वर्ल्ड कप क्रिकेट का आज से आगाज़, अहमदाबाद में पहला मैच, भारत है ख़िताब का बड़ा दावेदार

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- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
आईसीसी की कैप्टन्स डे प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पत्रकारों को इस वर्ल्ड कप में शामिल होने वाली सभी टीमों के कप्तानों के साथ बातचीत का मौक़ा मिला.
पिछली बार के उपविजेता न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन से पूछा गया कि क्या वनडे क्रिकेट अभी भी क्रिकेट का प्राइम या सर्वोच्च टूर्नामेंट है?
विलियम्सन ने ‘हाँ’ कहने में ज़रा भी वक्त नहीं लिया. पास ही में बैठे हुए रोहित शर्मा ने भी स्वीकृति में सर हिलाया.
एक दूसरे सवाल के जवाब में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने ये भी कहा कि आज से नहीं बल्कि पिछले एक-दो महीने से भारत में वर्ल्ड कप का बुख़ार शुरू हो गया था.
टीम जहाँ भी जा रही थी, उनसे वर्ल्ड कप से जुड़े सवाल ही पूछे जा रहे थे.
दरअसल भारत में इस बार वर्ल्ड कप की खुमारी और भी बढ़ गई है, क्योंकि कई वर्षों बाद भारत एक बार फिर इस अहम टूर्नामेंट का मेज़बान बना है.
अहमदाबाद में आगाज़

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इस बार वर्ल्ड कप का पहला मैच अहमदाबाद में पिछली बार की विजेता टीम इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला जाएगा.
इंग्लैंड ने पिछली बार वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड को हराया था.
उस विवादास्पद मैच में दोनों ही टीमों का स्कोर बराबर था, लेकिन इंग्लैंड की टीम पारी में ज़्यादा चौके लगाने की वजह से चैम्पियन बनी.
न्यूज़ीलैंड को उस मैच का बदला लेने का मौक़ा अहमदाबाद के दिन-रात मैच में मिलेगा.
हालाँकि दोनों ही टीमें मैच से पहले चोट की समस्या से जूझ रही हैं. अपने पहले मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड के कप्तान विलियम्सन और अनुभवी गेंदबाज़ टिम साउदी के बिना उतरेगी.
वहीं इंग्लैंड के करिश्माई ऑलराउंडर बेन स्टोक्स भी हिप-इंजरी से जूझ रहे हैं और उनका खेलना अभी तय नहीं है.
अहमदाबाद की पिच किस तरह खेलेगी ये इस बात पर निर्भर रहेगा कि वो लाल मिट्टी से बनी है या काली मिट्टी से.
जहाँ लाल मिट्टी पेसर्स को मदद करेगी वहीं काली मिट्टी धीमे गेंदबाज़ों के लिए बेहतर होगी.
वैसे अगर इस पिच को आईपीएल की फ़ाइनल की तरह बनाया गया, तो इस पर बड़े स्कोर्स की उम्मीद की जा सकती है.
क्या नया है इस बार

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इस बार का टूर्नामेंट भारत अकेला आयोजित कर रहा है. इससे पहले भारत को जब भी मेज़बानी मिली, तो उनके साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश या श्रीलंका भी सह-आयोजक बने थे.
पाँच अक्तूबर से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 48 मैच खेले जाएँगे. फ़ाइनल अहमदाबाद में ही 19 नवंबर को खेला जाएगा.
इस टूर्नामेंट का बहुप्रतीक्षित भारत और पाकिस्तान का मैच भी 14 अक्तूबर को अहमदाबाद में ही खेला जाएगा.
अहमदाबाद को अलावा नौ दूसरे शहरों में भी इस वर्ल्ड कप के मैच खेले जाएँगे, जिनमें मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, धर्मशाला, लखनऊ, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे और बेंगलुरु शामिल हैं.

