वेनेज़ुएला और गुयाना के बीच ऐसा क्या हुआ जिससे हरकत में आया ब्रिटेन

 एचएमएस ट्रेंट

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    • Author, जेम्स लेंडले
    • पदनाम, कूटनीतिक संवाददाता

बीबीसी को जानकारी मिली है कि ब्रिटेन अपने पूर्व उपनिवेश गुयाना के लिए राजनयिक और सैन्य समर्थन दिखाने के लिए वहां एक युद्धपोत भेजने की तैयारी कर रहा है.

पड़ोसी वेनेज़ुएला ने तेल और खनिजों से भरपूर गुयाना के एक विवादित हिस्से पर अपना दावा दोहराया है. इसके बाद से ब्रिटेन यह कदम उठा रहा है.

ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि युद्धपोत एचएमएस ट्रेंट क्रिसमस के बाद संयुक्त अभ्यास में शामिल होगा.

गुयाना राष्ट्रमंडल का सदस्य है. वह दक्षिण अमेरिका में अंग्रेज़ी बोलने वाला एकमात्र देश है.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की ओर से बनाए गए नए नक्शे का एक दीवार पर बना चित्र

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कैसा है एचएमएस ट्रेंट

एचएमएस ट्रेंट किनारे पर गश्त लगाने वाला एक जहाज़ है. इसे ड्रग तस्करों की तलाश के लिए कैरेबियन में तैनात किया गया था. इस महीने की शुरुआत में वेनेज़ुएला की सरकार की ओर से गुयाना के एस्सेक्विबो इलाके पर कब्जा करने की धमकी देने के बाद इसे फिर से काम दिया गया.

इससे यह आशंका पैदा हुई कि वेनेज़ुएला हमला कर सकता है. इससे 1982 में फॉकलैंड संघर्ष के बाद दक्षिण अमेरिका में पहला युद्ध भड़क सकता है.

वेनेजुएला काफी लंबे समय से 61,000 वर्ग मील के एस्सेकिबो इलाके पर अपना दावा करता आ रहा है. यह गुयाना का करीब दो-तिहाई हिस्सा है.

इस इलाके की पहाड़ियाँ और जंगल सोने, हीरे और बॉक्साइट से समृद्ध हैं. वहीं इसके तटों पर तेल के विशाल भंडार मिले हैं.

एक तरफ जहां गुयाना की अर्थव्यवस्था तेजी से रफ्तार पकड़ रही है. वहीं दूसरी तरफ वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था संकट में है.

गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली (बाएं) से मिलते वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो

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गुयाना पर वेनेज़ुएला में जनमत संग्रह

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने एस्सेक्विबो पर अपने देश के दावे पर समर्थन हासिल करने के लिए 3 दिसंबर को एक जनमत संग्रह कराया था.

इस जनमत संग्रह के परिणाम को बड़े पैमाने पर चुनौती दी गई. परिणामों को विवादित किया गया. इसके बाद भी मादुरो ने एस्सेक्विबो को वेनेजुएला के हिस्से के रूप में दिखाते हुए नए मानचित्र और कानून प्रकाशित किए. उन्होंने वहां के लिए एक नए गवर्नर का नाम दिया. उन्होंने कम आबादी वाले क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए पहचान पत्र देने की पेशकश की.

उन्होंने सरकारी तेल कंपनी को वहां से तेल निकालने के लिए लाइसेंस जारी करने का भी आदेश दिया है.

बाद में मादुरो ने गुयाना के राष्ट्रपति इरफ़ान अली से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने बल प्रयोग न करने पर सहमति जताई. लेकिन उन्होंने इलाके पर अपने दावे को दोहराया. दोनों पक्ष अभी इस बात पर असमंजस में हैं कि सीमा विवाद को कानूनी रूप से कैसे सुलझाया जाए.

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क्या क्या कर सकता है एचएमएस ट्रेंट

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रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया, "एचएमएस ट्रेंट अपने अटलांटिक गश्ती की तैनाती के दौरान क्षेत्र में कार्यक्रमों की एक सीरीज के हिस्से के रूप में इस महीने के अंत में क्षेत्रीय सहयोगी और राष्ट्रमंडल के सदस्य गुयाना का दौरा करेगा.''

