भारत के 75वें गणतंत्र दिवस पर क्या कह रहा है विदेशी मीडिया

फ्रांस

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भारत के 75वें गणतंत्र दिवस को विदेशी मीडिया में भी अच्छी ख़ासी तवज्जो मिली है.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनकर आए हैं.

वहीं सऊदी अरब में भारत के राजदूत सुहैल एजाज ख़ान ने कहा है कि भारत ने दोनों देशों के बीच 52 अरब डॉलर के कारोबार को और बढ़ाने का वादा किया है.

भारत ने कहा है कि सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े फर्टिलाइजर सप्लायर देशों में से एक है. इस तरह वो भारत की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है.

अरब न्यूज़ के लिए लिखे गए एक आलेख में सुहेल एजाज़ खान ने कहा कि भारतीय समुदाय के 24 लाख लोग सऊदी अरब में रहते हैं. ये समुदाय सऊदी अरब के विकास की कहानी का एक अहम हिस्सा हैं.

उन्होंने लिखा है कि भारत और सऊदी अरब के बीच कारोबार 52 अरब डॉलर पार कर चुका है. भारत सऊदी अरब का दूसरा बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है, वहीं सऊदी अरब भारत का चौथा बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर. दोनों देश एक दूसरे के यहां निवेश भी बढ़ा रहे हैं.

भारत सऊदी अरब के लिए बड़े निवेश केंद्र के तौर पर उभरा है. सऊदी कंपनियां अब तक भारत में 10 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी हैं.

वहीं सऊदी अरब में काम करने वाली भारतीय कंपनियों की संख्या भी काफ़ी बढ़ी है. 2019 में वहां 400 कंपनियां अपना कारोबार कर रही थीं लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ कर 2900 हो गई है.

भारत ने कहा- सूडान ऑपरेशन में की मदद

सऊदी अरब

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इमेज कैप्शन, सूडान से सऊदी अरब के रास्ते भारत पहुंचे भारतीय मूल के नागरिक

सऊदी अरब में भारत के राजदूत ने सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने में सऊदी अरब के सहयोग का भी ज़िक्र किया है.

उन्होंने लिखा है कि ऑपरेशन कावेरी की तहत सूडान से 3500 भारतीयों को निकाल कर पहले जेद्दा लाया गया और फिर वहां से उन्हें भारत भेजा गया.

भारतीय राजदूत ने लिखा है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने जी- 20 समिट में भाग लेने और भारत-सऊदी अरब स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप काउंसिल के नेताओं की बैठक की सह-अध्यक्षता करने के लिए सितंबर 2023 में भारत का दौरा किया.

इस यात्रा के दौरान दौरान, दोनों पक्षों ने ऊर्जा, बैंकिंग, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग समेत कई क्षेत्रों में सहयोग के लिए भी बातचीत की है.

जी-20 सम्मेलन में इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर बनाने का एलान हुआ. इससे दोनों देश के बीच कनेक्टिविटी,लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में सहयोग के नए मौके पैदा होंगे.

मैक्रों क्यों कर रहे हैं भारत का तीसरा दौरा

मैक्रों

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अमेरिकी अख़बार ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यात्रा पर ख़ास फोकस किया है.

अख़बारों ने इस बहाने भारत और फ्रांस के मौजूदा रिश्तों की पड़ताल की है.

अमेरिकी अख़बार ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने लिखा है,’’ मैक्रों का राजस्थान की राजधानी जयपुर में भव्य स्वागत किया है.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका राजस्थान की राजधानी जयपुर की वेधशाला में स्वागत किया.

खुली जीप में मोदी और मैक्रों की डेढ़ किलोमीटर तक शोभायात्रा निकली और इस दौरान दोनों पर गुलाब और गेंदे की पखुंड़ियां बरसाई गईं.’’

पूरे शहर में दोनों के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए थे. साथ ही भारत-फ्रांस दोस्ती के पोस्टर भी शहर भर में पटे पड़े थे. मैक्रों यहां 17वीं सदी के एक किले में भी गए. पर्यटकों में ये खासा लोकप्रिय है.

अख़बार लिखता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैक्रों का स्वागत करते हुए ट्वीट भी किया.

उन्होंने लिखा,''उनकी मौजूदगी से न सिर्फ भारत और फ्रांस की दोस्ती मज़बूत हुई है बल्कि इसने दोनों के संबंधों और मित्रता के साझा इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है.''

अख़बार लिखता है कि दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले नरेंद्र मोंद्री ने जयपुर के एक होटल में बैठक की. हालांकि इस बैठक के नतीजों को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन माना जा रहा है कि दोनों के बीच भारत और फ्रांस के आर्थिक और सामरिक रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा हुई होगी.

दोनों नेताओं के बीच रक्षा, साइबर सिक्योरिटी के अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में फ्रांस की भूमिका पर भी बात हो सकती है.

अख़बार लिखता है यूक्रेन-रूस युद्ध पर भारत के रुख़ पर विवाद होने के बावजूद फ्रांस उसके साथ सहयोग मजबूत करना चाहता है.

फ्रांस भारत को छह ईपीआर न्यूक्लियर रियेक्टर बेचेगा

मोदी

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अख़बार ने बुधवार को मैक्रों के दफ़्तर से जारी बयान का हवाला देते हुए लिखा है,''मैक्रों भारत से नजदीकी बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है. भारत एक बड़ी आबादी वाला देश और अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक प्रमुख खिलाड़ी आर्थिक, वैज्ञानिक और राजनयिक दृष्टिकोण से भी एक अहम देश है.''

अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि फ्रांस भारत से रक्षा सहयोग बढ़ाने पर प्रतिबद्ध है. साथ ही भारत के टेक्नोलॉजी भी साझा करने के लिए तैयार है.

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देश मिलकर रक्षा परियोजनाओं का मिलकर विकास कर रहे हैं साथ ही वह मिलकर डिफेंस प्रोडक्शन सेक्टर में भी काम कर रहे हैं.

दोनों नेता फ्रांस से 26 राफाल फाइटर प्लेन की ख़रीद पर बातचीत कर सकते हैं. ये प्लेन भारत की नौसेना के लिए ख़रीदे जाएंगे.

'चीन की बढ़त को रोकना है मक़सद'

चीन

फ्रांस के मीडिया आउटलेट फ्रांस 24 ने भी भारत के गणतंत्र दिवस पर मैक्रों के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने को प्रमुखता दी है.

फ्रांस 24 ने लिखा है कि भारत के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों को रणनीतिक साझीदार बताया है. वहीं फ्रांस ने कहा है कि मैक्रों की ये यात्रा दोनों देशों के बीच के रिश्तों को मजबूत और स्थिर बनाएगी.

फ्रांसीसी मीडिया आउटलेट ने एएफपी के हवाले से लिखा है मानवाधिकार के उल्लंघन पर जताई जा रही चिंता और यूक्रेन में युद्ध के मुद्दे पर यूरोप और अमेरिका से भारत के मतभेद के बावजूद फ्रांस इसके साथ आर्थिक और सैनिक सहयोग बढ़ाना चाहता है. इसका मक़सद चीन की बढ़त को रोकना है.

फ्रांस 24 ने लिखा है मैक्रों को उम्मीद है कि फ्रांस भारत को छह ईपीआर न्यूक्लियर रियेक्टर बेचने में कामयाब हो सकेगा.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल जुलाई में हुए फ्रांस के वार्षिक बास्तिल डे समारोह में गेस्ट ऑफ ऑनर थे. अब मैक्रों को भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया है.

राम मंदिर

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फ्रांस 24 ने लिखा है कि मैक्रों और मोदी के बीच मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

पत्रकारों, मानवाधिकार, राजनीतिक कार्यकर्ता और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े कार्यकर्ता ने मोदी सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए हैं.

फ्रांस 24 ने लिखा मोदी सरकार पर स्वतंत्र मीडिया को दबाने के भी आरोप हैं. मोदी सरकार में भारत प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में 21 स्थान नीचे गिर कर 161 पर पहुंच गया है. भारत 180 देशों की सूची में 161वीं रैंक पर है.

ये लिखता है कि मैक्रों की भारत यात्रा ऐसे मौके पर हो रही है, जब सदियों से खड़ी एक मस्जिद की जगह पर एक हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया गया है.

मैक्रों की यात्रा से पहले राष्ट्रपति दफ़्तर के एक सलाहकार ने कहा था भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मानवाधिकार समेत कई मुद्दों पर बातचीत होगी.

लेकिन लक्ष्य यही रहेगा कि बातचीत सौहार्द के साथ हो ताकि ठोस नतीजे हासिल किए जा सकें.

' रणनीतिक स्वायत्तता की तलाश में फ्रांस'

मैक्रों

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जापान के मीडिया आउटलेट निक्केई एशिया ने भी मैक्रों की भारत यात्रा पर टिप्पणी की है.

निक्केई एशिया लिखता है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ये तीसरी भारत यात्रा है. वो भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे.

ये छठी बार है, जब फ्रांस के किसी नेता को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य अतिथि बनाया गया है.

फ्रांस के एक आला अधिकारी ने कहा कि मैक्रों को बुलाने को भारत में फ्रांस के प्रति दिखाए गए विश्वास का सुबूत है. मैक्रों से पहले भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया था.

इसके बाद क्वॉड की समिट होनी थी. लेकिन आख़िरी वक्त़ में बाइडन का आना टल गया.

निक्केई एशिया ने ऑनलाइन डिफेंस न्यूज़ साइट डिफेंस कैपिटल और रक्षा, सामरिक मामलों के विशेषज्ञ एन.सी. बिपिंद्र के हवाले से कहा है कि भारत की आजादी के बाद से फ्रांस से इसके रिश्ते अच्छे रहे हैं.

फ्रांस हमेशा भारत के टॉप फाइव हथियार सप्लायरों में शामिल रहा है. चाहे मिराज-2000 फाइटर जेट का मामला हो या राफेल लड़ाकू विमान या स्कॉर्पिन पनडुब्बियों का.

विवेकानन्द इंटरनेशनल फाउंडेशन की एसोसिएट फेलो प्रेरणा गांधी के हवाले से इसने लिखा है ,''फ्रांस, दूसरे यूरोपीय देशों की तुलना में ऐसी रणनीतिक स्वायत्तता चाहता है जिसमें भारत से तालमेल बिठाया जा सके. दरअसल दोनों देशों के बीच वैश्विक और क्षेत्रीय नजरिये में काफी समानता है.''

राफेल जेट

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नरेंद्र मोदी पिछले साल जुलाई में फ्रांस के बास्तिल डे परेड में गेस्ट ऑफ ऑनर थे. उस यात्रा से ठीक पहले, भारत ने फ्रांस से 26 राफेल जेट लड़ाकू विमानों को खरीदने के साथ तीन स्कॉर्पिन पनडुब्बियों के को-प्रोडक्शन को मंजूरी दे दी थी.

हालांकि अभी इस व्यवस्था को अंतिम रूप नहीं दिया गया है. भारत ने पहले अपनी वायुसेना के लिए 36 राफेल लड़ाकू विमानों का का ऑर्डर दिया था.

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