इस टूर्नामेंट में कुल 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं. ये टीमें हैं- भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफ़ग़ानिस्तान, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और नीदरलैंड्स.
इस बार वर्ल्ड कप की दो बार की विजता वेस्टइंडीज़ की टीम नहीं खेल रही है क्योंकि वो इसके लिए क्वालिफ़ाई नहीं कर पाई.
इस बार की प्राइज़ मनी भी सबसे ज़्यादा रखी गई है. आईसीसी ने कुल 10 मिलियन यानी लगभग 83 करोड़ की प्राइज़ मनी रखी है.
विजेता टीम को लगभग 33 करोड़ ( चार मिलियन) और उपविजेता को लगभग 16.5 करोड़ (दो मिलियल डॉलर) की इनामी राशि मिलेगी.
इस बार के फ़ॉर्मेट के अनुसार सभी टीमें एक दूसरे से एक बार खेलेगी और पहली चार टीमें सेमी फ़ाइनल के लिए चुनी जाएँगी.
वहीं अगर नियमों की बात करें, तो 2019 के विश्व कप से सबक लेते हुए इस बार अगर फाइनल मैच टाई हुआ तो तब तक सुपर ओवर्स खेले जाएँगे, जब तक विजेता ना मिल जाए. यानी चौके से विजेता ढूँढने का चक्कर इस बार ख़त्म कर दिया गया है.
विश्व कप का इतिहास

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आईसीसी वर्ल्ड कप का ये 13वाँ संस्करण है. पहले तीन टूर्नामेंट इंग्लैंड में खेले गए और तब इन्हें प्रूडेंशियल कप से जाना जाता था.
1975 के पहले टूर्नामेंट में वेस्ट इंडीज़ ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था.
वहीं 1979 के विश्व कप में वेस्ट इंडीज़ इंग्लैंड को हराकर एक बार फिर विश्व चैंपियन बना थी.
लेकिन क्लाइव लॉयड की टीम के तीन लगातार ट्रॉफ़ी के सपने को कपिल देव के ‘डेविल्स’ ने 1983 में तोड़ दिया, जब उन्होंने वेस्ट इंड़ीज को फ़ाइनल में 43 रनों से हराया.
इसके बाद 1987 में भारत और पाकिस्तान को वर्ल्ड कप की मेज़बानी का मौक़ा मिला, जिसमें एलन बॉर्डर की ऑस्ट्रेलियाई टीम चैम्पियन बनी.
वहीं 1992 के ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में आयोजित किए गए वर्ल्ड कप में पाकिस्तानी टीम इंग्लैड को हराकर चैम्पियन बनी.
1996 में एक बार फिर भारत-पाकिस्तान और श्रीलंका में विश्व कप का आयोजन किया गया.
सेमी फ़ाइनल में भारत को हराकर श्रीलंका ने करोड़ों भारतीय फ़ैन्स का दिल तोड़ दिया और फिर फ़ाइनल में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को पटखनी देकर पहली बार चैम्पियन होने का गौरव हासिल किया.
लेकिन तब तक वनडे विश्व कप क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया का वर्चस्व शुरू हो चुका था. अगले तीन वर्ल्ड कप में चैम्पियन सिर्फ़ एक ही टीम बनी थी- ऑस्ट्रेलिया.