एचएमएस ट्रेंट पर 65 सदस्यीय चालक दल तैनात है. इसकी अधिकतम गति 24 नॉटिकल मील और इसकी सीमा 5,000 समुद्री मील है.

यह 30 मिमी तोप से लैस है. इस पर रॉयल मरीन की एक टुकड़ी तैनात है. इस पर मर्लिन हेलीकॉप्टर और मानवरहित विमान भी तैनात किए जा सकते हैं.

एचएमएस ट्रेंट ने दिसंबर के शुरू में जिब्राल्टर के अपने घरेलू बंदरगाह को छोड़ा था. इस समय क्रिसमस के लिए बारबाडोस के ब्रिजटाउन में है.

उम्मीद की जा रही है कि एचएमएस ट्रेंट गुयाना की राजधानी जॉर्जटाउन में लंगर डालेगा. वह वहां गुयाना की नौसेना और अन्य सहयोगियों के साथ दौरा के साथ-साथ संयुक्त गतिविधियां और प्रशिक्षण आयोजित करेगा.

एचएमएस ट्रेंट का उपयोग प्रमुख तौर पर समुद्री डकैती और तस्करी से निपटने, मछलियों की रक्षा करने, आतंकवाद का मुकाबला करने, मानवीय सहायता प्रदान करने और खोज और बचाव के काम में किया जाता है. लेकिन रॉयल नेवी का कहना है कि इसे सीमा गश्ती और रक्षा कूटनीति के लिए भी तैयार किया गया है.

गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली के साथ डेविड रटली

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गुयाना के लिए ब्रिटेन की कोशिशें

गुयाना के लिए अंतरराष्ट्रीय राजनयिक समर्थन दिखाने के ब्रिटेन की बढ़ती कोशिशों के तहत ही एचएमएस ट्रेंट को वहां भेजने का फैसला लिया गया है.

विदेश मंत्री लॉर्ड कैमरन ने पिछले हफ्ते कहा था, ''ब्रिटेन गुयाना की क्षेत्रीय अखंडता को बरकरार रखने और तनाव को रोकने के लिए क्षेत्र में भागीदारों के साथ काम करना जारी रखेगा.''

अमेरिकी और कैरेबियाई देशों के लिए विदेश मंत्री डेविड रटली ने 18 दिसंबर को जॉर्जटाउन का दौरा किया था. वेनेज़ुएला की ओर से अपना दावा दोहराए जाने के बाद वो ऐसा करने वाले जी-7 के पहले प्रतिनिधि थे.

उन्होंने गुयाना को ब्रिटेन का स्पष्ट समर्थन देने का वादा किया. उन्होंने बल प्रयोग से बचने के वेनेजुएला के वादे का स्वागत किया.

उन्होंने कहा था, "सीमा मुद्दे को 120 साल से अधिक समय से सुलझाया जा चुका है. दुनिया में चाहे कहीं भी हों, संप्रभु सीमाओं का सम्मान किया जाना चाहिए.''

रटली ने कहा था, "गुयाना की क्षेत्रीय अखंडता को बरकरार रखने के लिए ब्रिटेन इस क्षेत्र में साझेदारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के जरिए काम करना जारी रखेगा."

वहीं वेनेजुएला के विदेश मंत्री यवन गिल ने ब्रिटेन पर इलाके को अस्थिर करने का आरोप लगाते हुए रटली की इस यात्रा की आलोचना की.

एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, "पूर्व आक्रांता और गुलाम बनाने वाले साम्राज्य, जिसने गुयाना एसेक्विबा के क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया और वेनेजुएला के हितों के खिलाफ कुशल और गुप्त रूप से काम किया, यह एक क्षेत्रीय विवाद में हस्तक्षेप करने पर जोर देता है, जिसे उन्होंने स्वयं पैदा किया."

वेनेजुएला उस सीमा को विवादित बताता है, जिसे 1899 में एक अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत बनाया गया था.

साल 1966 में आजादी हासिल करने से पहले गुयाना को ब्रिटिश गुयाना के नाम से जाना जाता था.

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