झारखंड की योजना शुरू जिसमें पेट्रोल का पैसा सीधे खाते में आ रहा

पेट्रोल, Petrol

इमेज स्रोत, Getty Images

    • Author, रवि प्रकाश
    • पदनाम, रांची से, बीबीसी हिन्दी के लिए

दुमका के राजेश्वर हेम्ब्रम उन पांच लोगों में शामिल हैं, जिन्हें झारखंड सरकार की ओर से पेट्रोल की कीमतों पर 25 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी का पहला फायदा मिला.

एक महीने में अधिकतम 10 लीटर सब्सिडी वाले पेट्रोल के एवज़ में 250 रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से बीते 26 जनवरी को उनके खाते में भेजी गई.

उनके अलावा संतोष मुर्मू, बुधिन किस्कु, मार्टिन मुर्मू और राजेश मिस्त्री के बैंक खातों में भी इतनी ही रक़म भेजी गई.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन सभी लोगों को इस राशि का प्रतीकात्मक चेक भी दिया. इसके साथ ही उन्होंने 'सीएम सपोर्ट पेट्रोल सब्सिडी योजना' की औपचारिक शुरुआत की. इसकी घोषणा उन्होंने अपनी सरकार की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर दिसंबर में की थी.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था, "पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों के कारण ग़रीबों में काफ़ी निराशा है और वे अपनी बाइक नहीं चला पा रहे हैं. ऐसे लोग पैसे के अभाव में अपनी बाइक में केरोसिन तेल और पेट्रोल मिलाकर डालते हैं. इससे उनकी बाइक भी ख़राब हो जाती है. इसलिए हमारी सरकार ग़रीब दोपहिया मालिकों को पेट्रोल ख़रीद पर 25 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी देगी. यह सब्सिडी हर महीने अधिकतम 10 लीटर पेट्रोल पर मिलेगी. इसके लिए आवेदक का राशन कार्डधारी होना ज़रूरी होगा."

उन्होंने तब कहा था कि सब्सिडी दिए जाने की शुरुआत 26 जनवरी से होगी.

हालांकि, उनकी घोषणा के वक़्त इस योजना को लेकर बहुत बातें स्पष्ट नहीं थीं. जैसे कि, अगर किसी को सब्सिडी लेनी हो, तो उन्हें इसके लिए क्या करना होगा. या, किस तरह के राशन कार्डधारक इसके पात्र होंगे. इसको लेकर विपक्षी बीजेपी ने चुटकियां भी ली थीं.

तब मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि उन्होंने यह घोषणा बहुत जल्दी में की है, लेकिन पूरा इसका खाका बहुत जल्दी ही स्पष्ट हो जाएगा. तब यह भी स्पष्ट किया गया था कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा क़ानून (एनएफएसए) के तहत आने वाले राशन कार्डधारी ही इस योजना का लाभ लेने के पात्र होंगे.

झारखंड में पेट्रोल सब्सिडी

इमेज स्रोत, TWITTER @HemantSorenJMM

पेट्रोल पर 25 रुपये की सब्सिडी किसे?

उसके बाद सरकार के वित्त और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने इस योजना के लिए एक डेडिकेटेड एप और वेबसाइट बनाई और लोगों से इसके लिए आवेदन करने के लिए कहा.

सरकारी दावे के मुताबिक बीते 19 जनवरी को वेबसाइट और एप बनाए जाने के महज़ 24 घंटे के अंदर ही इस योजना के लिए क़रीब 16 हजार लोगों ने आवेदन कर दिए थे. यह संख्या 25 जनवरी तक एक लाख को भी पार कर गई.

26 जनवरी को इस योजना की शुरुआत क़रीब 58 हज़ार आवेदकों के बैंक खातों में सब्सिडी की पहली किस्त भेजकर की गई. ऐसे लोगों को हर महीने अधिकतम 250 रुपये की सब्सिडी मिला करेगी. मतलब, वे पेट्रोल पंप पर तो पूरी कीमत देंगे, लेकिन वास्तविक तौर पर 10 लीटर पेट्रोल उन्हें आम लोगों की तुलना में 25 रुपये सस्ता मिलेगा.

दुमका

इमेज स्रोत, RAVI PRAKASH/BBC

राहत पाने वाले का क्या है कहना?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सब्सिडी का प्रतीकात्मक चेक पाने वाले संतोष मुर्मू मज़दूरी करते हैं. उनके पास एक पुरानी बाइक है, जो ज़्यादातर समय खड़ी ही रहती है.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "बड़े लोगों के लिए 250 रुपया कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन हमारे जैसे ग़रीब के लिए यह बड़ी रक़म है. पहले जब पेट्रोल सस्ता था, तब हम खाद-बीज ख़रीदने के लिए बाइक से बाज़ार चले जाते थे. ताकि, वहां से बोरा लादकर ला सकें. पेट्रोल के दाम बढ़ने के बाद हमारी बाइक खड़ी ही रहने लगी. उसके बाद बहुत ज़रूरी होने पर ही बाइक निकालते थे. हम सब्सिडी योजना के बारे में सुने तो अप्लाई कर दिए. अब 25 रुपया छूट मिला है, तो थोड़ी राहत दिख रही है."

झारखंड में पेट्रोल सब्सिडी

इमेज स्रोत, RAVI PRAKASH/BBC

राहत कब तक?

पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें पूरे देश में बीते ढाई महीने से भी अधिक समय से स्थिर हैं. बीते वर्ष 3 नवंबर को केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी में 5 और 10 रुपये क्रमशः की कटौती की थी. इसके बाद देश भर के कई राज्यों ने भी पेट्रोल पर वैट कम किया था. तब से राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

हालांकि जानकारों और आमजनों का भी यह मानना है कि ये फौरी राहत है जो पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र दी गई है और चुनाव ख़त्म होते ही पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में एक बार फिर तेज़ी देखने को मिलेगी क्योंकि क्रूड ऑयल की कीमतें फिलहाल बीते सात साल के अपने उच्चतम स्तर पर चल रही हैं.

अक्तूबर 2014 के बाद पहली बार 26 जनवरी को ही इसने पहली बार 90 डॉलर के स्तर को पार किया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)