1999 में स्टीव वॉ की टीम ने पाकिस्तान को हराकर दूसरी बार विश्व कप जीता. हालाँकि उस टूर्नामेंट में साउथ अफ्रीका सबसे मज़बूत टीम नज़र आ रही थी लेकिन सेमी फ़ाइनल में उन्हें ऑस्ट्रेलिया से हार मिली जब एक अहम मौक़े पर स्टीव वॉ का कैच हर्शेल गिब्स ने गिरा दिया था.
तब वॉ ने उनसे कहा था- दोस्त, आपने कैच नहीं, वर्ल्ड कप गिरा दिया है!
2003 के वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 125 रनों से हरा दिया जबकि 2007 का वर्ल्ड कप फ़ाइनल ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच खेला गया जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 53 रनों से जीत लिया.
विश्व कप में इसके बाद मेज़बान टीम के जीतने का दौर शुरू हो गया.
2011 का वर्ल्ड कप भारतीय उप महाद्वीप में खेला गया और अपने आख़िरी लीग मैच में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम पाकिस्तान से हारी, तब उनका विश्व कप में 35 लगातार मैच जीतने का सिलसिला टूटा.
इस वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोनी की टीम ने परचम लहराया. अपना आख़िरी वर्ल्ड कप खेल रहे सचिन तेंदुलकर की आँखे नम हो गई, जब विराट कोहली और दूसरे खिलाड़ियों ने उन्हें कंधो पर उठाकर ग्राउंड का चक्कर लगाया.
कोहली ने तब कहा था कि पिछले दो दशकों से सचिन करोड़ों भारतीयों के उम्मीद को अपने कंधे पर उठाकर चल रहे हैं, आज उन्हें हमने ये सम्मान दिया है.
2015 का वर्ल्ड कप न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किया गया. ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को सात विकेटों से हराकर एक बार फिर ख़िताब पर कब्ज़ा जमाया.
वहीं 2019 का विश्व कप इंग्लैंड में खेला गया और इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड को हराकर पहली बार विश्व कप का ख़िताब जीता.
क्या भारत को मेज़बानी का फ़ायदा मिलेगा

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जिस तरह पिछले तीन बार मेज़बान टीम ने ही वर्ल्ड कप जीता है, क्या भारत को भी इसका फ़ायदा मिलेगा?
1987 के बाद से भारत हर वर्ल्ड कप में फ़ेवरिट टीम रही है और इस बार भी कुछ अलग नहीं है.
रोहित शर्मा की कप्तानी में एक मज़बूत भारतीय टीम विश्व कप में शिरकत कर रही है जिसने हाल ही में एशिया कप पर क़ब्ज़ा जमाया है.
भारतीय टीम बैटिंग और बॉलिंग दोनों ही में बैलेंस्ड है लेकिन हाल के दिनों में फ़ील्डिंग में उन्होंने कुछ कैच टपकाए हैं, ऐसा विश्व कप में करने की वो ग़लती नहीं कर सकते.
रोहित शर्मा और शानदार फ़ॉर्म में चल रहे शुभमन गिल टीम के मज़बूत और ऑक्रामक ओपनर्स हैं, वहीं मिडिल ऑर्डर में किंग कोहली का फ़ॉर्म भी दूसरी टीमों को डरा देने वाला है.
उनके अलावा सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन और केएल राहुल जैसे बल्लेबाज़ मिडिल ऑर्डर को संभालेंगे.
वहीं तेज़ गेंदबाज़ी में भारत के पास बुमराह, शमी, और सिराज की तिकड़ी मौजूद है लेकिन टीम शायद तीनों को एक साथ ना खिला सके क्योंकि इससे उनकी टेल-एंड बल्लेबाज़ी कमज़ोर हो जाती है.
टीम के पास अश्विन, जडेजा और कुलदीप यादव जैसे स्पिनर्स हैं जो भारतीय पिचों पर बेहद कारगर साबित होते रहे हैं.
वही ऑलराउंजर्स की बात करें तो हार्दिक पंड्या के अलावा जडेजा, अश्विन औऱ शार्दुल ठाकुर इस भूमिका में दिखेंगे.
कुल मिलकर ये मज़बूत भारतीय टीम है लेकिन इन्हें इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से कड़ी टक्कर मिलेगी.
पाकिस्तान की टीम के पास भी उलटफेर करने की ताक़त मौजूद है.
इस भारतीय टीम के कई खिलाड़ी जैसे रोहित शर्मा, विराट कोहली, अश्विन, शमी के लिए ये आख़िरी वर्ल्ड कप हो सकता है.
इसलिए वो जीत के साथ शानदार वनडे करियर का अंत करना चाहेंगे. ये इस बात पर भी निर्भर करेगा कि वो मेज़बानी के दबाव का किस तरह सामना करते हैं.

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