्शन, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव (फ़ाइल फ़ोटो)
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समाप्त

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता विनोद पांडे कहते हैं,''परिवारवाद पर भाजपा ने झारखंड के इतिहास में पहली बार एक साथ पिता-पुत्र दोनों को टिकट दिया है. ये परिवारवाद नहीं तो क्या है?''

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन कोल्हान के सबसे बड़े नेताओं में से एक हैं. बीजेपी ने उन्हें सरायकेला सीट से टिकट दिया है. वहीं घाटशिला सीट से उनके बेटे बाबूलाल सोरेन को टिकट दिया गया है.

27 अगस्त को बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा ''झारखंड मुक्ति मोर्चा अब आंदोलनकारियों की पार्टी नहीं बल्कि बाप-बेटे की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन कर रह गई है.”

इस पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता विनोद पांडे ने कहा, ''जेएमएम को पति-पत्नी, पिता पुत्र की पार्टी कहने वाली भाजपा को एक बार खुद के घर में भी झाँक कर देखना चाहिए जहां अब परिवारवाद ही दिखाई देगा.''

इस पर भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव कहते हैं, ''भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा, इस सवाल का जवाब भाजपा के किसी कार्यकर्ता के पास नहीं होगा. लेकिन इंडिया गठबंधन के घटक दलों झारखंड मुक्ति मोर्चा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और राजद का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष ज़ाहिर है शिबू सोरेन, मुलायम सिंह, गांधी और लालू परिवार से ही होगा. ये बात सबको पता है. इसे ही परिवारवाद कहते हैं.''

झामुमो, कांग्रेस और भाकपा (माले) ने भी दिए नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट

हेमंत सोरेन

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इमेज कैप्शन, हेमंत सोरेन पत्नी कल्पना सोरेन के साथ (फ़ाइल फ़ोटो)

झारखंड मुक्ति मोर्चा भले ही बीजेपी पर परिवारवाद का आरोप लगा रही हो लेकिन खुद उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में ऐसे कई नाम हैं जो पार्टी नेताओं के रिश्तेदार हैं. इनमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार के भी कई सदस्य हैं.

झारखंड मुक्ति के मोर्चा की ओर से जारी 41 प्रत्याशियों की लिस्ट में बरहेट से हेमंत सोरेन चुनाव लड़ रहे हैं. उनके भाई बसंत सोरेन दुमका से और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन गांडेय सीट से प्रत्याशी हैं.

इनके आलावा दुमका के वर्तमान सांसद नलिन सोरेन के पुत्र आलोक सोरेन को शिकारीपाड़ा, पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के पुत्र हफीज़ुल हसन को मधुपुर से, पूर्व मंत्री जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी को डुमरी से टिकट दिया गया है.

पूर्व मंत्री सुधीर महतो की पत्नी सबिता महतो को ईचागढ़ से, सिंहभूम से से वर्तमान सांसद जोबा मांझी के पुत्र जगत मांझी को मनोहरपुर से टिकट दिया गया है. वहीं पूर्व विधायक रमेश सिंह मुंडा के पुत्र विकास मुंडा को टिकट मिला है.

कांग्रेस के 21 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद साव और निर्मला देवी की पुत्री अम्बा प्रसाद को बड़कागांव से टिकट मिला है.

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मंत्री बंधु तिर्की की पुत्री शिल्पा नेहा तिर्की मांडर से, झामुमो के कद्दावर नेता टेकलाल महतो के पुत्र जय प्रकाश पटेल को मांडू से और पूर्व कांग्रेसी सांसद फुरकान अंसारी के पुत्र डॉ इरफ़ान अंसारी को जामताड़ा से टिकट मिला है.

कांग्रेस विधायक और मंत्री रहे राजेंद्र सिंह के पुत्र कुमार जय मंगल सिंह बेरमो से, धनबाद के पूर्व मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह को झरिया से टिकट मिला है. जबकि पाकुड़ से विधायक रहे आलमगीर आलम के जेल जाने के बाद उनके परिवार से किसी सदस्य को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने की पूरी संभावना है.

भाकपा माले की अब तक जारी हुई लिस्ट में बगोदर से पूर्व विधायक रहे महेन्द्र सिंह के पुत्र विनोद सिंह और पूर्व विधायक गुरुदास चटर्जी के पुत्र अरुप चटर्जी को निरसा से प्रत्याशी बनाया गया है.

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