नेपाल की रतन कुमारी बनना चाहती हैं लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत
सुना हम सबने है कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती लेकिन करके दिखाया 80 साल की रतन कुमारी शुनुवार ने. वो पूर्वी नेपाल के दूर दराज़ के एक गांव रामेछाप से हैं.
बचपन में स्कूल जाने के बजाए खेतों में काम करना पड़ा, फिर शादी हो गई और बाद में बच्चों की देखभाल में लगी रहीं.
लेकिन बच्चों के बड़े हो जाने के बाद उन्होंने 54 साल की उम्र में फिर क़लम उठाई और पढ़ना शुरू किया.
रतन कुमारी कहती हैं कि वो नौकरी पाने के लिए पढ़ाई नहीं कर रहीं बल्कि वो उन लड़कियों को प्रेरणा देना चाहती हैं जिन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा. देखिए उनकी कहानी.
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