नेपाल के धरान शहर में गोहत्या को लेकर हुए विवाद के बाद तनाव का माहौल

नेपाल का धरान शहर
    • Author, बिक्रम निरौला
    • पदनाम, बीबीसी नेपाली के लिए, विराटनगर से

नेपाल के धरान शहर में स्थानीय प्रशासन द्वारा निषेधाज्ञा जारी करने के बाद स्थानीय निवासियों ने बताया कि शनिवार सुबह से ही वहां लोगों की आवाजाही कम है.

प्रतिबंध के कारण धरान के रास्ते कोशी राजमार्ग पर चलने वाली गाड़ियां नहीं चल रही हैं.

धरान के ट्रांसपोर्ट कारोबारी कुमार कार्की ने कहा कि धरान से अन्य स्थानों पर जाने वाले और अन्य स्थानों से धरान में दाखिल होने वाली गाड़ियों की आवाजाही लगभग ठप है.

धरान में बाज़ार खुला है. ऐसा कहा जा रहा है कि शहर में कहीं आने-जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टेम्पो और मोटरसाइकिल सहित कुछ निजी गाड़ियों को रोका नहीं जा रहा है.

धरान उपमहानगरपालिका के उपप्रमुख इंद्र विक्रम बेघा ने कहा, "धरान के लोगों ने निषेधाज्ञा का पालन किया है." स्थानीय लोगों ने बताया कि धरान शहर के दाखिल होने के रास्ते और मुख्य चौराहे पर सुरक्षाकर्मियों की भारी मौजूदगी थी.

नेपाल का धरान शहर

बहस और विवाद

कारोबारियों के अनुसार, इटहरी के रास्ते धरान जाने वाली सभी गाड़ियों को पुलिस ने इटहरी के तरहरा क्षेत्र में रोक कर वापस भेज दिया है.

धरान में विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा शनिवार को धार्मिक रैली आयोजित करने की तैयारी के बाद स्थानीय प्रशासन ने यहां शुक्रवार रात से शनिवार रात 12 बजे तक निषेधाज्ञा लागू करने का फ़ैसला किया है.

नेपाल के धरान में कुछ लोगों द्वारा गोमांस खाने को लेकर हुई बहस और विवाद के बाद हालात बिगड़ने से बचने के लिए प्रशासन ने ये कदम उठाया है.

सुनसरी के ज़िला प्रशासन कार्यालय ने कहा है कि राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक समारोहों जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

सुनसरी के पुलिस अधीक्षक प्रभु ढकाल ने कहा कि धरान के सभी प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

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शांति-सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि धरान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने के लिए पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है. उक्त विषय को लेकर संघीय संसद में भी चर्चा और चिंता व्यक्त की गई है.

स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि धरान में कुछ दिनों से चल रहे विवाद से शांति-सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव में खलल न पड़े, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

धरान में सक्रिय विभिन्न राजनीतिक दलों ने संयुक्त बयान जारी कर सभी से सामाजिक सौहार्द बनाये रखने की अपील की है.

गोमांस खाने की कथित घटना की व्याख्या एक पक्ष द्वारा उनकी जाति, संस्कृति और धर्मनिरपेक्षता द्वारा दिए गए अधिकार के रूप में की जा रही है.

लेकिन हिंदू समुदाय के कुछ लोग और कुछ धार्मिक संगठन इसे धार्मिक और सामाजिक सद्भाव को बाधित करने की कोशिश बता रहे हैं.

नेपाल का धरान शहर

'गोहत्या के खिलाफ प्रदर्शन'

एक हफ्ते पहले की बताई जा रही इस घटना का फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया गया है.

इसके बाद घटना के समर्थन और विरोध में सड़क पर प्रदर्शन हुए हैं. ये मामला सामने आने के बाद धरान में सामाजिक समरसता की पहल भी शुरू की गई है.

हिंदू धर्म से जुड़े विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में शनिवार को धरान में 'गोहत्या के खिलाफ प्रदर्शन' की घोषणा के साथ इसे रोकने की पहल की गई.

धरान की स्थानीय राजनीति में सक्रिय लोगों ने कहा है कि सभी पक्षों से चर्चा के बाद सामाजिक एकता बनाए रखने की पहल आगे बढ़ाई गई है.

धरान उपमहानगरपालिका के चार पूर्व प्रमुखों ने एक साझा बयान जारी कर कहा, "दूसरे समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने और सामाजिक सद्भाव को बाधित करने का यह कृत्य पहले कभी नहीं हुआ. धरान की खूबसूरती यहां का समाज और समुदाय है जिसने वर्षों से आपसी सौहार्द, भाईचारा और एकता कायम रखी है."

नेपाल

सर्वदलीय बैठक

धरान के शहर प्रमुख हर्क साम्पांग राई ने भी 'आपसी सद्भाव, भाईचारा और एकता बनाए रखने' की अपील जारी की है.

उन्होंने सोशल नेटवर्क फेसबुक पर लिखा, "आइए हम सामाजिक एकता और जातीय सद्भाव को तोड़ने का काम न करें, न करें."

पूर्व नगर प्रमुख तिलक राय ने बताया कि वे विभिन्न राजनीतिक दलों, संगठनों और अन्य इच्छुक पक्षों से बातचीत कर यह प्रयास कर रहे हैं कि वर्षों से चले आ रहे जातीय व धार्मिक सौहार्द में खलल न पड़े.

नेपाली कांग्रेस धरान के अध्यक्ष श्याम पोखरेल ने बीबीसी को बताया कि शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और पक्ष या विपक्ष में किसी भी तरह का प्रदर्शन नहीं करने का आग्रह किया जाएगा.

वीडियो कैप्शन, नेपाल में जड़ें जमा रही हिन्दुत्व की राजनीति का मुसलमानों पर कैसा असर

प्रशासन का क्या कहना है

स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि धरान में कुछ दिनों से चल रहे विवाद से शांति-सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव में खलल न पड़े, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने भी एहतियात बरता है. मुख्य जिला अधिकारी हुमकला पांडे द्वारा जारी निषेधाज्ञा में कहा गया है कि 'सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक सभाओं, रैलियों/सभाओं/प्रदर्शनों आदि सहित किसी भी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा.'

सुनसरी पुलिस अधीक्षक ढकाल ने कहा, "हम शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी के साथ समन्वय कर रहे हैं."

इससे पहले धरान में एक हिंदू मंदिर क्षेत्र के पास ईसाइयों के लिए चर्च के निर्माण को लेकर काफी विवाद हुआ था.

सामाजिक क्षेत्र के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय-समय पर उठने वाले ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक विवादों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो सामाजिक सौहार्द बिगड़ जाएगा और इसके समाज में बुरे परिणाम हो सकते हैं.

वीडियो कैप्शन, बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव और वीडियो जर्नलिस्ट मनीष जालुई की ये खास रिपोर्ट.

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